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स्वच्छता ही सेवा 2024: ‘स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता’ थीम पर उत्तर प्रदेश में विशेष सफाई अभियान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ‘स्वच्छता ही सेवा’ वर्ष 2024 के तहत प्रदेश की सभी नगरीय निकायों में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक एक व्यापक स्वच्छता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्देश्य नगरों, मोहल्लों और वार्डों को स्वच्छ और साफ-सुथरा बनाना है। अभियान के तहत महात्मा गांधी के 155वें जन्मदिवस पर ‘‘स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम‘‘ के अंतर्गत 26 सितंबर से 02 अक्टूबर तक 155 घंटे का नॉन-स्टॉप सफाई अभियान चलाया जाएगा।

स्वच्छता ही सेवा अभियान की थीम और उद्देश्य

नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए0के0 शर्मा के नेतृत्व में ‘स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता’ थीम पर इस 15 दिवसीय अभियान को वृहद जन-सहभागिता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया है। इस थीम के अंतर्गत स्वच्छता की भागीदारी, संपूर्ण स्वच्छता और सफाईमित्र सुरक्षा के तीन प्रमुख घटक शामिल हैं। अभियान का उद्देश्य न केवल सफाई करना है, बल्कि लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करना और स्वच्छता को उनके दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना है।

अभियान के प्रमुख पहलू

  1. सार्वजनिक भागीदारी: अभियान में नागरिकों के जुड़ाव हेतु विभिन्न आई.ई.सी. गतिविधियां जैसे साइक्लोथॉन, मैराथॉन और प्लॉग रन का आयोजन किया जाएगा। साथ ही स्वच्छ सारथी क्लब, स्वयंसेवी संस्थाएं, युवा मंडल दल और अन्य संस्थाएं स्वच्छता में सहयोग प्रदान करेंगी।
  2. स्वच्छता की भागीदारी: स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों में स्वच्छ सारथी क्लबों की भूमिका अहम होगी। इन क्लबों के माध्यम से प्लास्टिक मुक्त स्वच्छ स्कूल बनाने की योजना है, जिसमें स्वच्छ टॉयलेट और स्वच्छ परिसर की व्यवस्था होगी।
  3. विशेष सफाई अभियान: महात्मा गांधी के जन्मदिवस पर 155 घंटे का नॉन-स्टॉप सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान नगरों के प्रमुख स्थान जैसे बाजार, रोड के किनारे, कार्यालय परिसर, और खान-पान की जगहों पर विशेष सफाई की जाएगी।
  4. सफाई मित्रों की भूमिका: सफाई मित्र इस अभियान के प्रमुख अंग हैं। उनके स्वास्थ्य की जांच, किट वितरण और सरकारी योजनाओं का लाभ देने का प्रबंध किया जाएगा।

पुरस्कृत होंगे उत्कृष्ट कार्य करने वाले निकाय

अभियान के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 02 नगर निगम, 05 पालिकाएं और 10 पंचायतें पुरस्कृत की जाएंगी। इसके साथ ही सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले स्कूलों को “स्वच्छ स्कूल” की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा।

जीरो वेस्ट और प्लास्टिक मुक्त त्योहार, संसाधनों की उपलब्धता और मॉनिटरिंग

मंत्री ए0के0 शर्मा ने आने वाले त्योहारों को जीरो वेस्ट और प्लास्टिक मुक्त बनाने पर जोर दिया है। नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान किसी भी स्थान पर लेगसी वेस्ट नहीं दिखना चाहिए। साथ ही छठ पूजा के लिए सभी घाटों की व्यापक रूप से सफाई की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी निकाय में सफाई का अभाव नहीं होना चाहिए। संसाधनों की कमी वाले निकायों को निकटतम नगर निगमों या पालिकाओं से सहायता प्रदान की जाएगी। प्रत्येक जिले और निकाय में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति होगी, जो सफाई व्यवस्था की निगरानी करेंगे। रिपोर्ट की डायरेक्टरेट स्तर पर समीक्षा की जाएगी, और नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्वच्छता योद्धा और स्वच्छ सारथी क्लबों की भागीदारी, सफाई मित्रों के लिए विशेष प्रबंध

स्वच्छता योद्धा और स्वच्छ सारथी क्लब अभियान के मुख्य स्तंभ हैं। इनकी संख्या बढ़ाकर उन्हें और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, निकाय स्तर पर सहयोगियों और योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा, इसके साथ ही सफाई मित्रों की कार्य क्षमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनकी स्वास्थ्य जांच, किट वितरण और सरकारी योजनाओं के लाभ दिए जाएंगे। निकाय स्तर पर कैंप लगाकर सफाई मित्रों को 17 सितंबर से पहले स्वच्छता किट उपलब्ध कराई जाएगी।

संसाधनों का सुचारू उपयोग, सुंदरीकरण और आधुनिकता की दिशा में कदम

निदेशक नगर निकाय अनुज कुमार झा ने बताया कि हाल ही में विभिन्न निकायों में 490 वाहन दिए गए हैं। जिन निकायों में संसाधनों की कमी है, उन्हें अपने प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के दौरान सभी संसाधनों का सही ढंग से उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा ताकि नगरों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके। अभियान के अंतर्गत नगरों के पार्क, उद्यान, ओपन जिम और वेन्डिंग जोन जैसी व्यवस्थाओं को उत्कृष्ट स्थानों की श्रेणी में स्थापित किया जाएगा। साथ ही पीपीपी मॉडल के तहत चौराहों का सुंदरीकरण करने के लिए नागरिकों और व्यापारिक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा।

स्वच्छता सर्वेक्षण और ग्लोबल सिटी की ओर कदम, सफाई मित्रों की सुरक्षा और सम्मान

आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण में नगरों को ग्लोबल सिटी के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्वच्छता योद्धाओं और क्लबों की भूमिका अहम होगी। मंत्री ने साफ-सफाई को गंभीरता से लेने और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं। सफाई मित्रों का नगर की स्वच्छता में बड़ा योगदान है। उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उन्हें नियमित स्वास्थ्य जांच और किट वितरण किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों को सफाई मित्रों की समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वच्छता ही सेवा अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल सफाई करना है, बल्कि स्वच्छता को समाज का एक अभिन्न हिस्सा बनाना है। जनसहभागिता और सरकारी प्रयासों के साथ यह अभियान उत्तर प्रदेश को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस अभियान की सफलता में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और जागरूकता अहम भूमिका निभाएगी। स्वच्छता ही सेवा के इस महाअभियान में प्रदेश के हर नागरिक का स्वागत है, ताकि हम सब मिलकर अपने नगरों को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक बना सकें।

UPSTF: महाराष्ट्र की हत्या और लूट के मामले में वांछित दो आरोपी गोरखपुर से गिरफ्तार

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लखनऊ, 11 सितंबर 2024: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने महाराष्ट्र के वसई-विरार पुलिस कमिश्नरेट, नायगांव, जिला मिरा-भाईंदर में पंजीकृत हत्या और लूट के मामले में वांछित दो आरोपियों को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गई। पकड़े गए आरोपियों के नाम मुकेश गोवर्धन दास खुपचंदानी और अनिल मल्लाह हैं, जो हत्या, लूट और जालसाजी के मामलों में शामिल थे। इस मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी और गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया पर नजर डालते हैं।

गिरफ्तारी का विवरण

गिरफ्तारी के समय मुकेश गोवर्धन दास खुपचंदानी और अनिल मल्लाह, जो महाराष्ट्र पुलिस के लिए वांछित थे, को 10 सितंबर 2024 की रात लगभग 11:00 बजे गोरखपुर के भैरोपुर तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी हत्या और लूट के मामले में शामिल थे, जिसमें उन्होंने रामचंद्र गुरुमुखदास ककरानी की हत्या कर उनके कीमती सामान लूट लिए थे।

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

  1. मुकेश गोवर्धन दास खुपचंदानी: पुत्र गोवर्धन दास, निवासी-शगुन निवास दशहरा मैदान बी/सी 1025, उल्हासनगर-3, जिला ठाणे, महाराष्ट्र।
  2. अनिल मल्लाह: पुत्र राजकुमार उर्फ नेपाल मल्लाह, निवासी ग्राम-घिराऊजोत, थाना पकड़ी, जिला कपिलवस्तु, नेपाल

बरामदगी

  1. ओमेगा कंपनी की एक कलाई घड़ी (हत्या कर लूटी गई)
  2. हीरा जड़ित सोने की एक अंगूठी (हत्या कर लूटी गई)
  3. ₹17,000/- नगद (हत्या कर लूटे गए)

गिरफ्तारी का ऑपरेशन

महाराष्ट्र पुलिस ने मुकेश गोवर्धन दास खुपचंदानी और अनिल मल्लाह की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ, उत्तर प्रदेश से सहायता मांगी थी। इसके बाद, धर्मेश कुमार शाही, पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण में निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह की अगुवाई में एक टीम ने गोरखपुर में ऑपरेशन शुरू किया। इस ऑपरेशन में महाराष्ट्र पुलिस की टीम भी शामिल थी, जिसमें एपीआई गनेश केकान और एपीआई नितिन वेन्द्रे शामिल थे।

10 सितंबर 2024 को अभिसूचना संकलन के दौरान सूचना मिली कि आरोपी भैरोपुर तिराहे के पास मौजूद हैं। एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी के दौरान ओमेगा कंपनी की एक कलाई घड़ी, हीरा जड़ित सोने की अंगूठी, और ₹17,000/- नगद बरामद हुए।

अपराध का ब्योरा और आरोपियों का बयान

मुकेश गोवर्धन दास खुपचंदानी ने पूछताछ में खुलासा किया कि वह रामचंद्र गुरुमुखदास ककरानी का निजी ड्राइवर था। रामचंद्र की गाड़ी चलाते हुए उसे यह जानकारी मिली थी कि वे लाखों की घड़ी और सोने की हीरा जड़ित अंगूठी पहनते हैं। रामचंद्र अक्सर अपने पेट्रोल पंपों से पैसे कलेक्ट करने के लिए निकलते थे, और मुकेश गोवर्धन ने इसी दौरान रामचंद्र को लूटने की योजना बनाई।

मुकेश ने अपने साथी अनिल मल्लाह और अन्य के साथ मिलकर रामचंद्र की हत्या की योजना बनाई और 25 अगस्त 2024 को हत्या को अंजाम दिया। उन्होंने रामचंद्र की हत्या कर उनके शव को उनकी गाड़ी Hyundai Exter में ही छोड़ दिया और उनकी कीमती घड़ी, अंगूठी और कलेक्शन के पैसे लूट लिए।

मुकेश गोवर्धन के बयान के अनुसार, वह अपने साथी अनिल मल्लाह के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम दिया था। हत्या के बाद, वे उत्तर प्रदेश भाग गए और वहां छिपने की कोशिश की।

गिरफ्तारी के बाद की कार्रवाई

गिरफ्तारी के तुरंत बाद, अभियुक्तों को गोरखपुर के एम्स थाना में दाखिल किया गया। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। महाराष्ट्र पुलिस ने एसटीएफ टीम के सहयोग के लिए सराहना की और कहा कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से हत्या और लूट की गुत्थी सुलझाने में मदद मिली है।

एसटीएफ की सराहनीय भूमिका

एसटीएफ, उत्तर प्रदेश की यह बड़ी सफलता है। एसटीएफ की टीम ने न केवल वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की, बल्कि अपराध में शामिल महत्वपूर्ण सुरागों को भी हासिल किया। एसटीएफ ने ऑपरेशन को कुशलता और गोपनीयता से अंजाम दिया, जिससे महाराष्ट्र पुलिस को भी आवश्यक सहयोग मिला।

आरोपियों के खिलाफ आरोप और संभावित सजा

गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों पर धारा 103(1), 140(2) बीएनएस के तहत केस पंजीकृत है। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो उन्हें सख्त सजा हो सकती है, जिसमें लंबी कैद भी शामिल है। इन धाराओं के तहत, हत्या और लूट जैसे गंभीर अपराधों के लिए कानून में सख्त प्रावधान हैं।

एसटीएफ की आगे की योजना

एसटीएफ, उत्तर प्रदेश अब आगे भी इसी प्रकार से वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास अन्य वांछित अपराधियों की भी पूरी सूची है और उन्हें पकड़ने के लिए भी रणनीति बनाई जा रही है। एसटीएफ टीम अपराधियों के मनोबल को गिराने और आम जनता के मन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और जनता का सहयोग आवश्यक है।

पीएम स्वनिधि योजना: उत्तर प्रदेश में उत्कृष्ट कार्य के लिए नगरीय निकाय और बैंकिंग संस्थान सम्मानित

लखनऊ: 11 सितंबर, 2024 – उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बुधवार को नगरीय निकाय निदेशालय में आयोजित ‘उत्कृष्टता की ओर बढ़ते कदम’ विषय पर आयोजित Performance Recognition for Access to Financial Inclusion and Street Venders Empowerment (PRAISE-2023-24) कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाले 28 नगरीय निकायों और 15 बैंकिंग संस्थानों को प्रेज पुरस्कार से सम्मानित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शहरी स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे उद्यमियों को स्वावलंबी बनाना और उनके पुनरुत्थान के लिए ऋण उपलब्ध कराना था।

पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत और उद्देश्य

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत 1 जून, 2020 को कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी, जब स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यवसायियों की आजीविका पर संकट गहरा गया था। इस योजना के तहत छोटे व्यवसायियों को कार्यशील पूंजी के रूप में पहले चरण में 10,000 रुपये का ऋण दिया जाता है। इसके बाद, पहले ऋण की शत-प्रतिशत वापसी पर 20,000 रुपये का द्वितीय ऋण और उसकी भी वापसी पर 50,000 रुपये का तृतीय ऋण दिया जाता है। योजना के तहत डिजिटल लेनदेन को भी बढ़ावा देने के लिए कैशबैक सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसमें वेण्डर्स को यूपीआई-आईडी और क्यूआर कोड प्रदान किया जाता है।

उत्कृष्ट कार्य के लिए नगरीय निकाय और बैंकिंग संस्थानों को सम्मान

पीएम स्वनिधि योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य के लिए 28 नगरीय निकायों और 15 बैंकिंग संस्थानों को सम्मानित किया गया। इनमें लखनऊ नगर निगम, गाजियाबाद नगर निगम, गोरखपुर, बरेली, झांसी, मुरादाबाद नगर निगम, तथा बिलारीगंज और हाटा नगर पंचायत शामिल हैं। बैंकिंग सेक्टर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बड़ौदा यूपी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कनाडा बैंक, इंडियन बैंक, और यूको बैंक को सम्मानित किया गया।

उत्तर प्रदेश की उपलब्धियाँ और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

उत्तर प्रदेश में पीएम स्वनिधि योजना के तहत अब तक कुल 18.97 लाख ऋण वितरित किए गए हैं, जो कि पूरे देश का 21.48 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, आगरा, और गाजियाबाद जैसे शहरों ने ऋण वितरण में देश के शीर्ष 10 उच्च मिलियन प्लस शहरों में अपना स्थान बनाया है। इसी प्रकार, अलीगढ़, बरेली, गोरखपुर, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, और झांसी जैसे शहर भी ऋण वितरण में प्रमुखता से शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश में कुल 8.43 लाख डिजिटल एक्टिव वेंडर्स हैं जिन्होंने 53.456.74 करोड़ रुपये की राशि का डिजिटल ट्रांजेक्शन किया है। इस डिजिटल परिवर्तन से वेंडर्स को 26.38 करोड़ रुपये का कैशबैक प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के 31.05 लाख वेंडर्स और उनके परिवार के सदस्यों को पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, पीएम जनधन योजना, वन नेशन वन राशनकार्ड, जननी सुरक्षा योजना, पीएम श्रमयोगी मांगधन योजना, बीओसीडब्ल्यू के अंतर्गत पंजीकरण, पीएम मातृ वंदना योजना जैसी 8 अन्य योजनाओं से जोड़ा गया है।

उद्यमिता को प्रोत्साहन और रोजगार सृजन

नगर विकास मंत्री ए.के.शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की मंशा है कि लोग रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने बताया कि मोदी जी के प्रयासों से वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में भारत की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ है। वर्ष 2014 से पहले, भारत ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में वैश्विक स्तर पर 142वें स्थान पर था, जो आज 50 से 60वें स्थान पर पहुंच गया है। प्रधानमंत्री जी ने उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में इंस्पेक्टर राज को समाप्त कर डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा दिया। इससे औद्योगिक गतिविधियों में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि नगर निकायों में भी ऑनलाइन व्यवस्था लागू होनी चाहिए ताकि लोग घर बैठे ही रेलवे और हवाई जहाज के टिकट की तरह सभी प्रमाण पत्र और दस्तावेज पारदर्शी तरीके से प्राप्त कर सकें।

समारोह में प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में राज्य मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इसके अलावा, सचिव नगर विकास अजय कुमार शुक्ल, निदेशक नगरीय निकाय अनुज कुमार झा, बैंकिंग संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स भी शामिल हुए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने योजना को और आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया और महिला शक्ति समूहों तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

समारोह का उद्देश्य और भविष्य की दिशा

समारोह के दौरान नगर विकास मंत्री ने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना शहरी रेहड़ी पटरी और छोटे व्यवसायियों के लिए एक अमृत समान योजना है। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट वेंडर्स को स्वावलंबी बनाने के लिए नगरीय निकायों और बैंकिंग संस्थाओं को उनकी भूमिका को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है, और पीएम स्वनिधि योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश में इस योजना के तहत अब तक 18.97 लाख ऋण वितरित किए गए हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। योजना के तहत वेंडर्स को व्यवसाय के अनुरूप शहरों में स्थान उपलब्ध कराने के साथ-साथ ऋण प्रदान किया गया है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सके हैं। इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए नगरीय निकायों और बैंकिंग संस्थाओं का सहयोग सराहनीय है, और इन्हें सम्मानित करके उनके योगदान को मान्यता दी गई है।

इस प्रकार, पीएम स्वनिधि योजना न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनी है, बल्कि इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। योजना के तहत मिली सफलता और उपलब्धियों ने उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है। इस योजना के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं। नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने कार्यक्रम के समापन पर योजना को और आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को इसके लाभ से जोड़ने के लिए सभी को प्रेरित किया।

यूपीएसटीएफ को मिली बड़ी सफलता: डकैती में वांछित कुख्यात अपराधी राहुल गुप्ता की गिरफ्तारी

लखनऊ, 11 सितंबर 2024: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए, जनपद बलरामपुर में डकैती के मामले में वांछित और ₹50,000 का इनामी कुख्यात अपराधी राहुल गुप्ता को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी एसटीएफ टीम के उच्चस्तरीय अभिसूचना संकलन और योजनाबद्ध कार्रवाई के परिणामस्वरूप संभव हुई है।

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गिरफ्तारी का पूरा विवरण

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम राहुल गुप्ता पुत्र रामकुमार है, जो ग्राम महतिनीया, थाना भवानीगंज, जनपद सिद्धार्थनगर का निवासी है। राहुल को 10 सितंबर 2024 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर के कस्बा बावड़ा, सुगरमील चौक, बस स्टॉप के पास से शाम 6:35 बजे गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की टीम ने स्थानीय क्राइम ब्रांच के सहयोग से इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

राहुल गुप्ता का आपराधिक इतिहास

राहुल गुप्ता का लंबा आपराधिक इतिहास है, जिसमें चोरी, लूट, डकैती, और जालसाजी जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। वह उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सक्रिय था और आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने के बाद अक्सर स्थान बदल लेता था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में दर्ज मामलों की सूची निम्नलिखित है:

  1. मुकदमा संख्या 118/2019 – धारा 458/382/411 भा0द0वि0, थाना डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर
  2. मुकदमा संख्या 127/2019 – धारा 380/411 भा0द0वि0, थाना डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर
  3. मुकदमा संख्या 131/2019 – धारा 4/25 आर्म्स एक्ट, थाना डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर
  4. मुकदमा संख्या 205/2019 – धारा 3(1) यूपी गुण्डा एक्ट, थाना डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर
  5. मुकदमा संख्या 03/2020 – धारा 3(2) यूपी गुण्डा एक्ट, थाना भवानीगंज, सिद्धार्थनगर
  6. मुकदमा संख्या 55/2020 – धारा 457/380/411 भा0द0वि0, थाना भवानीगंज, सिद्धार्थनगर
  7. मुकदमा संख्या 66/2020 – धारा 457/380/411/413/419/420/467/468/472/188/269/270 भा0द0वि0, थाना भवानीगंज, सिद्धार्थनगर
  8. मुकदमा संख्या 83/2020 – धारा 380/411 भा0द0वि0, थाना भवानीगंज, सिद्धार्थनगर
  9. मुकदमा संख्या 158/2020 – धारा 110 जी सीआरपीसी, थाना भवानीगंज, सिद्धार्थनगर
  10. मुकदमा संख्या 327/2020 – धारा 379/411 भा0द0वि0, थाना हरैया, बस्ती
  11. मुकदमा संख्या 512/2020 – धारा 379/411 भा0द0वि0, थाना कोतवाली नगर, बस्ती
  12. मुकदमा संख्या 156/2022 – धारा 395/420/467/468/471/411 भा0द0वि0, थाना रेहरा बाजार, बलरामपुर

डकैती की वारदात और आरोपी का बयान

गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में राहुल गुप्ता ने स्वीकार किया कि उसका एक गिरोह है, जो कई वर्षों से चोरी, लूट और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा है। उन्होंने बताया कि गिरोह द्वारा किए गए अपराधों से प्राप्त धन को आपस में बांट लिया जाता था, और चोरी किए गए सामानों को कुछ समय बाद बेच दिया जाता था। राहुल ने खुलासा किया कि 5 सितंबर 2022 की सुबह उसने अपने सहयोगियों रमेश, सुभाष, डॉक्टर, और डॉक्टर के एक साथी के साथ मिलकर जनपद बलरामपुर के रेहरा बाजार स्थित एक जनसेवा केंद्र में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था।

इस वारदात के बाद मामला थाना रेहरा बाजार में पंजीकृत किया गया, और राहुल बलरामपुर से भागकर मुंबई चला गया था। वहां वह लंबे समय से छिपकर रह रहा था, जबकि इस वारदात में शामिल अन्य सभी आरोपी स्थानीय पुलिस द्वारा पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके थे।

गिरफ्तारी का ऑपरेशन और ट्रांजिट रिमांड

राहुल गुप्ता की गिरफ्तारी एसटीएफ टीम द्वारा श्री दिनेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के पर्यवेक्षण में की गई। अभिसूचना संकलन के दौरान प्राप्त जानकारी के आधार पर, उपनिरीक्षक श्री अमित कुमार तिवारी के नेतृत्व में एक टीम कोल्हापुर, महाराष्ट्र के लिए रवाना हुई। वहां स्थानीय स्तर पर अभिसूचना संकलन के बाद टीम ने राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया। अभियुक्त को थाना शाहुपुरी, जनपद कोल्हापुर में दाखिल किया गया और 11 सितंबर 2024 को जिला एवं सत्र न्यायालय कोल्हापुर के समक्ष प्रस्तुत कर चार दिन का ट्रांजिट रिमांड प्राप्त किया गया।

एसटीएफ की रणनीति और भविष्य की कार्रवाई

एसटीएफ की यह कार्रवाई, उत्तर प्रदेश में सक्रिय वांछित अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। एसटीएफ ने अपने विभिन्न टीमों और इकाईयों को इन अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। इस सफलता के बाद एसटीएफ ने यह संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में अन्य वांछित अपराधियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ की प्रशंसा

इस गिरफ्तारी की सफलता के बाद, एसटीएफ की टीम की प्रशंसा हो रही है। उत्तर प्रदेश पुलिस के उच्च अधिकारियों ने एसटीएफ टीम के प्रयासों की सराहना की है और यह भी सुनिश्चित किया है कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। एसटीएफ की यह सफलता न केवल अपराधियों के मनोबल को गिराएगी बल्कि आम जनता में सुरक्षा और न्याय के प्रति विश्वास को भी मजबूत करेगी।

राहुल गुप्ता की गिरफ्तारी, एसटीएफ और उत्तर प्रदेश पुलिस के समर्पण, कुशलता, और रणनीतिक योजना का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यह दिखाता है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने और अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से तत्पर हैं।

LUCKNOW: राम जानकी मंदिर मेले में सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने की सर्व मंगल की कामना

लखनऊ: राम जानकी मंदिर, ठाकुर द्वारा बंगला बाजार में आयोजित मेले ने एक बार फिर से हमारी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है। यह मेला सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति की गहराई और समाज में सौहार्द और एकता को बढ़ावा देने का प्रतीक है। सरोजनीनगर के लोकप्रिय विधायक, डॉ. राजेश्वर सिंह ने मेले में भाग लेकर आराध्य देवों की शरण में सर्व मंगल की कामना की और मेले के महत्व पर प्रकाश डाला।

मेले का महत्व और हमारी संस्कृति

भारत में मेले सदियों से हमारे सांस्कृतिक ताने-बाने का हिस्सा रहे हैं। यह आयोजन सिर्फ धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग एक साथ आकर सामाजिक समरसता और आपसी सौहार्द का प्रदर्शन करते हैं। राम जानकी मंदिर में आयोजित इस मेले ने भी यही संदेश दिया। यहां न केवल भक्तों ने भगवान राम और माता सीता की पूजा-अर्चना की, बल्कि मेलों के पारंपरिक खेल, झूले, स्थानीय हस्तशिल्प और व्यंजनों ने मेले की रौनक को चार चांद लगा दिए।

सरोजनीनगर विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह की उपस्थिति

सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मेले में शामिल होकर स्थानीय समुदाय के साथ मेलजोल बढ़ाया और मंदिर में भगवान राम और माता सीता की पूजा-अर्चना की। डॉ. सिंह ने कहा कि, “मेले हमारी संस्कृति की पहचान हैं और ये सामाजिक समरसता, सौहार्द का प्रतीक हैं।” उन्होंने मेले में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सर्व मंगल की कामना की और समाज में भाईचारे और एकता को बनाए रखने की अपील की।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने दिया आपसी भाईचारा का संदेश

विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “हमारी संस्कृति का अटूट हिस्सा होने के नाते, मेले हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और नई पीढ़ी को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराते हैं। राम जानकी मंदिर का यह मेला न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक साथ लाने का कार्य भी करता है।”

मेले में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा

मेले के दौरान मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भगवान राम और माता सीता की शोभायात्रा, भजन-कीर्तन, और रामलीला का मंचन मेले के मुख्य आकर्षण रहे। इन कार्यक्रमों ने भक्तों को भगवान की भक्ति में लीन कर दिया और सांस्कृतिक धरोहर की झलक भी प्रस्तुत की। इसके अलावा, मेले में लगे विभिन्न स्टॉल्स ने स्थानीय हस्तशिल्प, कपड़े, आभूषण और खाने-पीने की वस्तुओं का प्रदर्शन किया। बच्चों के लिए झूले और पारंपरिक खेल भी लगाए गए, जो मेले की रौनक को और बढ़ा रहे थे।ऐसे मेलों का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ये स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा देते हैं। मेले में लगे विभिन्न स्टॉल्स स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करते हैं, जहां वे अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर सकते हैं। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मदद करता है और समुदाय के विकास में योगदान देता है।

सामाजिक एकता और समरसता का प्रतीक

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राम जानकी मंदिर का यह मेला समाज में सामाजिक एकता और समरसता को बढ़ावा देता है। यह आयोजन लोगों को एक दूसरे के करीब लाता है, जिससे समाज में आपसी समझ और सहयोग की भावना बढ़ती है। मेलों में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होता, यहां सभी को एक समान सम्मान और स्थान मिलता है।

विधायक डॉ.राजेश्वर सिंह की विकास योजनाएं

डॉ. राजेश्वर सिंह न सिर्फ अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास के लिए जाने जाते हैं, बल्कि वे समाज में एकता और समरसता को बढ़ावा देने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने क्षेत्र में कई विकास परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना है। मेले के दौरान उन्होंने जनता से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं और हमें गर्व महसूस कराते हैं। डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में वे और भी ऐसे आयोजन करेंगे जो समाज के विभिन्न वर्गों को एक साथ लाने और उन्हें एक दूसरे के करीब लाने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित और बढ़ावा देना हमारी जिम्मेदारी है और वे इस दिशा में निरंतर प्रयासरत रहेंगे। राम जानकी मंदिर, ठाकुर द्वारा बंगला बाजार का यह मेला न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भी उत्सव है। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की उपस्थिति और उनके द्वारा की गई सर्व मंगल की कामना इस आयोजन को और भी विशेष बनाती है। ऐसे मेलों के माध्यम से हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों को उनसे जोड़ने का अनूठा अवसर मिलता है। मेले हमारी संस्कृति की पहचान हैं और यह सामाजिक समरसता और सौहार्द का प्रतीक भी हैं। इस मेले ने लोगों को एक साथ लाकर समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया है। विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया और उनके संदेश ने समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया।

इस प्रकार, राम जानकी मंदिर का मेला न सिर्फ धार्मिक आयोजन है, बल्कि यह समाज में एकता, प्रेम और समरसता का भी संदेश देता है। ऐसे आयोजन हमें हमारी जड़ों से जोड़ते हैं और हमें यह याद दिलाते हैं कि हमारी संस्कृति कितनी समृद्ध और विविधतापूर्ण है। सरोजनीनगर में ऐसे और भी मेलों के आयोजन से समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा मिलेगा और हमारी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने में मदद मिलेगी।