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ट्रांसपोर्टनगर हादसा: घटना स्थल पहुंचे सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह

  • दिल्ली से सीधा घटना स्थल पहुंचे विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह, घायलों के समुचित इलाज के लिए दिखे तत्पर
  • ⁠ट्रांसपोर्टनगर हादसे के घायलों के सहारा बनें डॉ.राजेश्वर सिंह, निजी व्यय से परिजनों को उपलब्ध कराई आर्थिक सहायता
  • ⁠ट्रांसपोर्टनगर में बिल्डिंग गिरने की घटना पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने जताया दुःख, अस्पताल पहुँच जाना घायलों का हाल चाल

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर क्षेत्र में एक बिल्डिंग ढहने के कारण कई लोगों के घायल होने और एक व्यक्ति की मृत्यु पर सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया। हादसे की सूचना पर तत्काल घटनास्थल पहुंचे विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें मुस्तैदी से तैनात हैं, राहत और बचाव के कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। इस दौरान विधायक की टीम भी राहत और बचाव कार्य में सहयोग करती नजर आयी।

विधायक ने बताया वे स्वयं जिला प्रशासन तथा लोकबंधु चिकित्सालय प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं। घायलों को सर्वोत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इस दौरान डॉ. सिंह ने दुर्भाग्यपूर्ण घटना में काल कवलित हुए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

इसके बाद विधायक लोकबंधु चिकत्सालय भी पहुंचे जहां उन्होंने घायलों का हालचाल जाना उन्हे सर्वोत्कृष्ट उपचार व स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाए जाने हेतु चिकित्सालय CMS एवं संबंधित चिकित्सा अधिकारियों से वार्ता की एवं घायलों के परिजनों को निजी व्यय से तात्कालिक आर्थिक सहयोग राशि भी उपलब्ध कराई।

लखनऊ में बड़ा हादसा: शहीद पथ के किनारे तीन मंजिला इमारत भरभराकर गिरी, बड़ी संख्या में अंदर काम कर रहे लोग मलबे में दबे, सीएम योगी ने दिए त्वरित रेस्क्यू के निर्देश

लखनऊ: प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनी नगर क्षेत्र में शहीद पथ के किनारे एक तीन मंजिला इमारत के गिरने से कई लोग घायल हो गए हैं। मौके पर पुलिस बल मौजूद है और राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी है। घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू हो गई है और मलबे में दबे लोगों का रेस्क्यू किया जा रहा है, और स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

ज़िला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक़ लखनऊ के ट्रांसपोर्ट नगर में शहीद पथ के किनारे इमारत गिरने की घटना के संबंध में उपजिलाधिकारी सरोजनी नगर द्वारा अवगत कराया गया कि घटना में घायल हुये 25 व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इमारत का नाम हरमिलाप बिल्डिंग है जो की 03 मंजिला बताया जा रहा है।

बिल्डिंग में दवाओं का कारोबार होता था। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0, पुलिस प्रशासन व राजस्व विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर उपस्थित है। SDM सरोजनी नगर अपनी टीम के साथ मौके पर है तथा ADM F/R मौके पर पहुँच रहे है।08 एम्बुलेंस मौके पर है व आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त एम्बुलेंस के लिए बोला गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रांसपोर्ट नगर, लखनऊ में बिल्डिंग गिरने से हुए हादसे का संज्ञान लिया, सरोजनीनगर विधायक डॉ०राजेश्वर सिंह ने भी जताया दुःख, दिए निर्देश

मुख्यमंत्री जी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों, SDRF और NDRF की टीमों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। तो वहीं सरोजनी नगर विधायक डॉ०राजेश्वर सिंह ने घटना के संबंध में दुःख जताते हुए ज़िम्मेदारों को हर संभव मदद के लिए निर्देशित किया है।

अब तक 4 की मौत, घायलों का हो रहा इलाज

शहीद पथ के किनारे तीन मंजिला इमारत गिरने के मामले में मंडलायुक्त लखनऊ रोशन जैकब के मुताबिक़ अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, बाँकी लोगों का लोकबंधु हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है।

ट्रांसपोर्टनगर में है ज़रूरी सुविधाओं का अभाव, ज़िम्मेदार रहते हैं नदारद

ट्रांसपोर्ट नगर में जल निकासी, सड़क, नल और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं की घोर उपेक्षा चिंताजनक है। यहां की इमारतों के गिरने की घटनाओं के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई है। वर्षों से लगातार लिखित शिकायतों के बावजूद, जिम्मेदार अधिकारियों ने ट्रांसपोर्ट नगर की आवश्यकताओं को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। वैज्ञानिक तथ्यों और क्षेत्र की जमीनी वास्तविकताओं की अनदेखी करना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। ऐसी अनदेखी से न केवल स्थानीय जनता परेशान है, बल्कि यह विकास के मार्ग में भी बड़ी बाधा उत्पन्न कर रही है।

वाराणसी पुलिस को आईजीआरएस में प्रथम स्थान, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में बड़ी उपलब्धि

वाराणसी, 6 सितंबर 2024: वाराणसी पुलिस ने आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) में प्रथम स्थान हासिल करके एक बार फिर से अपनी कार्यक्षमता और उत्कृष्टता का प्रमाण दिया है। यह उपलब्धि पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में हासिल की गई है, जो अपने प्रभावी नेतृत्व और सख्त अनुशासन के लिए जाने जाते हैं।

क्या है पूरा मामला ?

दरअसल, वाराणसी जिले में 2021 में कमिश्नरेट लागू होने के बाद से बीते जुलाई तक 60 से 75 के बीच रैंकिंग रहती थी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की निगरानी और निस्तारण में रुचि न लेने वाले ज़िम्मेदारों पर कार्यवाही की चेतावनी तथा लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई के बाद सुधार शुरू हुआ। पुलिस आयुक्त ने कमिश्नरेट के सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देशित करते हुए स्वयं मॉनिटरिंग शुरू की। इसके परिणाम स्वरूप यह उपलब्धि हासिल हुई कि अब पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी प्रदेश में पहले पायदान पर पहुँच गया। अगस्त माह की रैंकिंग में नंबर वन पर वाराणसी की कमिश्नरेट पुलिस है। शिकायतों के समय से निस्तारण, गुणवत्ता, मुख्यमंत्री कार्यालय से फीडबैक और शत प्रतिशत निस्तारण में वाराणसी कमिश्नरेट ने पूरे अंक अर्जित किये हैं।

कैसे मिली सफलता?

इससे पहले, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में देरी और लापरवाही के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की थी। उन्होंने सुनिश्चित किया कि हर शिकायत का समय पर और निष्पक्षता से निस्तारण हो। इस कड़ी निगरानी और अनुशासनात्मक कार्यवाही के कारण वाराणसी पुलिस ने आईजीआरएस में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

ज़िम्मेदारों के खिलाफ कार्यवाही

पिछले कुछ महीनों में, मोहित अग्रवाल ने कई अधिकारियों के खिलाफ लापरवाही के मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही की थी। इसके तहत, कई पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया और कुछ को चेतावनी दी गई। पुलिस कमिश्नर का कहना है कि जनता की शिकायतों का समय पर निपटारा करना हमारी प्राथमिकता है, और इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता की प्रतिक्रिया

जनता ने भी वाराणसी पुलिस की इस उपलब्धि की सराहना की है। लोगों का मानना है कि मोहित अग्रवाल के आने के बाद से पुलिस प्रशासन में एक नई ऊर्जा और सुधार देखने को मिला है। लोग अब अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं, क्योंकि उन्हें यकीन है कि उनकी बात सुनी जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।

भविष्य की योजनाएं

पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि यह तो सिर्फ एक शुरुआत है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में वाराणसी पुलिस और भी उन्नत तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करेगी ताकि जनता को और बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।

उन्होंने आगे कहा कि उनका उद्देश्य केवल आंकड़ों में सुधार करना नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत करना है। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ निभाएं।


उन्नाव: गरीब, नशेड़ी व्यक्ति से धोखे से जमीन लिखाने के बाद नहीं दिया पूरा पैसा, पीड़ित की पत्नी ने माँगी मदद

लखनऊ: मामला उन्नाव जनपद के थाना असोहा के ग्राम दरसवां का है जहां के ब्रजभान सिंह की पत्नी और बेटे ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके पति ब्रजभान सिंह को छेदईखेड़ा निवासी पम्मू, दरसवां निवासी सोनू तथा पहाड़पुर निवासी राघव ने मिलकर बंथरा निवासी बब्बन पांडेय को पीड़ित की 12 बिसूवा भूमि 8 लाख में तय कर के मात्र दो लाख में ही धोखे से लिखाई।

आरोप है कि जमीन लिखाने तक कई दिनों तक पीड़ित को अपने कब्जे में रखकर नशे में रखा जाता था रजिस्ट्री भी नशे की हालत में ही कराई गई। जब ब्रजभान की बीवी और बच्चों को मालूम हुआ तो उन्होंने कई जगह शिकायत की लेकिन बताया जाता है बब्बन पांडेय की ऊंची पहुंच के कारण पीड़ित को इंसाफ नही मिला। ये कोई पहला मामला नहीं है जनपद में ऐसे मामले आम हैं।पीड़ित की पत्नी और बच्चे ने एक वीडियो के माध्यम से अपनी व्यथा व्यक्त की है और न्याय की गुहार लगाई है। अब देखना ये होगा कि एक गरीब को न्याय मिलेगा या फिर कोई पैसे वाला अपनी पहुंच के दम पर दबे कुचलों को उनकी औकात दिखाने में कामयाब होगा।

हरितालिका तीज: व्रत, विधि, महत्व और परंपराएं

हरितालिका तीज हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, और मध्य प्रदेश में मनाया जाता है। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए प्रसिद्ध है और इसे विवाहित और अविवाहित महिलाएं दोनों करती हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत करती हैं, जबकि अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती हैं।

हरितालिका तीज का महत्व

हरितालिका तीज का नाम “हरित” और “आलिका” शब्दों से मिलकर बना है, जिसका मतलब होता है “हरण करना” और “मित्र”। यह नाम एक पौराणिक कथा से जुड़ा है, जिसमें माता पार्वती की सखी उन्हें उनके पिता के घर से भगवान शिव से मिलने के लिए हरण कर ले गई थीं। भगवान शिव से विवाह करने के लिए माता पार्वती ने घोर तपस्या की थी, और अंततः शिवजी ने उन्हें स्वीकार किया। इस कथा के अनुसार, हरितालिका तीज पर व्रत करने वाली महिलाएं माता पार्वती की भांति अपने पति के प्रति सच्चे प्रेम और समर्पण की भावना रखती हैं।

व्रत और पूजन विधि

  1. स्नान और शुद्धिकरण: हरितालिका तीज के दिन सुबह जल्दी उठकर महिलाएं स्नान करके शुद्ध हो जाती हैं। इसके बाद वे साफ वस्त्र धारण करती हैं।
  2. निर्जला व्रत: इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं, यानी बिना पानी पिए पूरा दिन उपवास करती हैं। यह व्रत अत्यधिक कठिन होता है और इसे निर्बाध भाव से करने का संकल्प लिया जाता है।
  3. पूजा की तैयारी: पूजा के लिए भगवान शिव, माता पार्वती, और भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमाएं बनाई जाती हैं। घर के आंगन या मंदिर में एक चौकी पर इन प्रतिमाओं को स्थापित किया जाता है।
  4. पूजन सामग्री: पूजन के लिए जल, फल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य, चंदन, वस्त्र, और अन्य पूजन सामग्री का उपयोग किया जाता है। महिलाओं द्वारा श्रृंगार की वस्तुएं भी पूजन में शामिल की जाती हैं।
  5. विधिवत पूजा: पूजा के दौरान, महिलाएं हाथ में जल, फल, और फूल लेकर संकल्प करती हैं। उसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती, और भगवान गणेश की पूजा विधिपूर्वक करती हैं। व्रती महिलाएं तीज कथा का श्रवण करती हैं, जिसमें माता पार्वती की कठिन तपस्या और भगवान शिव से उनके विवाह की कथा सुनाई जाती है।
  6. जागरण और भजन: हरितालिका तीज की रात महिलाएं जागरण करती हैं। वे भजन-कीर्तन करती हैं और माता पार्वती की स्तुति में गीत गाती हैं।

परंपराएं और रीति-रिवाज

  • मेंहदी और सजावट: इस दिन महिलाएं हाथों और पैरों में मेंहदी लगाती हैं और सुंदर पारंपरिक परिधान पहनती हैं। विवाहित महिलाएं अपने ससुराल से मिले वस्त्र और आभूषण पहनती हैं।
  • सामूहिक आयोजन: कई स्थानों पर सामूहिक रूप से हरितालिका तीज का आयोजन होता है, जिसमें महिलाएं एकत्रित होकर पूजा करती हैं और एक-दूसरे के साथ त्योहार की खुशियाँ बांटती हैं।
  • उपहार और सौभाग्य की वस्तुएं: तीज के अवसर पर सास अपनी बहुओं को तीज के उपहार के रूप में साड़ी, गहने, और अन्य सौभाग्य की वस्तुएं देती हैं। इसे ‘सिन्हारा’ कहा जाता है।

आधुनिक संदर्भ में हरितालिका तीज

आज के समय में भी हरितालिका तीज का महत्व कम नहीं हुआ है। आधुनिक महिलाएं भी अपनी व्यस्त जीवनशैली के बावजूद इस व्रत को पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ करती हैं। इस दिन महिलाएं सोशल मीडिया पर भी अपने तीज के अनुभव साझा करती हैं, जिससे यह पर्व एक सांस्कृतिक पर्व के रूप में उभर कर आता है।

हरितालिका तीज न केवल एक धार्मिक व्रत है, बल्कि यह महिलाओं के लिए एकता, प्रेम, और समर्पण का प्रतीक भी है। यह पर्व हमें सिखाता है कि कठिनाइयों का सामना कैसे किया जाए और अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए धैर्य और समर्पण कितना आवश्यक है। हरितालिका तीज का व्रत महिलाओं को आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है, जिससे वे अपने परिवार और समाज के प्रति और भी जिम्मेदार बनती हैं।

इस प्रकार, हरितालिका तीज नारी शक्ति, धैर्य, और पारिवारिक प्रेम का एक अद्वितीय प्रतीक है।