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धार्मिक स्थल: 2023 में पूर्वांचल का टॉप धार्मिक व टूरिस्ट डेस्टिनेशन बना वाराणसी

  • विंध्याचल दूसरी, अष्टभुजा धाम तीसरी, भदोही का सीतामढ़ी चौथी व सोनभद्र पर्यटकों की बना पांचवी पसंद
  • 8,54,73,633 पर्यटकों का वर्ष 2023 में वाराणसी में हुआ आगमन, 22,26,310 पर्यटक पहुंचे सोनभद्र
  • वाराणसी में आने वाले पर्यटकों को पड़ोसी जिलों के आध्यात्मिक, धार्मिक और प्राकृतिक स्थल भी खूब भा रहे है 
  • विकास के कार्यो, मूलभूत ढांचा में सुधार, सुरक्षा और दूसरे शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी ने पर्यटकों की राह कर दी है आसान

वाराणसी: योगी सरकार ने काशी के कलेवर को बदलकर उसे विश्व में जो नई पहचान दिलाई है उसका लाभ वाराणसी समेत आसपास के अन्य जिलों को भी मिल रहा है। वाराणसी में आने वाले पर्यटक पड़ोसी जिलों के आध्यात्मिक,धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को भी पसंद कर रहे है। वर्ष 2023 में पूर्वांचल का टॉप रिलीजियस व टूरिस्ट डेस्टिनेशन  वाराणसी रहा। वही, दूसरे नंबर पर मिर्ज़ापुर का विंध्याचल और तीसरे पायदान पर मिर्ज़ापुर का ही अष्टभुजा मंदिर रहा।

इसके अतिरिक्त, संत रविदास नगर (भदोही) में स्थित सीतामढ़ी चौथे नंबर पर और प्राकृतिक सौंदर्य से भरा सोनभद्र पांचवे स्थान पर रहा। भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने बनारस और उसके आस-पास के जिलों की कनेक्टिविटी में इजाफा करने के साथ इन क्षेत्रों में पर्यटन विकास की विभिन्नय परियोजनाओं पर कार्य किया है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं और पर्यटक कम समय में ज्यादा से ज्यादा डेस्टिनेशन एक्सप्लोर कर रहे है।

विकास के कार्यों ने बढ़ाया पर्यटकों का रुझान

पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेंद्र कुमार रावत ने बताया कि वाराणसी में हुए विकास के कार्यो, मूलभूत ढांचा में सुधार ,दूसरे शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी ,सुगमता और सुरक्षा ने पर्यटकों की संख्या बढ़ा दी है। वाराणसी के पडोसी जिलों के पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास के काम ने पर्यटकों का रुझान बढ़ाया है। वाराणसी के आस-पास 100 से 200 किलोमीटर की यात्रा पर्यटकों के लिए काफी आसान हो गई है। वाराणसी आने वाले पर्यटकों को संतरविदास नगर (भदोही ) ,मिर्ज़ापुर ,सोनभद्र के धार्मिक स्थलों,जलप्रपात और प्राकृतिक सौंदर्य वाले स्थल खूब भा रहे है। 

वर्ष 2023 में वाराणसी और आसपास के 5 डेस्टिनेशन में कुल पर्यटकों की संख्या
1 – वाराणसी – 8,54,73,633 
2 – विंध्याचल -72,97,800
3 -अष्टभुजा –42,35,770 
4 -सीतामढ़ी –25,41,080 
5 -सोनभद्र–22,26 310

बुलडोजर चलाने के लिए चाहिए बुलडोजर जैसी क्षमताः सीएम योगी

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए विपक्षी नेताओं पर किया करारा हमला, कहा- बुलडोजर पर फिट नहीं हो सकता हर हाथ
  • सीएम योगी बोले- बुलडोजर चलाने के लिए दिल और दिमाग दोनों चाहिए, दंगाइयों के सामने नाक रगड़ने वाले बुलडोजर के सामने हो जाएंगे पस्त
  • जिन्होंने जाति, मत और मजहबों को आपस में लड़ाया, आज वे फिर से रंग रोगन कर नए रूप में जनता को गुमराह करना चाहते हैंः सीएम योगी
  • 2017 के पहले लूट खसोट करने वालों के सपनों पर फिर चुका है पानी, अब टीपू भी सुल्तान बनने के लिए देख रहे मुंगेरीलाल के हसीन सपनेः सीएम
  • मुख्यमंत्री का तंज, जैसे आज आदमखोर भेड़िया प्रदेश के अंदर अलग-अलग जनपदों में उत्पात मचा रहा, 2017 से पहले भी ऐसी ही थी प्रदेश की स्थिति
  • सीएम योगी ने प्रदेश के युवाओं को किया आश्वस्त, योग्यता और क्षमता के बावजूद भी सेलेक्शन में आया तो बैरियर को हटाने का करेंगे काम
  • मुख्यमंत्री ने उ.प्र.अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित 1334 अवर अभियंता, संगणक एवं फोरमैन को प्रदान किए नियुक्ति प्रत्र

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बिना नाम लिए ही इशारों-इशारों में राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर करारा प्रहार किया। उन्होंने विपक्षी नेताओं को लताड़ लगाते हुए चुनौती दी कि बुलडोजर पर हर एक का हाथ फिट नहीं हो सकता। इसके लिए दिल और दिमाग दोनों चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसमें बुलडोजर जैसी क्षमता और दृढ़ प्रतिज्ञा हो, वही बुलडोजर चला सकता है। दंगाइयों के सामने नाक रगड़ने वाले लोग बुलडोजर के सामने वैसे ही पस्त हो जाएंगे। सीएम योगी ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित 1334 अवर अभियंता, संगणक एवं फोरमैन को नियुक्ति प्रत्र प्रदान कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज यहां नियुक्ति पाने वालों में हर जनपद का प्रतिनिधित्व दिखता है। न जाति का भेद, न क्षेत्र का। केवल प्रतिभा और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए प्रतिभाशाली युवाओं को नियुक्ति की प्रक्रिया से जोड़ा गया है। वहीं, पहले जनता ने जिन लोगों को अवसर दिया था उन्होंने अपनी अराजक और भ्रष्टाचारी गतिविधियों से पहचान का संकट खड़ा किया और फिर प्रदेश को दंगों की आग में झोंकने का काम किया था। पहले जाति-जाति को लड़ाया, फिर मत और मजहबों को आपस में लड़ाने का काम किया। उत्तर प्रदेश महीनों दंगों की आग में झुलसता रहा। आज ये लोग फिर से अपना रंग रोगन बदलकर नए रूप में प्रदेश की जनता को गुमराह करना चाहते हैं।

योग्यता और क्षमता के बाद भी बैरियर हटाने का काम करेंगे

सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले जो लोग प्रदेश में लूट खसोट मचाए थे, आज जब उनके सपनों पर पानी फिर चुका है तो अब टीपू भी सुल्तान बनने चले हैं। कई वर्ष पहले एक धारावाहिक आया था, मुंगेरीलाल के हसीन सपने। आज ये भी यही सपने देख रहे हैं। जब जनता ने इन्हें अवसर दिया था तब इन्होंने प्रदेश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी। यहां के युवाओं के सामने, व्यापारियों के सामने, उद्यमियों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था। सीएम योगी ने प्रदेश के युवाओं को आश्वस्त किया कि यदि आपमें योग्यता और क्षमता है तो आपका सेलेक्शन जरूर होगा। इसके बाद भी यदि कोई बैरियर बनेगा तो उस बैरियर को हटाने का काम हम करेंगे। जो लोग फिर भी बेईमानी और भ्रष्टाचार फैलाएंगे उनकी संपत्ति को कुर्क करके गरीबों में वितरित करने का भी काम करेंगे। सीएम योगी ने कहा कि पहले युवाओं को नियुक्ति पत्र क्यों नहीं मिलता था, क्योंकि इनकी नीयत साफ नहीं थी। चाचा और भतीजे में वसूली को लेकर होड़ रहती थी कि कौन कितना वसूल करेगा। एरिया बंटे हुए थे। आप देख रहे हैं कि इस समय कुछ आदमखोर भेड़िया प्रदेश के अंदर अलग-अलग जनपदों में उत्पात मचा रहे हैं और कमोवेश यही स्थिति 2017 के पहले प्रदेश की थी।

निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे कार्मिक तो यूपी बनेगा नंबर वन इकॉनमी

सीएम योगी ने कहा कि पिछले साढ़े सात साल में नियुक्ति की जो प्रक्रिया पारदर्शिता और शुचितापूर्ण ढंग से आगे बढ़ी हैं। यह सात वर्ष पूर्व संभव नहीं था। आज हमने साढ़े 6 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां की हैं। इन युवाओं ने अपनी ऊर्जा और प्रतिभा का लाभ प्रदेश को दिया है। आज जब हमारे पास मैनपावर की कमी पूरी हुई है तो यही प्रदेश जो देश के विकास का बैरियर माना जाता था, सरपट दौड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। देश के विकास का ग्रोथ इंजन बना है। साढ़े सात वर्ष पूर्व यह प्रदेश देश की सातवीं बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में जाना जाता था, आज यही नंबर दो की अर्थव्यवस्था बन चुका है। नियुक्ति की प्रक्रिया आज जितनी पारदर्शी, निष्ठा और ईमानदारी के साथ हो रही है, उसी निष्ठा और ईमानदारी से कार्मिक कार्य करने लग जाएंगे तो अगले तीन चार साल में यह प्रदेश नंबर एक अर्थव्यवस्था होगा। नंबर एक की अर्थव्यवस्था का मतलब, हर हाथ को काम होगा, हर चेहरे पर खुशहाली होगी, हर बेटी सुरक्षित होगी, हर व्यापारी का सम्मान होगा, अन्नदाता किसान प्रसन्न होगा और चहुंओर खुशहाली होगी।

पहले वेतन के नहीं थे पैसे, आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना यूपी

सीएम योगी ने नव नियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि प्रदेश सरकार ने पारदर्शी तरीके से जो प्रक्रिया अपनाई है, आपसे भी उसी पारदर्शी प्रक्रिया की अपेक्षा रखते हैं। जनता से जुड़े हुए कोई भी कार्य में देर नहीं होनी चाहिए। हमें ईज ऑफ लिविंग के लक्ष्य को प्राप्त करना है। जब हम लोग आए थे तब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में प्रदेश 14वें नंबर पर था और आज हम अचीवर स्टेट हैं। हमने रिफॉर्म किए. प्रदेश को आगे बढ़ाया। परिणाम ये रहा कि प्रदेश में जहां कोई निवेश करने नहीं आता था, वहां 40 लाख करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन निवेश प्रस्तावों का मतलब सीधे-सीधे डेढ़ करोड़ नौजवानों को नौकरी का है। इनसे नए रोजगार सृजित होंगे, परंपरागत उद्यम जो दंगों के कारण बंद हो रहा था, यह फिर से पुनर्जीवित हो गया है। वन जिला वन प्रोडक्ट पूरे देश का एक ब्रांड बन गया है, जिसने लाखों लोगों को कार्य दिया है। प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। एक्सप्रेसवे, इंटरस्टेट कनेक्टिविटी के साथ ही जनपद मुख्यालय को फोर लेन के साथ जोड़ा गया है। यह वही प्रदेश है जिसमें वेतन देने के लिए पैसा नहीं था, लेकिन आज हम रेवेन्यू सरप्लस स्टेट हैं। देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य होने के बावजूद वेतन और भत्तों की कोई समस्या नहीं। विकास के लिए किसी भी प्रकार के राजस्व की कोई कमी नहीं है। हम सड़क भी बना रहे हैं, बिजली भी पहुंचा रहे हैं और लोक कल्याणकारी कार्य को भी आगे बढ़ा रहे हैं।

भीख मांग कर दान नहीं दिया जाता

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में एक करोड़ परिवार तो ऐसे हैं जिनको ₹12000 सालाना पेंशन की सुविधा डबल इंजन की सरकार प्रदान कर रही है। यह सब तभी कर पा रहे हैं जब प्रदेश के पास पैसा है। भीख मांग के दान नहीं दिया जाता है। सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में जब दंगे होते थे, अराजकता थी तो एयर कनेक्टिविटी जोड़ करके क्या करेंगे। हवाई जहाज से आएगा कौन। आज तो दो एयरपोर्ट से हम 9 एयरपोर्ट को क्रियाशील कर चुके हैं। 10 नए एयरपोर्ट पर कार्य चल रहे हैं। जो एयरपोर्ट चल रहे हैं इनमें से चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट हैं। पांचवा भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट भी हम उत्तर प्रदेश के जेवर में बना रहे हैं। आखिर यह काम लंबे समय तक प्रदेश में शासन करने वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी या बहुजन समाजवादी पार्टी क्यों नहीं कर पाई। इंफ्रास्ट्रक्चर क्यों नहीं दे पाए। ये तो बिजली देने में, सड़क देने में और नौकरी देने में भी भेदभाव करते थे। नौकरी के नाम पर वसूली करने वालों में कहीं चाचा तो कहीं भतीजे, महाभारत के सारे कैरेक्टर शामिल थे।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री ओमप्रकाश राजभर, लोकनिर्माण विभाग के राज्य मंत्री ब्रजेश सिंह, कृषि विभाग के राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, जल शक्ति विभाग के राज्यमंत्री रामकेश निषाद, ग्राम विकास विभाग के राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, नगर विकास विभाग के राज्य मंत्री राकेश राठौर गुरु, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह और विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

⁠नगर निगम के अधिकारियों, पार्षदों, प्रमुख व्यापारी नेताओं की कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही कार्यकारिणी बैठक में लाया जाएगा लाइसेंस शुल्क का प्रस्ताव: महापौर

  • नगर निगम द्वारा प्रस्तावित लाइसेंस शुल्क के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल का प्रतिनिधि मंडल व्यापारी नेता संजय गुप्ता के नेतृत्व में महापौर से मिला तथा राजधानी के व्यापारियों पर लाइसेंस शुल्क लागू किए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की, व्यापारियों ने महापौर को ज्ञापन सौंपा
  • आदर्श व्यापार मंडल के प्रयास से राजधानी में नगर निगम द्वारा प्रस्तावित लाइसेंस शुल्क का विषय टला
  • ⁠आश्वासन के बाद राजधानी के व्यापारियों ने महापौर को धन्यवाद ज्ञापित किया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल का प्रतिनिधिमंडल नगर निगम द्वारा ज्वेलरी, जूते ,रेडीमेड गारमेंट्स, जिम, ब्यूटी पार्लर सहित अनेक व्यापार पर लाइसेंस शुल्क प्रस्तावित किए जाने के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के तत्वाधान में प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में प्रातः 9:00 बजे महापौर सुषमा खरकवाल से उनके आवास पर मिला। व्यापारी नेता संजय गुप्ता ने महापौर श्रीमती खरकवाल से राजधानी के विभिन्न ट्रेड के व्यापारियों पर लाइसेंस शुल्क लागू किए जाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की तथा ज्ञापन सौंपा इस अवसर पर नगर निगम के उपनेता सुशील तिवारी पम्मी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने महापौर से कहा लाइसेंस शुल्क व्यवस्था लागू करने से व्यापारियों को उत्पीड़न होगा तथा इंस्पेक्टर राज एवं लाइसेंस प्रथा की वापसी होगी, संजय गुप्ता ने महापौर से कहा कि जीएसटी लागू करते समय सभी प्रकार के लाईसेंस एवं अन्य टैक्स को खत्म करने की बात कही गई थी ऐसे में यह व्यवस्था जीएसटी की मूल अवधारणा के विपरीत होगी। महापौर ने व्यापारियों की बात को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया की लाइसेंस शुल्क व्यवस्था तुरंत नहीं लागू की जाएगी। इसके पहले नगर निगम के अधिकारियों, लखनऊ के प्रमुख व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों एवं पार्षदों की एक कमेटी बनेगी, उस कमेटी की रिपोर्ट के बाद ही यदि आवश्यक होगा तो कार्यकारिणी में प्रस्ताव लाया जाएगा अन्यथा कोई प्रस्ताव नहीं लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी सरकार एवं नगर निगम की प्राथमिकता है व्यापारियों का उत्पीड़न किसी भी दशा में नहीं होने दिया जाएगा व्यापारियों के हितों के विरुद्ध कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता के साथ नगर अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, ट्रांस गोमती अध्यक्ष अनिरुद्ध निगम, लखनऊ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं भूतनाथ सराफा के प्रभारी अमिताभ श्रीवास्तव, मुंशी पुलिया के अध्यक्ष दीपक चौहान, भूतनाथ मार्केट के अध्यक्ष कमल अग्रवाल, पैथोलॉजी एसोसिएशन उपाध्यक्ष धर्मेंद्र तिवारी, मानवेंद्र सिंह, राजन अवस्था, अजय वर्मा, ललतेश मिश्रा मौजूद थे।

बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति भारत के लिए चेतावनी, देश की अखंडता और सांप्रदायिक संतुलन के लिए उठाए जाएं निर्णायक कदम- डॉ.राजेश्वर सिंह

  • बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों, जबरन इस्तीफों पर मीडिया आउटलेट्स की खामोशी पर डॉ. राजेश्वर सिंह ने उठाया सवाल, ट्वीट कर जताई स्थिति पर जताई चिंता, कहा- ‘वैश्विक मानवाधिकार चयनात्मक और राजनीति से प्रेरित’
  • डॉ०सिंह ने बांग्लादेश मामले पर चुप रहने और गाजा की घटनाओं की मुखर निंदा करने वाले, राष्ट्र की संप्रभुता के लिए संभावित खतरा बताया
  • उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि हिंदू आबादी में गिरावट पर निरंतर सतर्कता की आवश्यकता
  • साथ ही उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की ताजा स्थिति: CAA को मजबूत करने की तात्कालिक आवश्यकता

लखनऊ: बांग्लादेश की अशांति भारत के लिए एक चेतावनी है, सीमा सुरक्षा कड़ी होनी चाहिए, पक्षपातपूर्ण नैरेटिव की जांच होनी चाहिए, सीएए को सुदृढ़ बनाया जाना चाहिए और बहुत देर होने से पहले राष्ट्रीय अखंडता और सांप्रदायिक संतुलन की रक्षा के लिए निर्णायक कदम उठाने चाहिए। ये मांग उठाई है सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने मंगलवार को बांग्लादेश की ताजा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर 9 प्रमुख बिंदु रेखांकित किए।

विदेशी फंडेड पत्रकारों की जांच होनी चाहिए

विधायक ने लिखा विदेशी फंडिंग और विदेशी झुकाव वाले पत्रकार अक्सर ऐसी कहानियां गढ़ते हैं जो राष्ट्रीय हितों से मेल नहीं खातीं। उदाहरण के लिए, वर्तमान बांग्लादेश संकट में, जबकि प्रमुख मीडिया आउटलेट्स ने हिंदू विरोधी हिंसा का समर्थन करने वाले नैरेटिव को कवर किया, लेकिन वे जबरन इस्तीफे और हिंदुओं पर हमलों पर चुप रहे। ऐसे पक्षपाती आउटलेट्स पर निगरानी की जरूरत है

नरसंहार पर चयनात्मक आक्रोश खतरनाक

डॉ. राजेश्वर सिंह ने आगे लिखा बांग्लादेश में चल रहे हिंदू विरोधी नरसंहार के दौरान, प्रमुख भारतीय कथित ‘धर्मनिरपेक्ष’ आवाज़ें, एमनेस्टी इंटरनेशनल और यूएससीआईआरएफ जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठन स्पष्ट रूप से चुप थे। इसके विपरीत, इन संस्थाओं ने गाजा में घटनाओं की मुखर रूप से निंदा कर अपने चयनात्मक दृष्टिकोण को उजागर किया। पक्षपाती और तथाकथित “भारत के स्वघोषित धर्मनिरपेक्ष लोगों” पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए क्योंकि वे राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता के लिए संभावित खतरे हैं।

हिंदू जनसंख्या में गिरावट : निरंतर सतर्कता की आवश्यकता

डॉ. राजेश्वर सिंह ने आंकड़े प्रस्तुत कर बांग्लादेश में तेजी से घटती हिंदू आबादी को भारत के लिए खतरनाक बताते हुए लिखा, बांग्लादेश में हिंदू आबादी 1951 में 22.5% से घटकर आज लगभग 7.5% रह गई है। हिंसा, भेदभाव और जबरन प्रवासन से प्रेरित जनसंख्या में भारी गिरावट लक्षित जनसांख्यिकीय क्षरण की स्पष्ट कहानी कहती है। इसी तरह की प्रवृत्ति भारत में भी दिखाई दे रही है, जहां हिंदू आबादी 1951 में 84.1% से घटकर 2011 में 79.8% हो गई है। हिंदुओं की यह गिरावट कुछ राज्यों में तो खतरनाक रुझानों को इंगित करती है। डॉ. सिंह ने राज्यों का उल्लेख करते हुए आगे जोड़ा केरल- 1951 में हिंदू जनसंख्या 61.6% थी जो 2011 में 54.7% रह गई, इसी तरह पश्चिम बंगाल में हिंदू जनसंख्या 1951 में 78.45% से 2011 में 70.5% रह गई, उत्तर प्रदेश में 1951 में हिंदू आबादी 84.8% से घटकर 2011 में 79.7% हो गई, ये जनसांख्यिकीय परिवर्तन निरंतर सतर्कता की आवश्यकता का संकेत देते हैं।

जबरन इस्तीफों पर वैश्विक चुप्पी

डॉ. राजेश्वर सिंह ने लिखा कि बांग्लादेश की रिपोर्ट और वीडियो से पता चलता है कि हिंदू शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों और अधिकारियों को केवल उनके धर्म के आधार पर इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जा रहा है, पीटा जा रहा है और अपमानित किया जा रहा है। इतने ज़बरदस्त उत्पीड़न के बावजूद, अंतर्राष्ट्रीय संगठन काफी हद तक चुप रहे हैं। यह उदासीनता संकेत देती है कि वैश्विक मानवाधिकार वकालत अक्सर चयनात्मक और राजनीति से प्रेरित होती है, जो सभी भारतीयों से पक्षपातपूर्ण अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों से सावधान रहने का आग्रह करती है।

सीमा पर चरमपंथी खतरों में वृद्धि

सरोजनीनगर विधायक ने चिंता व्यक्त करते हुए आगे लिखा शेख हसीना के संभावित निष्कासन के साथ, पाकिस्तान से मजबूत संबंध वाले जमात-ए-इस्लामी जैसे चरमपंथी समूह बांग्लादेश में अपनी पकड़ बना रहे हैं। इससे बांग्लादेश के साथ भारत की 4,096 किलोमीटर लंबी खुली सीमा पर घुसपैठ और सुरक्षा खतरों का खतरा बढ़ गया है।

आर्थिक संबंधों पर प्रभाव

बांग्लादेश के साथ आर्थिक संबंधों पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. सिंह ने आगे लिखा शेख हसीना के शासनकाल में, बांग्लादेश दक्षिण एशिया में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार था, जिसका द्विपक्षीय व्यापार 13 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। सत्ता परिवर्तन और बढ़ती भारत विरोधी भावनाएँ इन आर्थिक संबंधों को खतरे में डाल सकती हैं।

जलवायु शरणार्थी संकट

डॉ. सिंह ने आगे लिखा जलवायु परिवर्तन के कारण 2050 तक बांग्लादेश की 11% भूमि के जलमग्न होने का खतरा है, जिससे संभावित रूप से 1.8 करोड़ लोग विस्थापित होंगे। इससे भारत में जलवायु शरणार्थियों का बड़े पैमाने पर आगमन हो सकता है, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों में संसाधनों पर दबाव पड़ सकता है। भारत को सीमा नियंत्रण को मजबूत करके और व्यापक शरणार्थी प्रबंधन नीतियों को विकसित करके इस स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए।

बांग्लादेश के कोटा सुधार से सबक

छात्रों के विरोध के जवाब में शेख हसीना द्वारा सरकारी नौकरियों में 56% आरक्षण को समाप्त करना भारत के लिए एक सबक के रूप में कार्य करता है।

नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को मजबूत करना

बांग्लादेश की हिंदू आबादी में तेज गिरावट और चल रहे उत्पीड़न भारत में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को मजबूत करने की तात्कालिकता को उजागर करते हैं। पड़ोसी देशों से सताए गए हिंदुओं के लिए ‘वापसी का अधिकार’ प्रदान करने के लिए इस अधिनियम का विस्तार करना। विधायक ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए आगे लिखा कांग्रेस, समाजवादी पार्टी आदि द्वारा CAA का विरोध भारतीय राजनीतिक दलों के रवैये को दर्शाता है कि वे कितने हिंदू विरोधी हैं। और सत्ता हासिल करने के लिए वे देश की कीमत पर तुष्टिकरण की राजनीति के लिए किस हद तक जा सकते हैं।

बता दें कि सरोजनीनगर से भाजपा विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह पूर्व प्रशासनिक अधिकारी हैं जो प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक रह चुके हैं, इसके अलावा वे सर्वोच्च न्यायालय के प्रैक्टिशनर लॉयर भी है। डॉ. सिंह देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा, संप्रभुता से संबंधित विषयों पर तथ्यों के साथ अपनी बात मजबूती से रखने के लिए जाने जाते हैं।

भाजपा में सम्मान पाने के लिए लगातार संघर्षरत हैं सोनू यादव

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी, लखनऊ महानगर के संघर्षशील कार्यकर्ता सोनू यादव विगत 20 वर्षों से पार्टी में अपना सक्रिय योगदान दे रहे है परन्तु, पार्टी ने अभी तक उन्हें वो सम्मान नहीं दिया जिसके वो वास्तविक हकदार हैं।

ग़ौरतलब है कि 30 जुलाई 2017 को अमित शाह, योगी आदित्यनाथ, उनके दोनों डिप्टी सी.एम. केशव मौर्या, डा.दिनेश शर्मा सहित कैबिनेट के कई मंत्री व संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी सोनू यादव के नेहरू इंक्लेव के पास जुगौली स्थित घर में भोजन करने पहुंचे थे उसके बाद संगठन व यादव समाज में यह चर्चा होने लगी थी कि सोनू यादव का जल्द ही कुछ अच्छा होने वाला है। परन्तु आज से सात वर्ष बीत जाने के बाद सोनू जहां थे आज भी वहीं हैं।

इस संबंध में जब सोनू यादव से पूछा गया तो बड़े सहज भाव से सोनू यादव ने जबाब देते हुऐ कहाकि मेरा पूरा परिवार भाजपा के लिए संमर्पित रहा है मैने सरकार या संगठन से पद को लेकर कभी भी नाराजगी व्यक्त नहीं की। मेरा मानना है कि जब भी सरकार या संगठन को मेरी कहीं उपयोगिता या आवश्यकता महसूस होगी वह मेरे वारे में विचार अवश्य करेगें। हाँ, यह अवश्य है कि हमारे यादव समाज में जरूर यह चर्चा होती है कि भाजपा में जीवन खपाने के बाद भी तुम्हें क्या मिला साथ ही कई अन्य राजनीतिक दलों ने इसे इश्यू बनाने के उद्देश्य से कई प्रलोभन देने का प्रयास भी किया परंतु उन सबको निराश होना पड़ा क्योंकि हमनें अपना पूरा जीवन भाजपा को समर्पित कर रखा है।