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अयोध्या में उत्तर प्रदेश सहकार भारती प्रदेश अधिवेशन का उद्घाटन, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने किया

अयोध्या, उत्तर प्रदेश: सहकार भारती के प्रदेश अधिवेशन का भव्य शुभारंभ प्रदेश के सहकारिता मंत्री माननीय जेपीएस राठौर ने किया। इस अवसर पर इफको के प्रबंध निदेशक श्री उदय शंकर अवस्थी, अयोध्या धाम के महापौर गिरीस पति त्रिपाठी, महंत अवधेश दास (बड़ा भक्तमाल अयोध्या धाम), सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीना नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी और प्रदेश मंत्री कृष्ण कुमार ओझा ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारत माता और श्रद्धेय लक्ष्मणराव इनामदार के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसके साथ ही सहकार भारती यूपी की स्मारिका का विमोचन भी हुआ।

सहकारिता आंदोलन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच: जेपीएस राठौर का संबोधन

सहकार भारती के प्रदेश अधिवेशन में उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारिता आंदोलन और इसके महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा दी जा रही है। सहकारिता मंत्रालय का गठन इस बात का प्रमाण है कि सरकार किसानों और सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। राठौर ने यह भी बताया कि सहकारिता आंदोलन का मुख्य उद्देश्य किसानों को साहूकारों और सूदखोरों से मुक्ति दिलाना था, लेकिन पिछली सरकारों के समय यह संस्थाएं भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई थीं। अब, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, और जल्द ही उत्तर प्रदेश सहकारिता में अग्रणी राज्य बनेगा।

सहकारिता से समृद्धि का रास्ता: इफको के एमडी उदय शंकर अवस्थी का बयान

इफको के प्रबंध निदेशक उदय शंकर अवस्थी ने सहकारिता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहकारिता एक असीमित क्षेत्र है, जो देश की समृद्धि का रास्ता तय कर सकता है। उन्होंने सहकार भारती को देश का सबसे बड़ा सहकारी संगठन बताते हुए कहा कि यह संगठन आने वाले समय में सहकारिता को एक नई दिशा देगा।

सहकारिता की नीति और भविष्य की योजनाएं: राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी का संदेश

सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. उदय जोशी ने सहकारिता को भारतीय संस्कृति की धरोहर बताते हुए कहा कि संगठन पिछले 44 वर्षों से देशभर में सहकारिता को मजबूत करने का काम कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में जिला कार्यकारिणी का गठन हो चुका है, और संगठन आगामी तीन वर्षों की योजनाओं पर चर्चा कर रहा है।

अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष दीना नाथ ठाकुर का संबोधन

llसहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीना नाथ ठाकुर ने सहकारिता की शक्ति और इसके महत्व पर जोर दिया। महापौर गिरीस पति त्रिपाठी और महंत अवधेश दास ने भी कार्यक्रम में सहकारिता के महत्व पर विचार साझा किए।

इस अधिवेशन में सहकारिता क्षेत्र के कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। इनमें पीसीएफ के अध्यक्ष वाल्मीकि त्रिपाठी, यूपीसीबी के अध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह, प्रदेश संगठन प्रमुख डॉ. अरुण सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष शिवेंद्र प्रताप सिंह, और प्रदेश मीडिया प्रमुख विवेक राय शामिल थे। इसके साथ ही प्रदेशभर से आए सहकार भारती के पदाधिकारी, सहकारी संस्थाओं के अध्यक्ष और डायरेक्टर भी उपस्थित रहे।

अधिवेशन का समापन और धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम का समापन सहकार भारती के प्रदेश मंत्री कृष्ण कुमार ओझा ने धन्यवाद ज्ञापित कर किया। उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन सहकारिता क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।

आज की पीढ़ी ऑडियो-विजुअल कंटेंट को ही करती है पसंद: प्रो.अनुभूति यादव

प्रयागराज, 13 सितंबर, 2024: यूजीसी- मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर द्वारा ईश्वर शरण पीजी कॉलेज, प्रयागराज में आयोजित 24 दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (IIMC), नई दिल्ली की प्रोफेसर अनुभूति यादव ने आज के समय में ऑडियो-विजुअल कंटेंट की बढ़ती मांग पर जोर दिया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान में युवा पीढ़ी मोबाइल के माध्यम से अधिकांश कंटेंट ऑडियो-विजुअल फॉर्मेट में ही पसंद करती है। इसलिए, शिक्षकों को भी अपनी शिक्षण पद्धति में बदलाव लाकर विद्यार्थियों को ऑडियो-विजुअल सामग्री प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि न केवल छात्र बल्कि शिक्षक भी मोबाइल फॉर्मेट में संक्षिप्त और प्रभावी कंटेंट को प्राथमिकता दे रहे हैं।

प्रो. यादव ने इनशॉर्ट्स जैसे मोबाइल ऐप्स की लोकप्रियता का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रकार के प्लेटफॉर्म्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि ये संक्षिप्त रूप में सूचना प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग में, सूचना के प्रदूषण से बचने के लिए शिक्षकों और छात्रों दोनों को “ट्रुथ वॉरियर” बनने की आवश्यकता है। इसके साथ ही, प्रो. यादव ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन टूल्स के जरिए स्टोरी मैप, टाइमलाइन, डेटा विजुअलाइजेशन, इंफो ग्राफिक्स, और इंफो स्फीयर जैसी नई तकनीकों के निर्माण की जानकारी दी।

सामाजिक मुद्दों पर फोकस: डॉ. रमाशंकर सिंह

ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दूसरे सत्र में, युवा इतिहासकार और शोधकर्ता डॉ. रमाशंकर सिंह ने शोध की नई प्रवृत्तियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाशिए के समुदायों और विमुक्त जातियों पर आधारित शोधों को आज प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने उन समुदायों पर भी चर्चा की जो नदियों के किनारे बसे हैं और कैसे उनकी आर्थिकी, सामाजिकी और राजनीतिक जीवन नीतिगत सच्चाई से जुड़े हैं।

डॉ. सिंह ने कलंदर समुदाय का उदाहरण देते हुए बताया कि पहले वे भालुओं को अपने जीवनयापन का साधन बनाते थे, लेकिन अब उनका आजीविका स्रोत समाप्त हो चुका है और यह समुदाय संकट में है। उन्होंने हाशिए के समुदायों के बच्चों के जीवन में शिक्षा, स्वास्थ्य और मनोरंजन के अवसरों की कमी को लेकर चिंता जताई, जिससे बड़ी आबादी मुख्यधारा से दूर हो रही है।

ऐतिहासिक शोध की विधियाँ: डॉ. शुभनीत कौशिक

कार्यक्रम के तीसरे सत्र में, डॉ. शुभनीत कौशिक, जो एक युवा इतिहासकार और लेखक हैं, ने “ऐतिहासिक शोध प्रविधि” पर अपना व्याख्यान दिया। उन्होंने इतिहास के विभिन्न दृष्टिकोणों और उनके आधार पर विभिन्न शोध विधियों पर चर्चा की। डॉ. कौशिक ने कहा कि कुछ इतिहासकार मानते हैं कि इतिहास अतीत और वर्तमान के बीच संवाद का पुल है, जबकि अन्य इसे अतीत को वैसा ही दिखाना मानते हैं जैसा वह घटित हुआ था।

इसके अलावा, उन्होंने जोर दिया कि इतिहासकारों का मुख्य कर्तव्य है अतीत के “क्यों” को समझना और उसकी गहराई में जाना।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. शाइस्ता इरशाद ने सभी वक्ताओं का स्वागत किया और डॉ. अंकित पाठक ने समापन समारोह में वक्ताओं और उपस्थित प्रतिभागियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

डॉ.राजेश्वर सिंह ने पूरा किया अपना वादा: बंथरा क्षेत्र के 12 गावों में स्थापित हुई 110 लाइट्स

  • विधायक राजेश्वर सिंह ने दिखाई बिजली सी फूर्ति, 2 दिन में लगवाई 110 स्ट्रीट लाइटें
  • डॉ. राजेश्वर सिंह ने की थी 3 दिन में 100 लाइट लगवाने की घोषणा, 2 दिन में लगवाई 110 लाइटें

लखनऊ: जनता से किये अपने वादे पर खरा उतरते हुए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने ऐसी मिसाल कायम की जो राजनीति में बहुत कम ही देखने को मिलती है। विधायक ने बुधवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर और स्थानीय भाजपा नेताओं के साथ कटी बगिया में चाय पे चर्चा के दौरान बंथरा के आसपास के 10 गावों में अगले 3 दिन में 100 लाइट्स लगवाकर मार्ग प्रकाश व्यवस्था मजबूत करवाने की घोषणा की थी।

विधायक की घोषणा के साथ उनकी टीम सक्रिय हो गयी और 2 दिन के भीतर 12 गावों बंथरा बाजार, पहाड़पुर, ⁠बनी, ⁠सराय सहजादी, ⁠भौंकापुर, ⁠बेंती, ⁠लतीफनगर, ⁠गढ़ी चुनौटी, नारायणपुर, बीबीपुर, ऐन और नीवां में भाजपा कार्यकर्ताओं के माध्यम से 110 लाइट्स स्थापित करवा दी।

इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष शिव बख्श सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष मुन्नेद्र सिंह, मण्डल मंत्री राम दयाल मौर्या, बूथ अध्यक्ष राजन सिंह, महामंत्री अनूप सिंह, संजय सिंह और अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।

विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा बंथरा क्षेत्र में इन लाइट्स को CSR फण्ड के माध्यम से लगवाया जा रहा है। बता दें कि इन गावों के ग्रामीणों ने भाजपा कार्यकर्ताओं से रात में असामाजिक तत्वों की गतिविधयां बढ़ने की बात बताई थी, चाय पे चर्चा के दौरान इस बात का पता चलते ही डॉ. राजेश्वर सिंह ने फ़ौरन पुलिस के उच्च अधिकारियों से वार्ता कर क्षेत्र में पुलिस गश्त बढाए जाने की बात कही और ऐसी गतिविधयों को असफल बनाने के लिए अपने स्तर पर भी प्रयास करते हुए अगले 3 दिन में 100 लाइट लगवाने की घोषणा की थी।

युवाओं के लिए अच्छी खबर, राजस्व विभाग में खुलने वाला है भर्तियों का पिटारा

women empowerment
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  • मुख्यमंत्री का निर्देश, लेखपाल, राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार के खाली पदों को तत्काल भरें, जहां पदोन्नति लंबित, वहां आगे बढाएं प्रक्रिया
  • राजस्व विभाग में लिपिकीय संवर्ग के रिक्त पदों पर भी होगी नियुक्ति, मुख्यमंत्री का निर्देश, तत्काल भेजें अधियाचन
  • लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों को मिलेगा वाहन भत्ता, नए टेबलेट भी मिलेंगे, नायब तहसीलदार को अब मिलेगी चार पहिया वाहन की सुविधा
  • राजस्व कार्मिकों की कार्यदक्षता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय
  • राजस्व परिषद में निदेशक प्रशिक्षण,बंदोबस्त आयुक्त नगरीय व ग्रामीण के पद होंगे सृजित
  • मुख्यमंत्री का निर्देश, आम जन से जुड़े कार्यों को समयबद्धता के साथ मेरिट के आधार पर निस्तारित करें, लंबित न रहे एक भी मामला
  • सीएम ने कहा: राजस्व कार्यों के सरलीकरण के लिए बढ़ाएं तकनीक का उपयोग, आईटी एक्सपर्ट की नियुक्ति भी हो

लखनऊ, 13 सितंबर:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लेखपाल, राजस्व निरीक्षक और नायब तहसीलदार के साथ-साथ लिपिकीय संवर्ग के सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए तत्काल प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक जैसे पदों के लिए जहां पदोन्नति लंबित है, वहां तत्काल प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा है कि राजस्व विभाग सीधे तौर पर आम आदमी से जुड़ा हुआ है। आय, जाति और निवास प्रमाण पत्रों से लेकर पैमाइश, नामांकन, घरौनी, खतौनी, सर्वे, पट्टा सहित ढेरों महत्वपूर्ण प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण हो सके, इसके लिए न केवल विभाग के रिक्त पदों पर नई नियुक्ति की आवश्यकता है, बल्कि आवश्यकतानुसार नवीन पदों का सृजन किया जाए। यही नहीं, उन्होंने राजस्व परिषद के अंतर्गत बन्दोबस्त आयुक्त (ग्रामीण) बन्दोबस्त आयुक्त (नगरीय) तथा निदेशक प्रशिक्षण का नवीन पद सृजित करने की भी जरूरत बताई।

शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय बैठक में राजस्व विभाग के कामकाज और उपलब्ध मानव संसाधन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग और राजस्व परिषद में काम के बदलते स्वरूप और अधिकता को देखते हुए दक्ष युवाओं की तैनाती की जानी चाहिए। नवीनतम तकनीकों को अपनाने के लिए तहसील, जिला, मंडल और राजस्व परिषद में आई.टी. में दक्ष लोगों की तैनाती की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता के कार्यों में राजस्व विभाग के कार्मिकों को प्रायः फील्ड विजिट करना पड़ता है। ऐसे में यह उचित होगा कि लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को वाहन भत्ता दिया जाना चाहिए। इसी तरह नायब तहसीलदार की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी के लिए उन्हें चार पहिया वाहन की उपलब्धता कराई जाए। साथ ही, जीपीएस से संबंधित कार्यों के बेहतर संपादन के लिए लेखपालों और राजस्व निरीक्षकों को नए टैबलेट भी उपलब्ध कराए जाएं।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आम जन से जुड़े कार्यों को समयबद्धता के साथ मेरिट के आधार पर निस्तारित किया जाए, अनावश्यक कहीं भी कोई प्रकरण लंबित न रहे। राजस्व कार्मिकों के प्रशिक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने राजा टोडरमल सर्वेक्षण भूलेख प्रशिक्षण संस्थान, हरदोई में आधारभूत अवसंरचना को और बेहतर करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभाग स्तर पर प्रस्ताव तैयार कर अग्रेतर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व परिषद, प्रमुख सचिव राजस्व सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।

उत्तर प्रदेश बन रहा है एक्सपोर्ट हब: नन्दी

उत्तर प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बना

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने हाल ही में मुंबई में आयोजित व्यापार बोर्ड की बैठक में उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक निर्यात प्रगति को रेखांकित किया। मंत्री नन्दी ने बताया कि 2017-18 में उत्तर प्रदेश का निर्यात 88 हजार करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। निर्यात में यह वृद्धि न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि इसे राज्य के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

उद्योगों के लिए उपयुक्त वातावरण

उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख निर्यातक राज्य के रूप में उभरने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। राज्य में उद्योगों के लिए पर्याप्त मात्रा में रॉ मैटेरियल, मानव संसाधन और खपत के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध है। नन्दी ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के निर्यात को 2030 तक 3 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में ठोस रणनीति और प्रभावी नीतियों के माध्यम से प्रयास किए जा रहे हैं।

बढ़ते निर्यात के साथ बुनियादी ढांचे का विकास

उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे ने भी निर्यात की संभावनाओं को व्यापक रूप दिया है। जहाँ 2017 से पहले राज्य में केवल 2 एयरपोर्ट संचालित थे, वहीं आज 9 एयरपोर्ट ऑपरेशनल हैं, 8 एयरपोर्ट बनकर तैयार हो रहे हैं और 4 नए एयरपोर्ट पर तेजी से काम चल रहा है। उत्तर प्रदेश आने वाले समय में 21 एयरपोर्ट और 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ देश का पहला राज्य बन जाएगा। इसके अलावा, देश के कुल एक्सप्रेसवे का 37.7 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में स्थित है, जो कि गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के बाद 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा।

डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब योजना और रोजगार के अवसर

निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य में डिस्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट हब योजना के अंतर्गत सभी 75 जनपदों में जिला निर्यात प्रोत्साहन समितियों का गठन किया गया है। इसके साथ ही, कानपुर में 5850 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे मेगा लेदर पार्क से लेदर एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलेगा और 50 हजार लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

इंटरनेशनल ट्रेड शो और वैश्विक निर्यात में वृद्धि

उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार उपलब्ध कराने के लिए इंटरनेशनल ट्रेड शो 2023 का आयोजन किया। इस आयोजन के पहले संस्करण में 3 लाख से अधिक फुटफॉल और 70 हजार से अधिक बायर्स ने भाग लिया। इस सफलता को देखते हुए, सरकार ने इसे हर वर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया है। आगामी इंटरनेशनल ट्रेड शो का दूसरा संस्करण 25 से 29 सितंबर के बीच प्रस्तावित है।

विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में सुधार

राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रेगुलेटरी बर्डन को कम करने और ट्रांसपेरेंसी सुनिश्चित करने के लिए सुधार किए गए हैं। 2019 में जहां उत्तर प्रदेश से 202 देशों को निर्यात किया जा रहा था, वहीं वर्तमान में 215 से अधिक देशों को 163 से अधिक उत्पादों का निर्यात हो रहा है, जिनमें यूएसए, यूके, जर्मनी, फ्रांस, नीदरलैंड, और इटली शामिल हैं।

उत्तर प्रदेश का आर्थिक भविष्य

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल आर्थिक विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि राज्य को देश के प्रमुख एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफार्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के सिद्धांत पर चलते हुए उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को प्राप्त करने में अपना सर्वोत्तम योगदान देने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।


इस प्रकार उत्तर प्रदेश, निर्यात के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि के साथ भारत का एक प्रमुख आर्थिक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में चल रही औद्योगिक परियोजनाएं और निर्यात नीतियों में सुधार इसे देश के अग्रणी निर्यातक राज्यों में से एक बना रहे हैं।