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लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “मन की बात” का कार्यक्रम आज

  • रविवार सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम
  • लखनऊ में जनप्रतिनिधियों संग बूथ स्तर पर सुना जाएगा
  • प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष आनंद होंगे शामिल
  • सेंट जोसेफ इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल
  • डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक खुशी विहार मानक नगर में सुनेंगे

कट्टरपंथ का समर्थन करने वाले राजनीतिक दल उन्नत समाज और राष्ट्र निर्माण में बाधक- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • कट्टरपंथियों द्वारा स्कूलों में रविवार की जगह शुक्रवार को छुट्टी की मांग पर विधायक राजेश्वर सिंह ने जताई चिंता, ट्वीट कर कहा कोमल मन को विभाजित करना दुर्भाग्यपूर्ण
  • उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि तुष्टिकारक की राजनीति भारत की संस्कृति, संविधान और अस्तित्व सभी के लिए घातक
  • कट्टरपंथियों के पीछे खड़े प्रगतिशील मुसलमान अफगानिस्तान को याद करें, जब तालिबानी सत्ता आने के बाद उन्हें देश छोड़ने पर विवश होना पड़ा था
  • वर्ष 1950 से 2015 के बीच देश में हिंदू आबादी 7.82% तक घटना और मुस्लिम आबादी में 43.15% की वृद्धि चिंताजनक

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शनिवार को अल्पसंख्यक बाहुल्य कुछ इलाकों में अभिभावकों द्वारा स्कूलों में रविवार की जगह शुक्रवार को साप्ताहिक आवकाश की मांग करने और शुक्रवार को बच्चों को विद्यालय न भेजने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों के कोमल मन और शिक्षा को धर्म, संप्रदाय व कट्टरपंथ के आधार पर विभाजित करना दुर्भाग्यपूर्ण है। बच्चे देश का भविष्य हैं, उनके भविष्य को तुष्टिकरण की राजनीति की बलि नहीं चढ़ाना चाहिए, जो भी राजनीतिक दल ऐसी घटनाओं को प्रोत्साहित करते हैं या उनका खंडन नहीं करते वे उन्नत समाज और राष्ट्र निर्माण में बाधक हैं।

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के 2 स्कूलों में मुस्लिम बच्चों की बाहुल्यता होने पर उनके अभिभावकों द्वारा शासन के आदेश को दरकिनार कर रविवार की जगह शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश का दबाव बनाए जाने के एक समाचार पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने आधिकारिक एक्स( ट्विटर) पर लिखा यह घटना देश की पहली घटना नहीं है, इस से पहले से ही झारखंड के जामताड़ा में और अन्य कुछ स्कूलों में शुक्रवार को साप्ताहिक अवकाश मनाया जाता रहा है। अभिभावकों द्वारा रविवार के स्थान पर शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी की मांग करना और शुक्रवार को बच्चे विद्यालय न भेजना ये प्रमाण है भारतीय विधान और संवैधानिक मूल्य तभी तक सुरक्षित हैं, जब तक देश की जनसांख्यिकी संतुलित है।

जनसांख्यिकी के आकंडे प्रस्तुत करते हुए विधायक ने आगे लिखा वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार आजादी के बाद झारखंड के संथाल परगना में हिंदू आबादी 22.42% घट गई, वर्ष 2001 में राज्य में 36% आदिवासी थे जो अब घटकर 26% ही रह गए हैं, झारखंड के 25 विधानसभा क्षेत्रों में मुस्लिम जनसंख्या 125% तक बढ़ गई है। राष्ट्रीय स्तर पर भी वर्ष 1950 से 2015 के बीच हिंदू जनसंख्या 7.82% तक घट जाना और मुस्लिम जनसंख्या में 43.15% वृद्धि चिंताजनक है।

मुस्लिम कट्टरपंथियों को आड़े हाथो लेते हुए डॉ. सिंह ने आगे लिखा कट्टरपंथियों द्वारा संविधान की अवहेलना भारत में एक दुखद परंपरा बन गई है, जिसके सामने प्रगतिशील मुसलमान भी घुटने टेक रहे हैं और ऐसी घटनाओं के विरुद्ध कोई आवाज नहीं उठा रहा है। ‘अति सर्वत्र वर्जयेत्’ प्रगतिशील, उदारवादी मुस्लिमों को भी अफगानिस्तान का वह दृश्य कभी नहीं भूलना चाहिए जब कट्टरपंथी तालिबान राज आने के बाद देश छोड़ने वालों की लाइन लग गई, जितने लोग हवाई जहाज के अंदर बैठ कर देश छोड़ रहे थे, उस से कहीं ज्यादा तो जहाज के ऊपर बैठकर देश से भागना चाह रहे थे।

विधायक ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर आरोप लगाते हुए आगे लिखा तुष्टीकरण की राजनीति के चलते झामुमो सरकार ने पहले तो इन असंवैधानिक कृत्यों को प्रोत्साहित किया, फिर इस से आगे बढ़ते हुए सभी जिलों में उर्दू को स्थानीय भाषा के रूप में मान्यता प्रदान कर दी है। ये तुष्टिकारक की राजनीति भारत की संस्कृति, संविधान और देश के अस्तित्व सभी के लिए घातक है।

यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा के बाद भावुक PM मोदी ने कीव से किया प्रस्थान, जगा दी युद्ध के खात्मे की उम्मीद

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा के बाद कीव से प्रस्थान कर गए हैं। यूक्रेन की आजादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली कीव यात्रा थी। इस दौरान पीएम मोदी करीब 8 घंटे कीव में रहे। उन्होंने युद्ध में शहीद हुए बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। ऐसे वक्त में पीएम मोदी और जेलेंस्की बेहद भावुक हो गए। यूक्रेन में रहने के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की के साथ ‘‘सार्थक वार्ता’’ की और रूस के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने में व्यक्तिगत रूप से योगदान देने का आश्वासन दिया। उन्होंने यूक्रेन छोड़ते-छोड़ते युद्ध खात्मे की भी उम्मीद जगा दी है। जेलेंस्की ने भी इस बात को माना है कि भारत अपना रुख बदल दे तो जंग खत्म हो सकती है। 

पीएम मोदी ने कीव से रवानगी से पहले रूस और यूक्रेन को बातचीत की मेज पर आने का प्रस्ताव दिया। पीएम मोदी ने यूक्रेन की धरती से विदा लेने से पहले युद्ध के खात्मे की उम्मीद भी जगा दी। पीएम मोदी की यह यात्रा रूस की यात्रा के ठीक 6 हफ्ते बाद हुई है। मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से भी बातचीत के जरिये युद्ध में शांति लाने की अपील की थी। अब ऐसा माना जा रहा है कि पीएम मोदी की अपील पर दोनों देश बातचीत की दहलीज तक पहुंच सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह दुनिया का सबसे बड़ा करिश्मा होगा। 

यूक्रेन में रहने के दौरान पीएम मोदी ने कई बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ रूस-यूक्रेन युद्ध समेत कई अन्य मुद्दों पर गंभीर वार्ता की। इस दौरान भारत और यूक्रेन में 4 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए। युद्ध पीड़ितों को चिकित्सीय सहायता के लिए PM मोदी ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को भीष्म क्यूब भी भेंट किया। कीव से विदा लेने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने ‘X’ पर लिखा, ‘‘यूक्रेन की मेरी यात्रा ऐतिहासिक रही। मैं भारत-यूक्रेन मित्रता को और गहरा करने के उद्देश्य से इस महान देश में आया हूं। राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ मेरी सार्थक बातचीत हुई”।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत का दृढ़ विश्वास है कि शांति हमेशा बनी रहनी चाहिए। मैं यूक्रेन की सरकार और लोगों को उनके आतिथ्य के लिए धन्यवाद देता हूं। इससे पहले दिन में, मोदी ने यहां राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ व्यापक वार्ता की और यूक्रेन तथा रूस के बीच जारी संघर्ष का समाधान निकालने के लिए एक-दूसरे से बातचीत की जरूरत पर बल दिया और कहा कि भारत, शांति के हर प्रयास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। रूस ने 24 फरवरी, 2022 को यूक्रेन पर हमला किया था। तब से लेकर अभी तक दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। PM मोदी सुबह एक विशेष ट्रेन से कीव पहुंचे थे।

लखनऊ: संजय कुमार सिंह ने संभाला एलडीए में नजूल अधिकारी का पदभार

लखनऊ : प्रदेश सरकार ने हाल ही में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में नजूल अधिकारी के महत्वपूर्ण पद पर उपजिलाधिकारी संजय कुमार सिंह की नियुक्ति की है। यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश शासन के नियुक्ति अनुभाग तीन द्वारा की गई है।

संजय कुमार सिंह ने अपने नए पद का कार्यभार संभाल लिया है और अब से वह नजूल अधिकारी के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। इस नई जिम्मेदारी के तहत, संजय कुमार को एलडीए में नजूल संबंधी मामलों की देखरेख करनी होगी, जिसमें सरकारी भूमि और उससे संबंधित विभिन्न मुद्दों का प्रबंधन शामिल है।

संजय कुमार सिंह इससे पहले लोकसभा सामान्य निर्वाचन 2024 के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में तैनात थे। वहां उन्होंने महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों को निभाया और निर्वाचन से जुड़े कार्यों का सफलतापूर्वक संचालन किया।

संजय कुमार की प्रशासनिक दक्षता और पूर्व के अनुभवों का लाभ लखनऊ विकास प्राधिकरण को मिलेगा। एलडीए के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी उनका स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

TWEET: अखिलेश यादव के आरोप का डॉ०राजेश्वर सिंह ने दिया जवाब, सपा शासनकाल का काला चिट्ठा किया सार्वजनिक

  • सपा प्रमुख ने भाजपा पर कसा व्यंग तो सरोजनीनगर नगर विधायक ने खोल दिया सपा सरकार का काला चिट्ठा
  • उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा: दीवार से कूदे भ्रष्ट दारोगा भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी सपा सरकार की देन
  • डॉ०सिंह ने कहा सपा सरकार की परिवारवादी नीति ने यूपी पुलिस में उगा दिया था भ्रष्टाचार का वटवृक्ष
  • उन्होंने खुलासा करते हुए बताया: CAG ने पकड़ी सपा सरकार में 97,000 की लूट, हाईकोर्ट को हटाना पड़ा था UPPSC चेयरमैन, सपा के भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त जनता को अब भी याद
  • उन्होंने याद दिलाते हुए कहा कि सपा सरकार में कोई विभाग बचा नहीं जिसमें घोटाला न हुआ हो
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा किया गया TWEET

लखनऊ: सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह के बीच शुक्रवार को ट्विटर वार देखने को मिला। सुबह सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्वीट कर पुलिस विभाग से जुड़ी एक खबर पर चुटकी ली तो डॉ. राजेश्वर सिंह ने सपा सरकार के काले कारनामों की लंबी फेहरिस्त पेश कर सपा प्रमुख को आड़े हाथों लिया।

2005 से 2007 तक समाजवादी पार्टी की सरकार ने पैसा और भाई-भतीजावाद की फ़ेहरिस्त बना कर भ्रष्टाचार की जो पौध यूपी पुलिस में भर्ती कर उगाई, वो अब वटवृक्ष बन गई है। योगी सरकार को अब इन रक्तबीजों का संहार करना मजबूरी है।थाने की दीवार कूदने वाला ये भ्रष्ट दरोग़ा, 2005 की भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी सपा सरकार की देन है जिसके बारे में आप लंबा चौड़ा ट्वीट कर रहे हैं।

अब जब बात भ्रष्टाचार की चली ही है तो सपा सरकार की भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त तो प्रदेश की जनता को भी याद है। उन्होंने न सिर्फ सपा सरकार के समय के सभी घोटालों को बताया बल्कि पूरी लिस्ट ही रख दिया। डॉ. सिंह ने सपा पर तीखा हमला करते हुए आगे लिखा अब जब बात भ्रष्टाचार की चली ही है तो सपा सरकार की भ्रष्टाचार की लंबी फेहरिस्त तो प्रदेश की जनता को भी याद है। ₹4,500 करोड़ का साइकिल ट्रैक विकास घोटाला, ₹4,000 करोड़ का खनन घोटाला, 2,500 करोड़ का एलडीए भूमि आवंटन घोटाला, 1,500 करोड़ का स्टेट हाइवे घोटाला, 1,400 करोड़ का गोमती रिवरफ्रंट घोटाला, 1,000 करोड़ का स्वास्थ्य विकास घोटाला, 800 करोड़ का जिला पंचायत प्रोजेक्ट घोटाला, 300 करोड़ का लैपटॉप वितरण घोटाला। पिछली सभी सपा सरकारों में कोई विभाग बचा नहीं जिसमें घोटाला हुआ न हो।

सरकारी योजनाओं के नाम पर ₹97,000 करोड़ की भारी लूट की गई, जिसका पर्दाफाश देश की प्रमुख ऑडिट एजेंसी, CAG की 2018 की रिपोर्ट में हुआ। तो जब खुद के घर में घोटालों की फसल लहलहा रही हो, तो दूसरों को नैतिकता की उपदेश देना हास्यास्पद है। पुलिस भर्ती में लुटेरों को वर्दी पहनाना, और अपने ही लोगों को पदों पर बैठाना, सपा सरकार का तो असली ‘विकास’ मॉडल ही यही था।

डॉक्टर राजेश्वर सिंह ने आगे बताया कि यूपीपीएससी भर्ती घोटाले में 86 चयनित उम्मीदवारों में से 50 एक ही जाति के थे। आपराधिक पृष्ठभूमि ऐसे लोगों को भी सिपाही बना दिया गया था, जिन पर छेड़खानी, दहेज हत्या, मारपीट, लूट और चोरी जैसे गंभीर आरोप में मुकदमें दर्ज थे। आपकी सरकार में हुई 600 से अधिक भर्तियों को रद्द करवाने और जांच की मांग को लेकर करीब 700 से अधिक याचिकाएं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। Chairman UP public service commission को हाईकोर्ट को हटाना पड़ा था और उसके ख़िलाफ़ कोर्ट को सीबीआई जाँच के आदेश देने पड़े थे। जब अंधेरा ही उजाले का ठेकेदार बन जाए, तो उजाला किसे नसीब होगा? यही हाल सपा के राज में यूपी का था।

नहीं चाहिए सपा का गुंडाराज़ और माफियाराज

सरोजनीनगर विधायक ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा, 2005 से 2007 तक समाजवादी पार्टी की सरकार ने पैसा और भाई-भतीजावाद की फ़ेहरिस्त बना कर भ्रष्टाचार की जो पौध यूपी पुलिस में भर्ती कर उगाई, वो अब वटवृक्ष बन गई है। योगी सरकार को अब इन रक्तबीजों का संहार करना मजबूरी है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सपा प्रमुख को याद दिलाया थाने की दीवार कूदने वाला ये भ्रष्ट दरोग़ा, 2005 की भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी सपा सरकार की देन है जिसके बारे में आप लंबा चौड़ा ट्वीट कर रहे हैं। डॉ.सिंह यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे जोड़ा सरकारी योजनाओं के नाम पर ₹97,000 करोड़ की भारी लूट की गई, जिसका पर्दाफाश देश की प्रमुख ऑडिट एजेंसी, CAG की 2018 की रिपोर्ट में हुआ। तो जब खुद के घर में घोटालों की फसल लहलहा रही हो, तो दूसरों को नैतिकता की उपदेश देना हास्यास्पद है।

विधायक ने सपा प्रमुख को याद दिलाया पुलिस भर्ती में लुटेरों को वर्दी पहनाना, और अपने ही लोगों को पदों पर बैठाना, सपा सरकार का तो असली ‘विकास’ मॉडल ही यही था। यूपीपीएससी भर्ती घोटाले में 86 चयनित उम्मीदवारों में से 50 एक ही जाति के थे। आपराधिक पृष्ठभूमि वालों भी सिपाही बना दिया गया था, जिन पर छेड़खानी, दहेज हत्या, मारपीट, लूट और चोरी जैसे गंभीर आरोप में मुकदमें दर्ज थे। आपकी सरकार में हुई 600 से अधिक भर्तियों को रद्द करवाने और जांच की मांग को लेकर करीब 700 से अधिक याचिकाएं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष को हाईकोर्ट द्वारा हटाना पड़ा था और उसके ख़िलाफ़ सीबीआई जाँच के आदेश देने पड़े थे। जब अंधेरा ही उजाले का ठेकेदार बन जाए, तो उजाला किसे नसीब होगा? यही हाल सपा के राज में यूपी का था।

गौरतलब है कि शुक्रवार को सपा प्रमुख ने बरेली में एक इंस्पेक्टर के दीवार कूदकर भागने की खबर को ट्वीट कर भाजपा सरकार पर व्यंग कसा था। जिस पर उत्तर देते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने ट्वीट कर सपा सरकार में हुए घोटालों को याद दिलाते हुए सपा प्रमुख को जवाब दिया।