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भाजपा के पास विकास का एजेंडा, विपक्ष के पास विनाशकारी प्रोपेगेंडा: बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह

  • बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बुधवार को खैर विधानसभा में सीएम योगी के साथ जनपद स्तरीय वृहद रोजगार मेला के कार्यक्रम में सम्मलित हुए
  • बोले बेसिक शिक्षा मंत्री- भाजपा ने किया बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को सम्मान देने का कार्य
  • बेसिक शिक्षा मंत्री बोले- संविधान की रक्षा सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही कर सकती है

अलीगढ़/लखनऊ: बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि भाजपा के पास विकास का मजबूत एजेंडा है। वहीं सपा और इंडी गठबंधन एवं समूचे विपक्ष के पास विनाशकारी प्रोपेगेंडा है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को सम्मान देने और उनके द्वारा बनाए गए संविधान की रक्षा सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही कर सकती है। मंत्री संदीप ने कहा कि हमारी इस युवा को पीढ़ी को दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री योगी यहां उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि सीएम योगी के विजन का नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश का युवा अपने भविष्य को सुरक्षित महसूस कर रहा है।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह बुधवार को खैर विधानसभा में सीएम योगी के साथ जनपद स्तरीय वृहद रोजगार मेला के कार्यक्रम में सम्मलित हुए। कार्यक्रम में सीएम योगी ने पांच हजार से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र एवं 705 करोड़ रुपए की 305 परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। इस दौरान बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश का यह पांचवां रोजगार मेला का कार्यक्रम है। इन मेलों के माध्यम से अब तक 15 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हो चुका है।

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह कहा कि पिछले साढ़े सात वर्ष में योगी सरकार साढ़े छह लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दे चुकी है। साथ ही 3.75 युवाओं को संविदा के माध्यम से नौकरी से जोड़ा गया है। वहीं प्रदेश के 2 करोड़ युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी/रोजगार प्राप्त हुआ है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि अलीगढ़ क्षेत्र को विकास की योजनाएं निरंतर हो रही हैं और ये श्रृंखला लगातार बरकरार रहेगी।

1500 से अधिक छात्र-छात्राओं को मिला टैबलेट/स्मार्टफोन

कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत चयनित पत्रों एवं एमएसएमई को 35 करोड़ से अधिक का ऋण वितरण, स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के अंतर्गत 1500 से अधिक छात्र-छात्राओं को टैबलेट/स्मार्टफोन वितरित किया गया।

1.08 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा लोन दिया जा चुका

योगी सरकार विगत साढ़े सात वर्ष में निजी क्षेत्र/एमएसएमई के अंतर्गत रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री योजना, मुद्रा योजना, स्टार्टअप, ओडीओपी, एमएसएमई और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत क्षेत्र प्रदेश के युवाओं को 1.08 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का लोन उपलब्ध कराया गया है। कार्यक्रम में सीएम योगी के साथ गन्ना विकास मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, कौशल विकास एवं व्यवसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद सतीश गौतम, अनूप प्रधान, विधायक जयवीर सिंह, रविंद्र पाल सिंह, राजकुमार सहयोगी, अनिल प्रसार एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

उत्तरप्रदेश: कृषि मंत्री ने प्रतिनिधि मण्डल सहित हैदराबाद में किया सीड पार्क एवं चावल अनुसंधान संस्थान का दौरा

  • कृषि राज्यमंत्री तथा मुख्यमंत्री सलाहकार भी रहे दौरे में शामिल
  • कृषि क्षेत्र में नवाचार अपनाने के लिए किये जायेंगे विविध प्रयास
  • धान, मोटा अनाज तथा बीज उत्पादन के लिए वैज्ञानिकों से किया गम्भीर विचार मंथन
  • लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर तथा अन्नदाताओं की आमदनी की प्रचुर संभावनाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह औलख, माननीय मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी और के.वी.राजू के द्वारा हैदराबाद (तेलंगाना) में सीड पार्क, भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के श्री अन्न अनुसंधान संस्थान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश कृषि विभाग के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।

भारतीय चावल अनुसंधान संस्थान, राजेंद्रनगर में वहाँ के वैज्ञानिकों के साथ धान की उत्पादकता बढ़ाने हेतु मौसम प्रतिरोधी, जल जमाव तथा कम पानी में होने वाले वेराइटी को विकसित किये जाने पर चर्चा की। इसके अतिरिक्त कुपोषण के समाधान के दृष्टि से जिंक, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों से युक्त (फ़ोर्टिफ़ाइड) बीज की वेराइटी निकालने और उत्तर प्रदेश में अपने नालेज और टेक्नोलॉजी के प्रसार के दृष्टि से परस्पर सहयोग करने के लिए आग्रह किया। उनसे समय सीमा में इस प्रस्ताव के लिए एमओयू किया जाय, जिससे धान के उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका अदा कर सके।

हैदराबाद (तेलंगाना) में भ्रमण के उपरान्त कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद- भारतीय श्री अन्न अनुसंधान संस्थान वैश्विक श्री अन्न उत्कृष्टता केन्द्र और उनके शोध प्रक्षेत्र का भ्रमण कर संस्थान में मिलेट्स पर हो रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त किया। इसके साथ उसके प्रसंस्करण इकाई, स्टार्टअप केन्द्र तथा इनक्यूबेशन सेन्टर में भ्रमण कर श्री अन्न के प्रसंस्करण, पैकेजिंग व्यवस्था और उत्पादों के निर्माण की जानकारी प्राप्त की। उत्तर प्रदेश में इनका एक उप केन्द्र खोलने तथा नालेज और टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में सहयोग करने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार और प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालय के साथ परस्पर सहयोग हेतु डवन करने पर सहमति बनी। आगामी ख़रीफ़ सीजन की उत्पादकता बढ़ाने और मोटे अनाजों के आच्छादन क्षेत्र को बढ़ाये जाने के लिए ज्वार, सांवा, कोदो, कंगनी, काकुन, और चीना के बीज अभी से बुक कर उत्तर प्रदेश को उपलब्ध कराया जा सके इस पर चर्चा की गयी। कृषि राज्यमंत्री श्री बलदेव सिंह औलख ने भी अपने सुझाव रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी को देखते हुए मोटा अनाज एवं चावल का उत्पादन बढ़ाने के क्षेत्र में आज के भ्रमण का अनुभव कृषि क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी तथा के0वी0 राजू ने अपने सुझाव में कहा कि प्रतिकूल मौसम में भी धान की अच्छी पैदावार कैसे ली जाये इस पर भी चावल के शोध में लगे हुए वैज्ञानिकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को चावल तथा मोटे अनाज के उत्पादन के क्षेत्र में नवाचार अपनाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही मोटे अनाजों की प्राकृतिक खेती में किसानों को आय के अधिक अवसर सृजित करने पर चर्चा की।

इस दौरान प्रमुख सचिव कृषि श्री रविंद्र सिंह, निदेशक कृषि जितेंद्र तोमर, उत्तर प्रदेश बीज प्रमाणीकरण के निदेशक एस.बी. सिंह, अपर निदेशक बीज/परिक्षेत्र अरविंद कुमार सिंह, उपनिदेशक कृषि बीज एवं प्रक्षेत्र ए.के. श्रीवास्तव, पूर्व निदेशक कृषि बीपी सिंह, नोजीवीडू सीड कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के.प्रवीण कुमार, श्री राम सीड कंपनी के एम.डी. राम बाबूजी, कावेरी सीड कंपनी के सप्लाई चैन के हेड एस.पी.राव, उपस्थित रहे।

प्रतापगढ़ के शिक्षक श्याम किशोर और मिर्ज़ापुर के रविकांत को “राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार”

  • केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2024’ के लिए हुए चयनित
  • 05 सितंबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में होंगे पुरस्कृत
  • पुरस्कार स्वरूप मिलेगा 50 हजार रुपये नगद, चांदी का मेडल और प्रमाण-पत्र
  • श्याम प्रकाश मौर्य ने 2022 में ऑनलाइन ग्रुप बनाकर पूरे जिले के बच्चों को राष्ट्रीय आय आधारित परीक्षा के लिए किया था प्रेरित
  • रविकांत द्विवेदी द्वारा बनाया गया ‘गणित का बगीचा’ काफी चर्चित है

लखनऊ: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2024’ के लिए देश भर से चयनित 50 शिक्षकों के नाम की घोषणा की गई है। इनमें उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और मिर्जापुर के परिषदीय विद्यालयों के दो शिक्षक भी शामिल हैं। इन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर 05 सितंबर को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में पुरस्कृत किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश से चयनित शिक्षकों में प्रतापगढ़ के मान्धाता ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय मल्हूपुर के श्याम प्रकाश मौर्या और मिर्जापुर के प्राथमिक विद्यालय भगेसर के रविकांत द्विवेदी शामिल हैं। बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित इन दोनों शिक्षकों को 50-50 हजार रुपये नगद, चांदी का मेडल व प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।

क्या है प्रतापगढ़ के शिक्षक श्याम प्रकाश मौर्य की उपलब्धि

राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित प्रतापगढ़ जनपद के मान्धाता विकासखण्ड के मल्हौरपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक श्याम प्रकाश मौर्य द्वारा परिषदीय बच्चों को पीपीटी के माध्यम से पढ़ाई कराया जाता है। प्रोजेक्टर के माध्यम से आधुनिक तकनीकी का उपयोग करते हुए ये बच्चों को समझाते भी हैं। इन्होंने 2022 में ऑनलाइन एक ग्रुप बनाकर पूरे जिले के बच्चों को राष्ट्रीय आय आधारित परीक्षा के लिए प्रेरित किया था। इसमें 785 चयनित बच्चों को 03.76 करोड़ की छात्रवृत्ति मिल रही है।

मिर्ज़ापुर के शिक्षक रविकांत की उपलब्धि भी जानें

मिर्जापुर के भगेसर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बतौर प्रधानाध्यापक अपनी सेवाएं अर्पित कर रहे रविकांत द्विवेदी द्वारा बनाया गया ‘गणित का बगीचा’ काफी चर्चित है। विद्यालय में बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा देने के लिए ये अनेक नई तकनीक का प्रयोग कर चुके हैं। इसमें गणित का बगीचा, डिजिटल क्लास आदि प्रमुख हैं।

इन्हें मिलता है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

बता दें यह पुरस्कार देशभर के उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी प्रतिबद्धता और परिश्रम से विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है और अपने छात्रों के शैक्षिक व्यवहारिक जीवन को नैतिकता व मूल्यों से समृद्ध बनाया है।

इन प्रदेशों के शिक्षकों को भी ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’

‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ पाने वालों में कुल 31 राज्यों में 4 केंद्रशासित और 27 राज्यों के 50 शिक्षक चयनित हुए हैं। जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के शिक्षक शामिल हैं, उनमें हिमांचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक (बंग्लौर), उड़ीसा, पश्चिमी बंगाल, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, बिहार, अंडमान निकोबार, अरुणांचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, सिक्किम, मिजोरम, मेघालय, त्रिपुरा, असम, झारखंड, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली, हरियाणा, तमिलनाडु और महाराष्ट्र शामिल हैं।

LUCKNOW: प्रदेश में एक सितंबर से ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाएगी योगी सरकार

  • ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने पूरी कीं तैयारियां
  • एक सितंबर से 15 सितंबर तक मनाया जाएगा ‘स्वच्छता पखवाड़ा’
  • अलग-अलग तिथियों में होंगे अलग-अलग कार्यक्रम और गतिविधियां
  • एक सितंबर को परिषदीय विद्यालयों में ‘स्वच्छता शपथ’ का होगा आयोजन
  • छात्रों और शिक्षकों के अलावा सामुदायिक सहभागिता पर भी रहेगा जोर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की पहचान को स्वच्छ प्रदेश के तौर पर स्थापित करने के लिए प्रयासरत योगी सरकार एक सितंबर से 15 सितंबर तक प्रदेश में ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाने जा रही है। 15 दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों और शिक्षकों के साथ समुदाय के लोग भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। इसको लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ के पहले दिन ‘स्वच्छता शपथ’ दिलाई जाएगी, जिसमें छात्र, शिक्षक और स्टॉफ के साथ ही अन्य नागरिकों की भी सहभागिता होगी। शपथ दिलाने के बाद विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां शुरू होंगी। निर्धारित कार्यक्रमों और गतिविधियों को अवकाश पड़ने की स्थिति में अगले दिन होने वाले कार्यक्रमों के साथ संपन्न कराया जाएगा।

अच्छी आदतों को अपनाने के लिए किया जाएगा प्रेरित

बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा ‘स्वच्छता पखवाड़ा’की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है। ‘स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाने के लिए उन्हें कार्यक्रमों और गतिविधियों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है। पखवाड़े के प्रथम सप्ताह में विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक होगी और इसमें स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी जाएगी। बच्चों के माता-पिता और शिक्षकों के मध्य बैठक कर लोगों के बीच साफ-सफाई और हाथ धोने, मास्क का प्रयोग करने और सामाजिक दूरी के महत्व को बताया जाएगा। इन स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को शिक्षक और छात्रों को विद्यालय और घर तथा समुदाय के लोगों को घर और कहीं बाहर होने की स्थिति में अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

‘स्वच्छता’ से जुड़ी प्रतियोगिताओं का होगा आयोजन

प्रत्येक विद्यालय या शिक्षण संस्थान में बच्चों के पीने के लिए पानी की व्यवस्था और उपलब्धता से जुड़ी सुविधाओं तथा विद्यालय परिसर की स्वच्छता से संबंधित होने वाले कार्यों का भी मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन की जिम्मेदारी विद्यालय के शिक्षक की होगी। मूल्यांकन करने वाला शिक्षक सुविधाओं की मरम्मत और रख-रखाव के लिए आवश्यकता के अनुसार प्रस्ताव तैयार करेगा और योजना भी बनाएगा। इस दौरान विद्यालयों में साफ-सुथरे परिसर और स्वच्छ शौचालय विषयक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विद्यालय में सफाई और स्वच्छता की आदतों पर छात्रों के लिए निबंध, स्लोगन और कविता लेखन के अलावा पेंटिंग, भाषण, प्रश्नोत्तरी, मॉडल बनाने की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

इन तिथियों में होंगे ये कार्यक्रम

  • 01 सितंबर को ‘स्वच्छता शपथ’
  • 02 और 03 सितंबर को ‘स्वच्छता जागरूकता दिवस’
  • 04 और 05 सितंबर को ‘सामुदायिक सहभागिता’
  • 06 सितंबर को ‘ग्रीन स्कूल मुहिम’
  • 07 और 08 सितंबर को ‘स्वच्छता प्रतिभागिता दिवस’
  • 09 और 10 सितंबर को ‘हाथ धुलाई दिवस’
  • 11 सितंबर को ‘व्यक्तिगत स्वच्छता दिवस’
  • 12 सितंबर को ‘स्वच्छ विद्यालय प्रदर्शनी दिवस’
  • 13 और 14 सितंबर को ‘स्वच्छता कार्य-कलाप दिवस’
  • 15 सितंबर को ‘पुरस्कार वितरण दिवस’

LUCKNOW: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा कर जानी प्रगति

  • पीएमश्री और पीएम पोषण की हुई समीक्षा
  • विभाग के अद्यतन बजट से हुए अवगत, प्रीतिभोज जैसे कार्यक्रमों के आयोजन का दिया परामर्श
  • गोमतीनगर स्थित पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय पहुंच प्रदर्शनी का किया अवलोकन, बच्चों की प्रतिभा देख हुए गदगद
  • विभागीय अधिकारियों ने रसोइयों का मानदेय बढ़ाने का किया आग्रह

लखनऊ: भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता तथा शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर विभागीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पीएमश्री और पीएम पोषण स्कीम के बारे में जानकारी ली और विभागीय अधिकारियों को प्रीतिभोज जैसे कार्यक्रमों को संचालित कर सरकार के प्रयास को अत्यधिक प्रभावी बनाने का परामर्श दिया। समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने भी अपनी बात रखते हुए रसोइयों का मानदेय बढ़ाने का आग्रह किया।

बता दें कि भारत सरकार के अपर सचिव विपिन कुमार ने सुबह विद्या समीक्षा केंद्र का दौरा कर उसकी कार्य प्रणाली को जाना। उन्होंने वीएसके के कामकाज के तरीके की सराहना की है। ज्ञातव्य हो कि लखनऊ स्थित वीएसके देश का दूसरा केंद्र है, इसके पहले अहमदाबाद (गुजरात) में वीएसके केंद्र स्थापित हुआ है।

मंत्री जयंत चौधरी एयरपोर्ट से सीधे गोमतीनगर स्थित पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने लगी एक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने अपने द्वारा तैयार मॉडल प्रस्तुत कर रखा था। बच्चों से बात कर उनकी प्रतिभा जान, मंत्री जयंत चौधरी काफी गदगद दिखे। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और निरन्तर प्रयास करते रहने की सलाह दी। मंत्री जयंत चौधरी ने यहाँ पौधरोपण कर वातावरण को शुद्ध बनाये रखने का संदेश दिया। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का हिस्सा बनने के बाद वे सीधे सचिवालय के लिए रवाना हो गये।

सचिवालय पहुंच मंत्री जयंत चौधरी ने भारत सरकार के अपर सचिव विपिन कुमार, प्रमुख सचिव बेसिक एम.के. शन्मुगा सुंदरम, महानिदेशक बेसिक शिक्षा कंचन वर्मा और शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की डायरेक्टर प्रीति मीना के साथ विभागीय समीक्षा शुरू की। विभाग के अद्यतन बजट की जानकारी लेने के बाद उन्होंने पीएमश्री और पीएम पोषण स्कीम, इन हाउस किचन इत्यादि के बारे में अधिकारियों से बिंदुवार जानकारियां इकट्ठा की। राज्य में प्रथम दो चरणों में क्रमशः 925 तथा 782 विद्यालय पीएम श्री विधालय के रूप में चयनित किए गए हैं। समीक्षा के दौरान उन्होंने विद्यालयों में प्रीतिभोज जैसे कार्यक्रमों का आयोजन कर सरकार के प्रयासों को अत्यधिक प्रभावी बनाने की सलाह दी। उन्होंने दीक्षा, पीएम ई-विद्या कार्यक्रमों के लिए होने वाले प्रयासों के बारे में भी जाना। मंत्री ने नये डायट के निर्माण कार्यों हेतु डीपीआर बनाये जाने सम्बन्धी निर्देश भी सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय,भारत सरकार स्तर से आईआईटी कानपुर में नई टेक्नॉलाजी के पठन पाठन के लिए समझौता किया गया है, उसका उपयोग भी किया जा सकता है। इस दौरान मंत्री जयंत चौधरी ने अधिकारियों को माध्यमिक विद्यालय के बच्चों को औद्योगिक अनुभव प्रदान करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आईटीआई और पॉलिटेक्निक से समझौता किया जा सकता है। उन्होंने सभी स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने स्कूली बच्चों के बीच आलोचनात्मक और विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने के प्रयास के लिए भी निर्देश दिये।

मंत्री जयंत चौधरी ने उत्तर प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यूपी में ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, प्रोजेक्ट प्रवीण, 57 जिलों में सीएम कंपोजिट स्कूलों की अवधारणा और 75 जिलों में प्रत्येक में सीएम अभ्युदय स्कूलों में होने वाली प्रगति बहुत अच्छी स्तर की है। उन्होंने कहा कि यह बहुत सुखद है कि परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को निपुण बनाने के बारे में विभाग एक रणनीति पर काम कर रहा है। इस दौरान उन्होंने कक्षाओं मे मूल्यांकन प्रेरणा तालिका के द्वारा किए जाने को भी सराहा।