Home Blog Page 1027

सराहनीय पहल :सरोजनीनगर विधायक की ई-गवर्नेंस सुविधा से लाभान्वित हो रहे क्षेत्रवासी, पहले दिन उमड़ी केंद्रों पर भीड़

  • डॉ. राजेश्वर सिंह के डिजिटल केंद्रों पर शुरू हुई ई – गवर्नेंस की सुविधा : 500 से अधिक ने उठाया लाभ
  • डिजिटल साक्षरता केंद्र बनें जन सुविधा केंद्र, लोगों को निःशुल्क मिल रहा विधायक की अनूठी पहल का लाभ
  • अब हर शनिवार-रविवार डिजिटल केंद्रों पर निःशुल्क बनेंगे आय, निवास, जाति प्रमाणपत्र
  • आसान होगा आवास, स्कॉलरशिप आदि का आवेदन, विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शुरू की पहल

लखनऊ: सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह द्वारा स्थापित रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र डिजिटल शिक्षा, युवा सशक्तिकरण के साथ – साथ अब सरोजनीनगर वासियों को निःशुल्क ई – गवर्नेंस की सुविधाओं का सहज लाभ उपलब्ध करवा रहे हैं।

शनिवार को रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केंद्र विधायक कार्यालय आशियाना शाखा, कुम्हार मंडी, भटेआ लाइन तेलीबाग शाखा, कटियार मार्केट, लतीफनगर शाखा, कानपुर रोड, बंथरा सिकंदरपुर शाखा पर सुबह 10 बजे की फ्री जन सेवा केंद्र की शुरुआत की गई।

इन केंद्रों पर क्षेत्रवासियों को पैन कार्ड आवेदन, किसान सम्मान निधि आवेदन, बीमा और बैंकिंग योजनाओं का लाभ, जन्म, मृत्यु, जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र, वृद्धावस्था, दिव्यांगजन पेंशन आदि के पंजीकरण सुविधाओं का निःशुल्क लाभ उपलब्ध कराया गया। इस दौरान सभी केंद्रों संचालकों द्वारा दिन भर में 270 लोगों के विभिन्न योजनाओं से जुड़े फॉर्म भरे, साथ थी 430 लोग योजनाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने भी इन केंद्रों पर आए। बता दें कि सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने अपने पिता रण बहादुर सिंह की स्मृति में डिजिटल शिक्षा को प्रोत्साहित करने, युवाओं को फ्री डिजिटल कोर्सेज की ट्रेनिंग दिलाने के लिए इस अभिनव पहल की शुरुआत की है। अब ये केंद्रों फ्री ट्रेनिंग के साथ क्षेत्र वासियों को जन सुविधाओं का लाभ दिलाने का बखूबी कर रहे हैं, यही नहीं विधायक ने डिजिटल केंद्रों को अपने कार्यालय से संपर्क के रूप में एक कड़ी का रूप भी दिया है।

इस संबंध में डॉ. राजेश्वर सिंह का कहना है पहले चरण में 6 केंद्रों की स्थापना हुई, आगे पूरे सरोजनीनगर में इस तरह के 100 केंद्र स्थापित किए जायेंगे जिससे सभी गांवों और नगरीय क्षेत्र के वार्डों तक फ्री डिजिटल शिक्षा और जन सेवा केंद्र की पहुंच सुलभ हो सकेगी।

नमामि गंगे: यूपी को 5 परियोजनाओं की सौगात

  • राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की 56वीं कार्यकारी समिति की बैठक में 73.39 करोड़ रुपए की लागत वाली परियोजनाओं को दी गई मंजूरी
  • ⁠गंगा नदी के संरक्षण, सफाई और पर्यावरण के लिए अनेक कदम उठा रही योगी सरकार के प्रयासों को मिली एक और कामयाबी
  • ⁠गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने और उसके इको-सिस्टम को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी स्वीकृत हुईं परियोजनाएं

नई दिल्ली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के संरक्षण और सफाई के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही योगी सरकार के प्रयासों को एक और कामयाबी मिली है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की 56वीं कार्यकारी समिति की बैठक में उत्तर प्रदेश के लिए 73.39 करोड़ रुपए की लागत वाली 5 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गंगा नदी के संरक्षण और सफाई के लिए कदम उठाना है। ये परियोजनाएं गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने और उसके इको-सिस्टम को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

वाराणसी में स्मार्ट लैबोरेटरी फॉर क्लीन रिवर परियोजना के सचिवालय की स्थापना

नमामि गंगे और आईआईटी बीएचयू के बीच संस्थागत ढांचे के तहत वाराणसी में स्मार्ट लैबोरेटरी फॉर क्लीन रिवर परियोजना के सचिवालय की स्थापना की जाएगी। यह परियोजना भारत में छोटी नदियों के कायाकल्प के लिए एक महत्वाकांक्षी और महत्त्वपूर्ण पहल है। इस तरह की परियोजना का उद्देश्य नदियों को उनके प्राकृतिक रूप में वापस लाना, जलस्रोतों की रक्षा करना और पर्यावरणीय संतुलन को बहाल करना है। इसमें विश्वव्यापी विशेषज्ञता और संधारणीय प्रथाओं का उपयोग करके पानी की गुणवत्ता में सुधार, जल प्रबंधन के स्थायी तरीके और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

गंगा की सहायक काली नदी के प्रदूषण को रोकने का प्रयास

वहीं, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के गुलावठी में एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसका उद्देश्य गंगा की सहायक पूर्वी काली नदी के प्रदूषण को रोकना है। इस परियोजना के अंतर्गत इंटरसेप्शन एवं डायवर्जन के साथ ही 10 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का भी निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 50.98 करोड़ रुपए है, जिसमें अगले 15 वर्षों के लिए रखरखाव और प्रबंधन भी शामिल है। परियोजना की समयसीमा के अनुसार, राज्य सरकार को अगले 4 महीनों के भीतर इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करानी होगी।

रायबरेली के डलमऊ में फीकल स्लज मैनेजमेंट परियोजना को मंजूरी

नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत रायबरेली के डलमऊ में गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने के लिए फीकल स्लज मैनेजमेंट परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 8 केएलडी क्षमता वाले प्लांट के साथ 15 किलोवाट के सोलर पॉवर प्लांट की भी स्थापना की जाएगी। यह परियोजना डीबीओटी मॉडल पर आधारित है, जिसकी कुल लागत 4.40 करोड़ रुपए है। परियोजना में इसके रखरखाव और प्रबंधन के लिए पांच साल तक की अवधि भी शामिल है। यह पहल गंगा नदी के प्रदूषण को कम करने और स्थानीय समुदाय को स्वच्छता सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।

छिवकी रेलवे स्टेशन पर अर्थ गंगा केंद्र की स्थापना

प्रयागराज के छिवकी रेलवे स्टेशन पर अर्थ गंगा केंद्र की स्थापना और स्टेशन की ब्रांडिंग की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना की कुल लागत 1.80 करोड़ रुपए होगी, जिसमें 68.70 लाख रुपए अगले पांच सालों तक इसके रखरखाव और प्रबंधन के लिए खर्च किए जाएंगे। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि गंगा बेसिन के हर राज्य में अर्थ गंगा केंद्रों का निर्माण किया जाना चाहिए। इस अर्थ गंगा केंद्र का मुख्य उद्देश्य महाकुंभ मेला और उसके बाद लोगों में गंगा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है।

निचले क्रम की धाराओं और सहायक नदियों के कायाकल्प को मिली मंजूरी

वहीं, बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा प्रकृति-आधारित समाधानों के माध्यम से ऊपरी गोमती नदी बेसिन में निचले क्रम की धाराओं और सहायक नदियों के कायाकल्प की योजना को भी मंजूरी दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 81.09 लाख रुपए है। यह परियोजना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि छोटी नदियां और धाराएं बड़ी नदियों के जल प्रवाह और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।

बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल ने की। बैठक में एनएमसीजी के उपमहानिदेशक नलिन श्रीवास्तव, ईडी (प्रोजेक्ट) ब्रिजेन्द्र स्वरुप, ईडी (तकनीकी) अनिल कुमार सक्सेना, ईडी (एडमिन) एसपी वशिष्ठ, ईडी (फाइनेंस) भास्कर दासगुप्ता और जल संसाधन विभाग, नदी विकास और गंगा संरक्षण, जल शक्ति मंत्रालय की संयुक्त सचिव और वित्तीय सलाहकार ऋचा मिश्रा समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

उत्तरप्रदेश: मुख्य सचिव ने सीएमएस में किया ओडिसी इण्टरनेशनल का उद्घाटन

लखनऊ: सिटी मोन्टेसरी स्कूल, राजाजीपुरम प्रथम कैम्पस द्वारा आयोजित चार दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय साहित्य महोत्सव ओडिसी इण्टरनेशनल-2024 का भव्य उद्घाटन आज सायं रंगारंग शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ।

मुख्य अतिथि के रूप में पधारे प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर इस अनूठे अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव का विधिवत शुभारम्भ किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री सिंह ने कहा कि अंग्रेजी भाषा पूरे विश्व में अपनी पहचान बना चुकी है और यह भाषा हमें एक नई विश्व संस्कृति की ओर ले जा रही है। आज के बदलते परिवेश में हमें अपनी मातृभाषा हिन्दी के साथ-साथ बच्चों को अंग्रेजी साहित्य का भी ज्ञान कराना आवश्यक है। विदित हो कि ‘ओडिसी इण्टरनेशनल-2024’ का आयोजन 31 अगस्त से 3 सितम्बर तक सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में किया जा रहा है, जिसमें अमेरिका, इंग्लैण्ड, रूस, नेपाल, श्रीलंका एवं देश के विभिन्न प्रान्तों से पधारे लगभग 500 छात्र व विषय विशेषज्ञ प्रतिभाग कर रहे हैं।

उद्घाटन समारोह में जहाँ एक ओर सी.एम.एस. छात्रों ने भारतीय लोक गीतों का आलोक बिखरते शिक्षात्मक-साँस्कृतिक कार्यक्रमों का समाँ बाँधकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया तो वहीं दूसरी ओर विभिन्न देशों से पधारे प्रतिभागी छात्रों ने आत्मीयतापूर्ण माहौल में एक अलग अंदाज में अपना परिचय प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत लिया। इस अवसर पर देश-विदेश से पधारे प्रतिभागी छात्रों व टीम लीडरों का हार्दिक स्वागत करते हुए सी.एम.एस. प्रबन्धक प्रो. गीता गांधी किंगडन ने कहा कि सी.एम.एस. अपनी स्थापना के समय से ही विश्व एकता एवं विश्व शान्ति के लिए प्रतिबद्ध है और यह महोत्सव भी इन्ही प्रयासों की एक कड़ी है। मुझे पूरा विश्वास है कि इस अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव के माध्यम से युवा पीढ़ी विचारों के स्तर पर और समृद्ध होगी और एकता व शान्ति से परिपूर्ण समाज के नवनिर्माण में महती भूमिका निभायेगी। ‘ओडिसी इण्टरनेशनल-2024’ की संयोजिका एवं सी.एम.एस. राजाजीपुरम प्रथम कैम्पस की वरिष्ठ प्रधानाचार्या निशा पाण्डेय ने कहा कि ‘ओडिसी’ एक खोज है, एक यात्रा है जिसके द्वारा हम छात्रों में छिपी प्रतिभा को खोजकर बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं।

इससे पहले आज अपरान्हः सत्र में एक प्रेस कान्फ्रेन्स का आयोजन किया गया जिसमें देश-विदेश से पधारे प्रतिभागी छात्रों ने एक स्वर से कहा कि यह साहित्यिक महोत्सव विभिन्न सभ्यताओं, संस्कृतियों व विचारों का अनूठा संगम स्थल है। यहाँ हम अपने ज्ञान का विस्तार करने के साथ ही एकता व शान्ति के विचारों को भी सारे विश्व में फैलायेंगे। अपेक्स स्कूल, नेपाल से पधारे छात्रों ने कहा कि इस महोत्सव में हमें विभिन्न देशों की संस्कृति व सभ्यता के बारे में जानने का सुअवसर प्राप्त होगा, जिससे आपसी भाईचारे की भावना जागृत होगी।

मदरलैण्ड इंग्लिश सेकेण्डरी बोर्डिंग स्कूल, नेपाल के छात्रों ने कहा कि हम लोग इस साहित्य महोत्सव की प्रतियोगिताओं में पूरे जोशो-खरोश से भाग लेंगे। सी.एम.एस. का माहौल बहुत ही सौहार्दपूर्ण है और हम यहाँ आकर बहुत खुश है। इसी प्रकार देश-विदेश से पधारे प्रतिभागी छात्रों ने भी कहा कि हम ‘ओडिसी इण्टरनेशनल’ में बड़े जोश से हिस्सा लेंगे और विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

सी.एम.एस. के कम्युनिकेशन विभाग के हेड ऋषि खन्ना ने बताया कि ‘ओडिसी इन्टरनेशनल 2024’ की प्रतियोगिताएं कल 1 सितम्बर को प्रातः 9 बजे से सी.एम.एस. कानपुर रोड ऑडिटोरियम में प्रारम्भ होंगी। कल 1 सितम्बर, रविवार को आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में ब्राडवे म्यूजिकल, सोलो इन्स्ट्रूमेन्टल, स्टोरी ऑन द वॉल, क्रिएशन ऑफ पपेट्स, सोलो सिंगिंग, समूह गायन एवं वाद-विवाद आदि प्रमुख हैं।

आईटीआई प्रवेश: राजकीय और निजी आईटीआई में प्रवेश सत्र अगस्त-2024 की रिक्त सीटों के लिए तृतीय चरण की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ: राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश, ने प्रदेश के राजकीय और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रवेश सत्र अगस्त-2024 के लिए द्वितीय चरण के उपरांत रिक्त सीटों की जानकारी जारी कर दी है। ये जानकारी जनपदवार, संस्थानवार और व्यवसायवार विवरण के साथ परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। तृतीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया के तहत पंजीकृत अभ्यर्थियों से नवीन विकल्प आमंत्रित किए जा रहे हैं।

विशेष सचिव, व्यावसायिक शिक्षा कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग एवं अधिशासी निदेशक, एस०सी०वी०टी० अभिषेक सिंह ने बताया कि नवीन विकल्प पंजीकरण की प्रक्रिया वेबसाइट http://www.scvtup.in पर 31 अगस्त 2024 से 02 सितंबर 2024 रात 12 बजे तक खुली रहेगी। तृतीय चरण के लिए ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें प्रथम और द्वितीय चरण में कोई सीट आवंटित नहीं हुई है। अगर अभ्यर्थी द्वारा कोई नवीन विकल्प पंजीकृत नहीं किया जाता है, तो उन्हें उनके मूल आवेदन में प्रस्तुत किए गए विकल्प के अनुसार तृतीय चरण की सीट आवंटन प्रक्रिया में सम्मिलित कर लिया जाएगा।

समस्त राजकीय और निजी आईटीआई के प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने संस्थानों में व्यवसायवार रिक्त सीटों की स्थिति सार्वजनिक सूचना पट पर प्रदर्शित करें, ताकि अभ्यर्थियों को स्पष्ट जानकारी मिल सके।

पुलिस भर्ती परीक्षा: यूपीएसटीएफ की प्रयागराज टीम को मिली बड़ी कामयाबी, पकड़े गए जालसाज

TRUENEWSUP
TRUENEWSUP
  • पुलिस भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों को परीक्षा का पेपर साल्व कराने की ठगी करने वाले दो लोगो को प्रतापगढ़ के मानिकपुर से गिरफ्तार किया
  • ⁠पकड़ा गया शुभम सोनकर मुख्य आरोपी है जो अभ्यर्थियों को परीक्षा का पेपर साल्व कराने के नाम पर कर रहा था ठगी
  • ⁠STF ने मुखबिर की सटीक सूचना पर इसे घर से रंगे हाथ दबोचा
  • ⁠पकड़े गए लोगो के पास से परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड सहित कई दस्तावेज़ बरामद