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“पुतिन को युद्ध रोकना होगा, वरना…” जेलेंस्की से मिलने के बाद ट्रंप की रूस को सख्त चेतावनी

दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर अपने संबोधन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने रूस-यूक्रेन के बीच जंग को रोकने पर चर्चा की. जेलेंस्की ने घोषणा की है कि यूक्रेन, रूस और अमेरिका शुक्रवार (23 जनवरी) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अपनी पहली त्रिपक्षीय बैठक करेंगे.

जेलेंस्की के साथ बैठक अच्छी रही: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनकी यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बैठक अच्छी रही और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनका संदेश है कि युद्ध समाप्त होना चाहिए. विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौटने से पहले ट्रंप ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज या कल पुतिन से मुलाकात करेगा.

उन्होंने कहा, ‘मेरी मुलाकात राष्ट्रपति जेलेंस्की से यहां हुई. बैठक अच्छी रही. हम (अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल) आज या कल राष्ट्रपति पुतिन से मिलेंगे.’’ बाद में, जेलेंस्की ने कहा कि उनकी ट्रंप के साथ बातचीत सकारात्मक रही. विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में अपने विशेष संबोधन के बाद जेलेंस्की ने कहा, ‘बैठक अच्छी रही और यह हमारे देश के हित में थी.’

उन्होंने कहा, ‘किसी भी राष्ट्रपति की तरह, मुझे अपने देश के हितों की रक्षा करनी होती है और इस तरह की बैठकें आम तौर पर कठिन होती हैं, लेकिन हां, आज की बैठक सकारात्मक रही.’ जेलेंस्की ने बताया कि पुतिन के साथ बैठक के अलावा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल यूक्रेन की टीम से भी अलग से मुलाकात करेगा और बाद में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अमेरिका, रूस और यूक्रेन की टीमों के बीच एक त्रिपक्षीय बैठक होने की उम्मीद है.

पुतिन को युद्ध को समाप्त करना होगा: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति से जब सवाल किया गया कि पुतिन के लिए उनका क्या संदेश है तो उन्होंने कहा, ‘युद्ध को समाप्त करना होगा. बहुत से लोग मारे गए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले महीने करीब 30,000 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर सैनिक थे. यह वास्तव में एक ऐसा युद्ध है जिसे खत्म होना ही चाहिए.’ ट्रंप ने युद्ध समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, ‘हमें इसे पूरा करना ही होगा. अगर हम इसे पूरा नहीं करते हैं तो यह शर्मनाक होगा.’

ट्रंप के करीबी जा सकते हैं रूस

अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के गुरुवार को पुतिन से मिलने और युद्ध समाप्त करने की योजनाओं पर चर्चा करने के लिए मॉस्को जाने की चर्चा थी. ट्रंप ने बुधवार को डब्ल्यूईएफ की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए दावा किया था कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए एक समझौते के काफी करीब हैं. हालांकि उन्होंने पहले सोचा था कि उनके लिए कुछ ही घंटों में इस पर समझौता करना आसान होगा.

ट्रंप चार साल से जारी युद्ध को समाप्त कराने की शर्तों पर जेलेंस्की और पुतिन को सहमत कराने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा था कि अगर पुतिन और जेलेंस्की इस युद्ध को अब खत्म नहीं करते हैं तो वे ‘बेवकूफ’होंगे और वह जानते हैं कि वे ऐसा नहीं हैं. ट्रंप ने जिक्र किया वह युद्धों को सुलझाने में माहिर हैं, हालांकि यह काम संयुक्त राष्ट्र को करना चाहिए.

पुतिन-जेलेंस्की के बीच नफरत अच्छी बात नहीं: ट्रंप

उन्होंने कहा, ‘युद्ध को रोकना ही होगा. इससे कई जानें बचेंगी, लाखों जानें बचेंगी. यूक्रेन और रूस के बीच, राष्ट्रपति जेलेंस्की और राष्ट्रपति पुतिन के बीच इतनी नफरत अच्छी बात नहीं है. यह समझौतों के लिए अच्छा नहीं है.’वट्रंप ने कहा, ‘कई बार हमने रूस के साथ करार किया, लेकिन जेलेंस्की सहमत नहीं हुए. यह एक बहुत ही मुश्किल संतुलन है.’

उन्होंने कहा, ‘यह खून-खराबा है, जो हो रहा है वह भयानक है. ड्रोन हर हफ्ते हजारों लोगों को मार रहे हैं. हमें इसे रोकना होगा.’ इससे पहले जेलेंस्की ने कहा था कि उनके दूत अमेरिकी अधिकारियों के साथ प्रस्तावित शांति समझौते के दस्तावेजों को अंतिम रूप देने का प्रयास करेंगे, जो युद्ध के बाद की सुरक्षा गारंटी और आर्थिक सुधार से संबंधित हैं.

“ग्रीनलैंड डील का फ्रेमवर्क…” ट्रंप का बड़ा यू-टर्न, यूरोपीय देशों पर से टैरिफ हटाया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ धमकी पर यू टर्न लेते हुए यूरोप के आठ देशों पर प्रस्तावित टैरिफ को वापस लेने का ऐलान किया है. यह टैरिफ 1 फरवरी से लागू होने थे. ट्रंप ने दावोस में नाटो महासचिव मार्क रूटे से हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर सकारात्मक बातचीत हुई है. भविष्य की डील का एक फ्रेमवर्क तय किया गया है. इसके चलते ही फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, डेनमार्क, स्वीडन, नॉर्वे और नीदरलैंड समेत आठ देशों पर 10% से 25% तक बढ़ने वाले टैरिफ नहीं लगाए जाएंगे. इन बातचीत की जिम्मेदारी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रूबियो को सौंपी गई है.

ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ पर शेयर किया पोस्ट

ट्रंप ने ट्रूथ सोशल मिडिया साइट्स पर एक पोस्ट कर लिखा कि हमने ग्रीनलैंड और पूरे आर्कटिक क्षेत्र के बारे में भविष्य की डील का फ्रेमवर्क बनाया है.  प्रस्तावित फ्रेमवर्क अमेरिका और उसके नाटो सहयोगियों दोनों के लिए अच्छा होगा. इसलिए टैरिफ हटाने का फैसला किया है.

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ग्रीनलैंड के मुद्दे पर बातचीज जारी रहेगी

उन्होंने ग्रीनलैंड मुद्दे पर बताया कि ग्रीनलैंड से जुड़े गोल्डेन डोम पर बातचीत जारी है. इसका नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रूबियो और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ करेंगे. जरूरत पड़ने पर दूसरे अधिकारी भी शामिल होंगे और उन्हें सीधे रिपोर्ट करेंगे.

‘मैं जो मांग रहा हूं, वह सिर्फ बर्फ का ठंडा और खराब टुकड़ा है’

इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं जो मांग रहा हूं, वह बर्फ का ठंडा और खराब जगह पर पड़ा टुकड़ा है. यह दुनिया की शांति और सुरक्षा में अहम भूमिका निभा सकता है. हमारी बहुत छोटी मांग है. उन्हें हमने कई दशकों से दिया है. हमें कुछ नहीं मिलेगा. जहां हम सच में अजेय होंगे, वहां मैं बहुत ज्यादा ताकत और बल का इस्तेमाल करने का फैसला नहीं करता. मैं ऐसा नहीं करूंगा, ठीक है? मुझे ऐसा करने की जरूरत नहीं है. मैं बल का इस्तेमाल नहीं करना चाहता.

विरोध करने वाले ईयू देशों पर टैरिफ लगाने की दी थी धमकी

दरअसल, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड पर कंट्रोल करने की अपनी योजना का विरोध करने के वाले यूरोपीय देशों पर 10% टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, यूके, डेनमार्क, स्वीडन, नार्वे, नीदलैंड्स से आने वाले सामान पर 10% टैरिफ लगाने का फैसला किया था. साथ ही जून में इसे बढ़ाकर 25% करने की चेतावनी दी थी.

Which Meat Is Better For Protein Intake: चिकन या मटन—किस नॉनवेज में ज्यादा प्रोटीन होता है और सेहत के लिए कौन-सा बेहतर माना जाता है?

प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है, लेकिन हर प्रोटीन स्रोत एक जैसा फायदेमंद नहीं होता. खासकर जब बात नॉन-वेज प्रोटीन की आती है, तो अक्सर यह सवाल उठता है कि चिकन बेहतर है या मटन. दोनों ही लोकप्रिय हैं, लेकिन सेहत के लिहाज से इनमें बड़ा फर्क माना जाता है. चलिए आपको बताते हैं कि आपके लिए कौन सा फायदेमंद माना जाता है.

मटन में प्रोटीन के साथ फैट भी ज्यादा

अक्टूबर 2024 में आई एक स्टडी, जिसका ज़िक्र नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में मिलता है उसमें में हाई-फैट डाइट का असर चूहों पर देखा गया. इस रिसर्च में 60 एल्बिनो चूहों को अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया और उनके वजन, कैलोरी इनटेक, ब्लड रिपोर्ट और लिवर की स्थिति का स्टडी किया गया. नतीजों में सामने आया कि जिन चूहों को मटन फैट दिया गया, उनमें कैलोरी इनटेक और वजन दोनों ज्यादा बढ़े. इसके अलावा ब्लड शुगर लेवल बढ़ा, ग्लूकोज़ टॉलरेंस खराब हुई और ट्राइग्लिसराइड्स, कोलेस्ट्रॉल व एलडीएल का स्तर भी ऊपर चला गया, जबकि एचडीएल कम पाया गया. लिवर से जुड़े एंजाइम भी बढ़े, जो लिवर पर निगेटिव असर का संकेत है. इन निष्कर्षों से यह साफ होता है कि मटन सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि फैट भी काफी मात्रा में देता है, जो लंबे समय तक नियमित सेवन में नुकसानदेह हो सकता है.

चिकन हल्का और लीन प्रोटीन

अब बात करते हैं चिकन की. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, चिकन में कैलोरी की मात्रा उसके हिस्से पर निर्भर करती है. ब्रेस्ट में सबसे ज्यादा प्रोटीन होता है, इसके बाद थाई, विंग्स और ड्रमस्टिक आते हैं. इसके बावजूद चिकन को हाई-कैलोरी मीट नहीं माना जाता है.  नेशनल चिकन काउंसिल के अनुसार, चिकन एक लीन प्रोटीन है, यानी इसमें फैट की मात्रा कम होती है. इसमें कार्बोहाइड्रेट और फाइबर नहीं होते, जिससे यह उन लोगों के लिए भी बेहतर विकल्प बन जाता है, जिन्हें डाइट को लेकर सावधानी रखनी पड़ती है. इसके अलावा चिकन में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल भी कम होता है, इसलिए हार्ट से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों के लिए इसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है.

सेहत के लिहाज से कौन बेहतर?

अगर दोनों की तुलना की जाए, तो साफ है कि नियमित सेवन के लिए चिकन, मटन से ज्यादा बेहतर विकल्प है. मटन कभी-कभार और सीमित मात्रा में लिया जाए तो ठीक है, लेकिन रोजमर्रा की डाइट में चिकन ज्यादा संतुलित और हल्का प्रोटीन देता है. यानी प्रोटीन के साथ सेहत को प्राथमिकता देनी हो, तो चिकन को प्राथमिकता मिलती है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

लखनऊ: आलमबाग के तालकटोरा रोड पर नगर निगम की कार्रवाई से व्यापारियों में रोष, सील दुकानों को खोलने व किराया घटाने की मांग

  • तालकटोरा रोड आलमबाग में नगर निगम जोन-5 की कार्रवाई से कई दुकानों को बिना पूर्व सूचना सील किया गया।
  • गुरुवार बाजार बंदी के दिन सुबह 8:30 बजे की गई कार्रवाई से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया।
  • व्यापारियों ने दुकानों की गलत नपाई और अत्यधिक किराया बढ़ाने का आरोप लगाया।
  • जिलाधिकारी के किराया निस्तारण संबंधी निर्देशों की अनदेखी का भी आरोप लगाया गया।
  • व्यापारियों ने नगर आयुक्त से सील दुकानें खोलने, किराया घटाने और पुनः नपाई कराने की मांग की।

लखनऊ: आलमबाग स्थित तालकटोरा रोड पर नगर निगम जोन-5 की ओर से की गई कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। गुरुवार सुबह करीब 08:30 बजे नगर निगम के अधिकारियों ने दल-बल के साथ कई दुकानों को सील कर दिया। व्यापारियों का आरोप है कि यह कार्रवाई बिना पूर्व सूचना के की गई, जबकि गुरुवार बाजार बंदी का दिन होता है।

व्यापारियों के अनुसार, जिस समय कार्रवाई की गई उस वक्त अधिकांश दुकानदार अपने निजी कार्यों में व्यस्त थे। ऐसे में अचानक की गई सीलिंग से व्यापारिक गतिविधियों को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

किराया निर्धारण और नपाई में गड़बड़ी का आरोप

व्यापारियों ने बताया कि हाल ही में बाजार में किराया दरों की नई सूची जारी की गई है, जिसमें किराया अत्यधिक बढ़ा दिया गया है। इसके साथ ही दुकानों की गलत नपाई कर किराया तय किया गया है, जिससे व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
व्यापारियों का यह भी कहना है कि कुछ दुकानदारों को तीन दिन पहले किराया निर्धारण की रसीदें दी गई थीं, जिनमें किराए की राशि असामान्य रूप से अधिक दर्शाई गई है।

जिलाधिकारी के निर्देशों की अनदेखी का आरोप

व्यापारियों का दावा है कि किराया निर्धारण को लेकर लखनऊ जिलाधिकारी द्वारा संबंधित जोनल अधिकारियों को उद्योग बैठक में निस्तारण के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके नगर निगम के अधिकारी उन आदेशों की अनदेखी करते हुए एकतरफा कार्रवाई कर रहे हैं।

नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

समस्त व्यापारियों की ओर से नगर आयुक्त, लखनऊ को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की गई है कि-

  • सील की गई दुकानों को तत्काल प्रभाव से पुनः खोला जाए.
  • दुकानों का किराया कम किया जाए.
  • सभी दुकानों की पुनः सही तरीके से नपाई कराई जाए.
  • व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई प्रतिलिपि

इस प्रकरण की प्रतिलिपि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को भी प्रेषित की गई है, व्यापारियों ने प्रशासन से न्यायोचित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि वे हमेशा सहयोग के लिए तैयार हैं, लेकिन अन्याय को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

आरडब्ल्यूए के प्रबुद्ध मतदाता तय करते हैं देश की राजनीतिक दिशा : डॉ. राजेश्वर सिंह

  • मेधावियों को लैपटॉप-साइकिल, RWAs को स्पोर्ट्स किट और लाइब्रेरी की सौगात
  • सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों संग बैठक कर मतदाता जागरूकता और SIR प्रक्रिया पर चर्चा की।
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि RWA के प्रबुद्ध मतदाता देश की राजनीतिक और राष्ट्रीय दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
  • कार्यक्रम में 20 मेधावियों को लैपटॉप और साइकिल देकर सम्मानित किया गया, अब तक 1800 से अधिक मेधावी सम्मानित हो चुके हैं।
  • विधायक द्वारा 32 RWAs को स्पोर्ट्स किट और 12 RWAs में पुस्तकालयों का लोकार्पण किया गया।
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और ग्रीन एनर्जी को RWA विकास का केंद्र बताते हुए व्यापक विजन साझा किया गया।

लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने गुरुवार को वृन्दावन योजना अंतर्गत इब्राहिमपुर द्वितीय एवं खरिका द्वितीय वार्ड के हाई-राइज अपार्टमेंट्स और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। एसकेडी अकैडमी ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक के दौरान SIR प्रक्रिया, नव मतदाता पंजीकरण, मतदाता स्थानांतरण, मतदाता जागरूकता, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रबुद्ध मतदाताओं पर राष्ट्र को दिशा देने की जिम्मेदारी

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि राष्ट्र को सही दिशा देने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रबुद्ध मतदाताओं पर होती है। उन्होंने कहा कि जहां ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता आज भी बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी समस्याओं को ध्यान में रखकर मतदान करते हैं, वहीं RWA और हाई-राइज अपार्टमेंट्स के जागरूक मतदाता ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण, विदेश नीति, ट्रेड वार और टैरिफ वार जैसे दूरगामी राष्ट्रीय-वैश्विक मुद्दों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
डॉ. सिंह ने जाति और भाषा की राजनीति कर देश को विभाजित करने वाली ताकतों से लोकतंत्र की रक्षा को RWA क्षेत्रों के मतदाताओं की जिम्मेदारी बताया। साथ ही शहरी क्षेत्रों में कम मतदान प्रतिशत पर चिंता जताते हुए प्रत्येक पात्र नागरिक से मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और मतदान अवश्य करने की अपील की।

मेधावियों का सम्मान, समाज के लिए प्रेरणादायक पहल

इस अवसर पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। बोर्ड परीक्षा में 90 से 100 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले 10 मेधावियों को लैपटॉप तथा 80 से 90 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले 10 मेधावियों को साइकिल प्रदान की गई। डॉ. सिंह ने कहा कि मेधावी विद्यार्थी समाज के रोल मॉडल होते हैं और उनका सार्वजनिक सम्मान पूरे समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उल्लेखनीय है कि विधायक अब तक 1800 से अधिक मेधावियों को सम्मानित कर चुके हैं।

स्वस्थ युवा, सशक्त समाज : 32 RWAs को स्पोर्ट्स किट

स्वस्थ शरीर में ही सशक्त मस्तिष्क का विकास होताआरडब्ल्यूए के प्रबुद्ध मतदाता तय करते हैं देश की राजनीतिक दिशा : डॉ. राजेश्वर सिंह है – इसी सोच के साथ विधायक द्वारा 32 आरडब्ल्यूए को स्पोर्ट्स किट प्रदान की गई। डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि अब तक सरोजनीनगर में 268 यूथ क्लब (बालक-बालिका) गठित किए जा चुके हैं, जहां कैरम, वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट सहित विभिन्न खेलों की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह पहल क्षेत्र में फिट, एक्टिव और अनुशासित युवा पीढ़ी के निर्माण की मजबूत नींव रख रही है।

पुस्तकालय बन रहे बौद्धिक केंद्र

ज्ञान को समाज की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने गुरुवार को 12 आरडब्ल्यूए में पुस्तकालयों का लोकार्पण किया।
इन पुस्तकालयों में ज्ञान, विज्ञान, भारतीय संस्कृति, राष्ट्रनिर्माण और महापुरुषों की जीवनियों से संबंधित प्रेरणादायक पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही अब तक सरोजनीनगर क्षेत्र की 54 RWAs में पुस्तकालयों की स्थापना की जा चुकी है, जो बौद्धिक संवाद और अध्ययन के केंद्र बन रहे हैं।

RWA को लेकर विधायक का विजन : शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य और ग्रीन एनर्जी

डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि सरोजनीनगर में अब तक 95 ओपन एयर जिम स्थापित किए जा चुके हैं तथा 38 नए ओपन एयर जिम एलडीए के सहयोग से शीघ्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 120 स्थानों पर झूले लगवाए जा चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में लखनऊ में 19 कम्युनिटी सोलर पार्क, जिनमें से 9 सरोजनीनगर में और 8 RWAs में स्थित हैं। प्रत्येक RWA में कम्युनिटी सोलर पार्क स्थापित करने के उद्देश्य से वित्त मंत्री को 90 प्रतिशत सब्सिडी के लिए पत्र भी लिखा गया है।

सरोजनीनगर विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा

इस दौरान उपस्थित क्षेत्रवासियों को सरोजनीनगर में सरकार और CSR फंड से संचालित विकास कार्यों की विवरणिका भी वितरित की गई।
जिसमें 7000 करोड़ की अनंत नगर आवासीय परियोजना, 1287 करोड़ का कन्वेंशन सेंटर, 1000 करोड़ का अशोक लीलैंड EV प्लांट, 1500 एकड़ में एयरो सिटी, डिफेंस कॉरिडोर, BrahMos मिसाइल निर्माण इकाई, तथा पिछले तीन वर्षों में 32,000 करोड़ की 4118 विकास परियोजनाओं की स्वीकृति सहित कई ऐतिहासिक उपलब्धियां शामिल रहीं।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में एसकेडी संस्था के डायरेक्टर मनीष सिंह, शिव प्रकाश मिश्रा, प्रणव अग्निहोत्री, रमेश सिंह चौहान, विनोद मौर्या, संजीव अवस्थी, शंकरी सिंह, सांवलिया सिंह, शैलेन्द्र सिंह, विशाल सक्सेना, आमोद कुमार, महेंद्र सिंह, ब्रजेश शुक्ला, सुधा सिंह, अखिलेश सिंह, जितेंद्र सिंह, एस.के. सिंह, मनोज रावत, रंजना मिश्रा, सुमन सिंह, के.एन. सिंह, रमा शंकर त्रिपाठी सहित अन्य भाजपा पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।