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भदोही: सपा विधायक जाहिद बेग के आवास पर युवती ने की आत्महत्या, पुलिस मामले की जांच में जुटी

लखनऊ/भदोहीं: उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। भदोही थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला मालिकाना कस्बा में स्थित भदोही विधायक जाहिद बेग के आवास पर एक 18 वर्षीय युवती नाजिया ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका नाजिया, इमरान की पुत्री थी और वह कांशीराम आवास कॉलोनी, मामदेवपुर की निवासी थी। पिछले कई वर्षों से वह विधायक के घर में घरेलू कार्य करती थी।

मंगलवार को जब विधायक जाहिद बेग के आवास पर घरेलू कार्य में संलग्न नाजिया के काफी देर तक दिखाई न देने पर खोजबीन शुरू हुई, तो मकान के सबसे ऊपर तल पर बने एक कमरे में उसका शव पंखे से लटकता हुआ पाया गया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे तोड़ने पर यह दृश्य सामने आया। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया और परिवार के सदस्यों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी स्तब्ध रह गए।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही भदोही क्षेत्राधिकारी और प्रशासनिक टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस और फील्ड यूनिट टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मृतका के परिजनों से भी पूछताछ की है। फिलहाल, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके।

परिवार और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

घटनास्थल पर मृतका के परिजन और स्थानीय लोग मौजूद थे। परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल था। नाजिया के माता-पिता का कहना है कि उन्हें कभी अंदेशा नहीं था कि उनकी बेटी ऐसा कदम उठाएगी। नाजिया अपने परिवार के साथ कांशीराम आवास कॉलोनी में रहती थी और पिछले कुछ वर्षों से विधायक के घर पर घरेलू कामकाज कर रही थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं थी और नाजिया घर की आर्थिक मदद के लिए काम करती थी।

समाज में चर्चा का विषय

इस घटना ने स्थानीय समाज में एक नई बहस छेड़ दी है। विधायक के घर पर काम करने वाली एक युवती द्वारा आत्महत्या करना लोगों के लिए आश्चर्यजनक और चिंता का विषय है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नाजिया पिछले कुछ समय से तनाव में दिख रही थी, लेकिन किसी ने भी इस तरह के कदम की उम्मीद नहीं की थी।

पुलिस जांच और संभावित कारण

पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नाजिया ने आत्महत्या क्यों की। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और साथ ही मृतका के मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नाजिया के किसी के साथ व्यक्तिगत संबंधों में कोई परेशानी थी या फिर घरेलू कामकाज को लेकर कोई विवाद हुआ था।

विधायक की प्रतिक्रिया

इस दुखद घटना पर विधायक जाहिद बेग ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि नाजिया उनके घर पर कई वर्षों से काम कर रही थी और उन्हें इस घटना से गहरा आघात पहुंचा है। विधायक ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस आत्महत्या के पीछे कौन से कारण थे।

मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोण

नाजिया की आत्महत्या ने समाज के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं में बढ़ते तनाव और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अनदेखी इस तरह की घटनाओं का कारण बन सकती है। यह जरूरी है कि परिवार और समाज ऐसे मामलों में जागरूक रहें और समय रहते मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करें।

स्थानीय प्रशासन की पहल

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने मृतका के परिवार को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि वे मामले की गहन जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह न फैलाएं और जांच में सहयोग करें। भदोही में हुई इस दर्दनाक घटना ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक युवा लड़की का इस तरह आत्महत्या करना न केवल उसके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है। यह जरूरी है कि हम अपने आसपास के लोगों की भावनाओं और मानसिक स्थिति के प्रति संवेदनशील रहें। पुलिस और प्रशासन से उम्मीद है कि वे इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच करेंगे ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता की कितनी जरूरत है। हमें चाहिए कि हम अपने आसपास के लोगों की मानसिक स्थिति को समझें और उनकी सहायता करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

साढ़े सात साल में उत्तर प्रदेश ने विकास और निवेश के नए युग में किया प्रवेशः सीएम योगी

  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आइकिया स्टोर का वर्चुअल माध्यम से किया शिलान्यास
  • सीएम बोले- अनलिमिटेड पोटेंशियल का प्रदेश है यूपी, इसकी संभावनाओं का लाभ भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में
  • सीएम योगी ने कहा- विगत साढ़े सात वर्ष में उत्तर प्रदेश ने देश-दुनिया के निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है
  • उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश की ओडीओपी देश की अभिनव योजना बन गई है
  • साथ ही उन्होंने कहा बेहतरीन कानून व्यवस्था से उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में अग्रणी

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा में स्थापित हो रहे आइकिया स्टोर का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि साढ़े सात वर्ष में उत्तर प्रदेश ने देश-दुनिया के निवेशकों का विश्वास अर्जित किया है। आइकिया इंडिया उन्हीं निवेशकों में से एक है। आइकिया इंडिया द्वारा उत्तर प्रदेश में 5500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत के अंदर अब इन्वेस्टमेंट का ड्रीम डेटिनेशन बन गया है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े सात साल में उत्तर प्रदेश ने विकास और निवेश के नए युग में प्रवेश किया है।

9 हजार से अधिक युवाओं को प्राप्त होगा रोजगार

सीएम योगी ने कहा कि इंग्का सेंटर्स की इस नई परियोजना में आइकिया रिटेल स्टोर, होटल, ऑफिस स्पेस और शॉपिंग सेंटर खोला जाएगा। इसके माध्यम से 9 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, निवेश की नई संभावनाओं के विकास, स्किल डेवलपमेंट और परंपरागत उत्पादों के प्रोत्साहन में उत्तर प्रदेश ने अनेक कार्यक्रम प्रारंभ किए हैं, आज उसके परिणाम हम सबके सामने है। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की ओडीओपी योजना देश की अभिनव योजना बन गई है। साथ ही बेहतरीन कानून व्यवस्था से उत्तर प्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में देश में अग्रणी है।

भारत की अर्थव्यवस्था में 9.2 प्रतिशत का योगदान दे रहा उत्तर प्रदेश

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की आबादी का सबसे बड़ा राज्य है, जो वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था में 9.2 प्रतिशत का योगदान दे रहा है। आज उत्तर प्रदेश देश में दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था वाला राज्य है, जो तेजी के साथ भारत के विकास के ग्रोथ इंजन के रुप में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 2017 में उत्तर प्रदेश ने अपनी औद्योगिक विकास नीति बनाई थी, उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हम लोगों का मार्गदर्शन करते हुए कहा था कि इन्वेस्टमेंट को एम्प्लॉयमेंट के साथ जोड़ना चाहिए। आइकिया इंडिया के स्टोर का शिलान्यास उसी का परिणाम है।

यूपी में संभावनाओं का लाभ भारत व अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में

सीएम योगी ने कहा कि देश की सबसे बड़ी और प्रतिभावान युवा आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है। विगत साढ़े सात वर्ष में उत्तर प्रदेश की बेरोजगारी दर घटी है। 27 अलग-अलग सेक्टर की सेक्टोरियल पॉलिसी के साथ उत्तर प्रदेश भारत के विकास में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी का क्षेत्र इस वर्ष के अंत में पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधाओं के साथ ही भारत के सबसे बड़े नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ जुड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र लॉजिस्टिक की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन इसी क्षेत्र के गौतमबुद्धनगर जनपद में पड़ेगा। उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल का प्रदेश है, इसकी संभावनाओं का लाभ भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में है। कार्यक्रम में स्वीडन के अंबेसडर यॉन थेस्लेफ, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, औद्योगिक विकास के राज्यमंत्री जसवंत सैनी, मुख्य सचिव मनोज सिंह, आईकिया इंडिया के सीईओ सुजैन पुल्वरर आदि मौजूद रहे।

सहकारिता: उ.प्र.राज्य भण्डारण निगम ने 2021-22 एवं 2022-23 का लाभांश मुख्यमंत्री को सौंपा

  • सीएम योगी की नीतियों की वजह से प्रदेश सरकार के विभाग लाभ के साथ ही अर्जित कर रहे लाभांश
  • सहकारिता राज्य मंत्री और राज्य भण्डारण निगम के अध्यक्ष जेपीएस राठौर ने सीएम को सौंपा 2.59 करोड़ से अधिक का चेक
  • निगम ने 2021-22 में 57.49 करोड़ रुपए तो 2022-23 में 53.42 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया

लखनऊ: सीएम योगी की नीतियों की वजह से प्रदेश सरकार के कई विभाग लाभ ही नहीं बल्कि लाभांश भी कमा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के सहकारिता विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम के अध्यक्ष जेपीएस राठौर ने रविवार को वित्तीय वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 के लिए निगम के लाभांश (डिविडेंड) की कुल राशि 2,59,08,960 रुपए (दो करोड़ उन्सठ लाख आठ हजार नौ सौ साठ रुपए) का चेक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदान किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में 57.49 करोड़ रुपए का लाभ अर्जित किया, जबकि वित्तीय वर्ष 2022-23 में 53.42 करोड़ रुपए का लाभ हुआ।

पारदर्शी तरीके से कार्य कर रहा निगम

निगम ने पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए अपने सभी गोदामों का डिपो ऑनलाइन सिस्टम (DOS) सॉफ्टवेयर पर क्रियान्वयन कराया है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से क्षेत्रीय कार्यालयों और भण्डारगृहों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना की गई है, जिससे मुख्यालय से भण्डारगृहों की निगरानी की जा रही है। निगम के सभी टेंडर ई-टेण्डरिंग या जेम (GeM) के माध्यम से कराए जा रहे हैं और सभी वस्तुओं की खरीद भी जेम के माध्यम से की जा रही है।

किसानों को सुरक्षित भण्डारण की सुविधा

खाद्यान्नों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके अलावा, कीटनाशक सेवा योजना के अंतर्गत न्यूनतम शुल्क पर सुरक्षित भण्डारण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि किसान, व्यापारी आदि अपने घरों में स्वयं भण्डारित खाद्यान्न को कीट-मुक्त रख सकें। किसानों को सुरक्षित भण्डारण के लिए 30% भण्डारण शुल्क में छूट दी जा रही है, जबकि सहकारी संस्थाओं को 10% की छूट का लाभ दिया जा रहा है।

ई-एनडब्ल्यूआर के माध्यम से ऋण प्राप्ति में सुविधा

निगम के सभी भण्डारगृहों का वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी (WDRA) के अंतर्गत पंजीकरण कराया गया है, जिससे किसानों को भण्डारित खाद्यान्न पर इलेक्ट्रॉनिक नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीद (E-NWR) निर्गत की जा रही है। इससे किसानों को ऋण प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।

लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में बिल्डिंग गिरने की घटना: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने की घायल व्यक्तियों से भेंट, स्वास्थ्य सुविधाओं का निर्देश

लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में शनिवार को एक बिल्डिंग गिरने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने लखनऊ वmउत्तरप्रदेश समेत पूरे देश को हिला कर रख दिया। इस हादसे में 8 लोगों की मौत और 27 लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए लोकबंधु श्री राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। इस दुर्घटना के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सभी घायलों के इलाज के लिए उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए।

घायलों का कुशलक्षेम जानने पहुंचे डिप्टी सीएम

घटना के बाद रविवार को सीएम योगी समेत कई दिग्गजों ने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए अस्पताल का दौरा किया। सूबे के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इसी कड़ी में न केवल घायलों का कुशलक्षेम जाना, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि उन्हें सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।डिप्टी सीएम ने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि सभी घायलों को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी प्रकार की कमी न हो।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम के साथ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर घायलों के इलाज की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सालय के स्टाफ को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि घायलों की देखभाल में कोई भी लापरवाही न हो और उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाए।

अधिकारियों के निर्देश और प्राथमिकता

अधिकारियों ने चिकित्सालय के डॉक्टरों और अन्य मेडिकल स्टाफ को निर्देश दिए कि घायलों को विशेष देखभाल की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं: सभी घायलों के इलाज के लिए उच्च गुणवत्ता की दवाएं, उपकरण और अन्य आवश्यक चिकित्सा साधन उपलब्ध कराए जाएं।
  2. निरंतर मॉनिटरिंग: घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की नियमित रूप से निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जाए।
  3. मनोवैज्ञानिक समर्थन: दुर्घटना से घायलों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए मनोवैज्ञानिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।
  4. समय पर उपचार: चिकित्सा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न हो और घायलों को त्वरित चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएं।

प्रशासनिक सक्रियता और जिम्मेदारी

प्रशासन की सक्रियता ने इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए गए थे, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकी। इसके अलावा, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि घायल व्यक्तियों को नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया जाए और उनका तुरंत उपचार शुरू हो सके। महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी जी की इस अवसर पर उपस्थिति ने घायलों और उनके परिवारजनों को यह भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर हर एक घायल व्यक्ति से बात की और उनकी समस्याओं को सुना। श्री द्विवेदी ने कहा कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग घायलों के पूर्ण उपचार और उनकी सभी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। लखनऊ के ट्रांसपोर्टनगर में हुई बिल्डिंग गिरने की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। हालांकि, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता और जिम्मेदारी ने इस कठिन समय में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता और मनोवैज्ञानिक समर्थन प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई है।डिप्टी सीएम द्वारा दिए गए निर्देश और महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी की उपस्थिति ने इस बात को सुनिश्चित किया है कि सभी घायलों को उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और उनके इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।

इस हादसे से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि लखनऊ में रहने वाले लोग सुरक्षित और संरक्षित महसूस कर सकें। इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन की तत्परता और उनकी जिम्मेदारी का पालन सराहनीय है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना के साथ, प्रशासन ने हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

समाजवादी पार्टी माफिया पैदा करने की फैक्ट्री, अपराध से सपा का चोली-दामन का साथ- नन्दी

  • सुल्तानपुर एनकाउंटर पर अखिलेश के सवाल पर मंत्री नन्दी का पलटवार
  • नन्दी ने कहा: सपा सरकार में जाति और मजहब देख कर दी जाती थी नौकरी और छुड़वाए जाते थे अपराधी
  • उन्होंने कहा- हमारी सरकार सुशासन, सेवा और सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है

लखनऊ: सुल्तानपुर की डकैती में शामिल अपराधियों के एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा किए गए सवाल पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने जबर्दस्त पलटवार किया है। मंत्री नन्दी ने सवाल सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव से सवाल किया है कि आखिर हर माफिया और हर अपराधी के अन्त पर आपको ही क्यों तकलीफ होती है?
समाजवादी पार्टी माफिया पैदा करने की फैक्ट्री है और अपराध से सपा का साथ चोली-दामन का है।

सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में मंत्री नन्दी ने लिखा है कि अखिलेश जी पूरा प्रदेश जानता है कि आपकी सरकार में जाति और मजहब देखकर नौकरियाँ दी जाति थी, जाति और मजहब देखकर थाने से अपराधी छुड़वाये जाते थे, जाति और मजहब देखकर एफआईआर होती थी!

हमारी सरकार सुशासन, सेवा और सुरक्षा के लिये प्रतिबद्ध है! कानून व्यवस्था और वर्दी के इकबाल को चुनौती देने वाले आपराधिक व असामाजिक तत्वों को उन्ही की भाषा में माकूल जवाब मिलता आया है और आगे भी मिलता रहेगा!

जनता देख रही है कि किसे उनके जान-माल की चिन्ता है और किसे अपराधियों की जान की चिन्ता खाये जा रही है! आखिर हर माफिया और हर अपराधी के अन्त पर आपको ही क्यों तकलीफ होती है? क्योंकि समाजवादी पार्टी माफिया पैदा करने की फैक्ट्री है और अपराध से सपा का साथ चोली-दामन का है!

हमारी सरकार की उपलब्धि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट है और वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज जैसी योजनाएं हैं! आपकी सरकार के समय वन डिस्ट्रिक्ट और वन माफिया के तहत हर जिले में माफियाओं की दहशत का साम्राज्य था! यही गुण्डे माफिया पुलिस को निर्देशित करते थे!

माफियाओं के प्रति आपकी इस हमदर्दी की सजा उत्तर प्रदेश एक बार भुगत चुका है! लेकिन नये भारत का नया उत्तर प्रदेश उस दौर से बहुत आगे निकल आया है! अब माफिया और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण अतीत की बात हो गयी है!