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पंचायतीराज विभाग योजनाओं का क्रियान्वयन गांव स्तर पर करता है: ओमप्रकाश राजभर

  • पंचायतीराज मंत्री ने स्वच्छता ही सेवा के तहत विभागीय आयोजन का शुभारंभ किया
  • तत्परता एवं लगन के साथ कार्य करते हुए स्वच्छता अभियान को सफल बनाये
  • पी0एम0 के स्वच्छता अभियान संकल्प को आगे बढ़ाये

लखनऊ: उत्तरप्रदेश के पंचायतीराज, अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायतीराज निदेशालय के ऑडीटोरियम में स्वच्छता ही सेवा अभियान 2024 का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर कहा कि स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना इस अभियान का लक्ष्य है। हम स्वयं स्वच्छता कार्यक्रम के तहत कार्य करेंगे तभी लोग प्रेरित होंगे और स्वच्छता अभियान से जुड़ेगे। प्राधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 से ही अर्थात लगभग 10 वर्षो से देश में व्यापक पैमाने से स्वच्छता के कार्यक्रम चला रहे है। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरा प्रदेश स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाने के लिए तैयार है। उन्होंने लोगों से लक्ष्य निर्धारित करते स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता जो जिम्मेदारी हमें मिली है उस कार्य को हमें पूरी तत्परता एवं लगनता के साथ करना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राधनमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के स्वच्छता के विजन को सफल बनाये। स्वच्छता का अभियान 25 करोड़ की आबादी के हित से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पंचायतीराज विभाग पर बड़ी जिम्मेदारी है। कोई भी योजना जब तक जन-जन तक ना पहुंचे तब तक सफल नहीं हो सकती। पंचायतीराज विभाग द्वारा क्रियान्वयन गांव स्तर पर होता है। इस लिए स्वच्छता अभियान के सफलता की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग पर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जी एवं मुख्यमंत्री जी के कुशल निर्देशन में अभियान के प्रथम दिन विगत दिवस सुल्तानपुर में 400 मी0 लंबे नाले की सफाई करके लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के समापन पर सफाई कर्मियो को स्वच्छता किट एवं व्यक्तिगत शौचालय के लाभार्थियो को 12 हजार रूपये का चेक मंत्री जी द्वारा प्रदान किया गया। इसके अलावा पी0एम0स्वनिधि, आयुष्मान कार्ड, पी0एम0आवास योजना,स्वनिधि योजना, सी0एम0युवा रोजगार योजना, कन्या शुभमंगला योजना, जल जीवन मिशन के लाभार्थियो को भी पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव नरेन्द्र भूषण ने कहा कि स्वच्छता जब तक हमारे स्वभाव से संस्कार में नहीं आयेगा तब तक स्वच्छता का अभियान का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने स्वच्छता के लिए 3 आर का कॉनसेप्ट समझाया है। उन्होंने कहा कि रिडयूज रिसाइकल एवं रियूज के माध्यम से स्वच्छता कार्यक्रम को बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विभाग स्वच्छ भारत मिशन के 3 अवयवों पर काम कर रहा हैं। एस0बी0एम के तहत खुले में शौचमुक्त घरो से सूखा एवं गीला कूड़ा का अलग-अलग निस्तारण एवं घरों से निकलने वाले गृह वॉटर एवं गंदे वॉटर को रिसाइकल करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कूड़े के ढेर के चिन्हाकन में देश में प्रदेश का पहला स्थान है। यह विभाग के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने स्वच्छता ही सेवा का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए बच्चों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वाहन किया।

इस अवसर पर सचिव बी0चंद्रकला ने कहा कि स्वभाव में स्वच्छता लाने और उसे अपने संस्कार में बदलने से ही स्वच्छता अभियान सही मायनों में सफल होगा। साफ सफाई को संस्कार में ले जाना ही इस वर्ष का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह अभियान सफाई कर्मियो के

वजह से सफल साबित होगा। उन्होंने कहा कि ओ0डी0एफ0 को प्राप्त करना एवं सस्टेन करना काबिलय तारीफ है इसके लिए सफाई कर्मियों तारीफ के हकदार है। उन्होंने ग्राम पंचायतों को कूड़े के ढेर को खाद्य के रूप में यह रिसाइकल के माध्यम से रियूज में लाते हुए खुद का रिवेन्यू जनरेट कर सकते है। उन्होंने इसके लिए आपस में कॉम्पीटीसन की भावना पैदा करने के लिए आह्वाहन किया।

इस अवसर पर निदेशक पंचायतीराज अटल कुमार राय ने कहा कि आपसी समन्वय से कार्य करेंगें तो स्वच्छता अभियान सफल होगा। उन्होंने सफाई कर्मियो को नारा दिया गंदगी भारत छोड़ो के तहत काम करे और स्वच्छता अभियान को सफल बनाये। उन्होंने स्वच्छता संबंधी गतिविधियों को पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए। उन्होंन कहा कि 31 दिसंबर 2024 तक
ओ0डी0एफ0 प्लस मॉडल गांव का लक्ष्य विभाग प्राप्त कर लेता। अभी तक लगभग 45 हजार राजस्व ग्रामों को मॉडल गांव घोषित किया जा चुका है।

इस अवसर पर मिशन निदेशक एस0बी0एम राजकुमार, उपनिदेशक एस0बी0एम एस0एन0सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव परिवहन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई समीक्षा बैठक

  • सड़क सुरक्षा की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाए
  • सीएम डैशबोर्ड की तरह एक प्रदेश व्यापी सड़क सुरक्षा का डैशबोर्ड बनाया जाए
  • ओवरलोड/ओवरस्पीड वाहनों की चेकिंग की जाए

लखनऊ: 19 सितम्बर, 2024: मुख्यमंत्री के निर्देशन में आज अपर मुख्य सचिव परिवहन एल0 वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में सभी स्टेक होल्डर्स विभागों एवं परिवहन, पुलिस, परिवहन निगम, पीडब्ल्यूडी विभाग के फील्ड अधिकारियों के साथ सड़क सुरक्षा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पीपीटी के आधार पर समीक्षा की गई। अपर मुख्य सचिव ने ज़िला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नयी एसओपी के आधार पर प्रत्येक माह आयोजित कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि एक्शन टेकेन प्लान जनपद स्तर पर बनाया जाय तथा उसे लागू किया जाय। कई मण्डलों एवं जनपदों में जहां पर मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति एवं जनपदीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें नियमित रूप से नहीं हो रही हैं वहां के अधिकारियों को चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण मांगा। ऐसी सड़क दुर्घटनाएं जहां 03 से अधिक लोगों की मुत्यु हुयी हैं, उन दुर्घटनाओं की जांच हेतु त्रिस्तरीय समिति गठित की जायेगी। उन्होंने निर्देश दिये कि एक निश्चित संख्या में चालान होने पर वाहन पंजीयन एवं ड्राइविंग लाइसेन्स के निलम्बन की कार्यवाही प्रभावी रूप से की जाये। अंत में मा0 मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुपालन हेतु निर्देशित करते हुए सभी को दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी लाने हेतु प्रभावी कदम उठाने हेतु निर्देशित किया।

श्री लू ने निर्देश दिये कि विश्वकर्मा ऐप को अपग्रेड किया जाय। सीएम डैशबोर्ड की तरह एक प्रदेश व्यापी सड़क सुरक्षा का डैशबोर्ड बनाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हो रहे सड़क दुर्घटनाओं को लेकर काफी गंभीर है। सरकार का प्रयास है कि सड़क दुर्घटनाओं में उल्लिखित कमी लाई जाए। इसके लिए ब्लैक स्पॉट का सुधारीकरण तय समय में किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हाइवेज पर एन्ट्री प्वाइंट पर ही ओवरलोड वाहनों की चेकिंग की जाए एवं इंटरसेप्टर द्वारा ओवरस्पीड वाहनों की भी जांच की जाए। साथ ही अनधिकृत संचालन वाहनों की भी जांच की जाए। ड्राइवर की ब्रीथ एनलाइजर के माध्यम से जांच की जाए। वाहनों पर सड़क सुरक्षा संबंधी उपकरण लगे हैं कि नहीं इसकी भी जांच की जाए।
परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया कि परिवहन निगम के चालकों/परिचालकों का ब्रेथ एनलाइजर टेस्ट नियमित रूप से कराया जाये एवं स्वास्थ्य परीक्षण तथा नेत्र परीक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाये। 600 बसों में एंटी स्लीप डिवाइस लगाये जाने एवं उसके कार्यप्रणाली का परीक्षण कर उक्त डिवाइस को अन्य बसों में भी लगाया जायेगा। बैठक में आर्थिक सलाहकार मुख्यमंत्री के0वी0 राजू, प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर, आईजी ट्रैफिक निदेशालय सहित सभी स्टेक होल्ड्रेस विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

LUCKNOW: राजभवन में मानव श्रृंखला के जरिए स्वच्छता अभियान के प्रति जागरूकता

लखनऊ, 19 सितंबर 2024: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के प्रेरणा और मार्गदर्शन में “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा” के अंतर्गत आज राजभवन में मानव श्रृंखला बनाकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान में राजभवन के कार्मिकों, अध्यासित छात्र-छात्राओं, और विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की।

स्वच्छता के प्रति समाज को किया गया जागरूक

राजभवन के बड़े लॉन में, राष्ट्रीय ध्वज के नीचे मानव श्रृंखला बनाकर सभी प्रतिभागियों ने अपने आसपास और समाज को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया। “स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” की थीम पर आधारित यह कार्यक्रम स्वच्छता के महत्व को उजागर करने के लिए आयोजित किया गया। भारत माता की जय और वंदे मातरम के उत्साहपूर्ण उद्घोष के साथ सभी प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन

इस कार्यक्रम का संचालन विशेष कार्याधिकारी शिक्षा, डॉ. पंकज एल. जानी ने किया, जबकि नेतृत्व मुख्य सुरक्षा अधिकारी श्री अजय त्रिपाठी द्वारा किया गया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया और उन्हें इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया।

सेवा पखवाड़ा के तहत स्वच्छता अभियान

राजभवन में 17 सितंबर 2024 से शुरू होकर 2 अक्टूबर 2024 तक “स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” थीम के तहत विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस से शुरू होकर गांधी जयंती तक चलने वाले “स्वच्छता ही सेवा” अभियान का हिस्सा है। इस दौरान, राजभवन के अधिकारी, कर्मचारी, अध्यासितगण, प्राथमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राएं और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।

विशेष सफाई अभियान

18 सितंबर 2024 को राजभवन उत्तर प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारियों ने विशेष सफाई अभियान के तहत राजभवन परिसर की सफाई की। यह सेवा पखवाड़ा, देशभर में स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने और स्वच्छता अभियान को सफल बनाने के लिए संचालित किया जा रहा है।

स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के तहत राजभवन में आयोजित इस मानव श्रृंखला ने स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस अभियान के माध्यम से लोगों को अपने समाज और परिवेश को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया, जो “स्वभाव स्वच्छता, संस्कार स्वच्छता” की थीम को सार्थक रूप से प्रतिबिंबित करता है।

दीक्षांत समारोह: राज्यपाल की मौजूदगी में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या में 26वां दीक्षांत समारोह संपन्न

अयोध्या/लखनऊ, 19 सितंबर 2024: आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या का 26वां दीक्षांत समारोह प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह में कुल 595 छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की गईं, जिनमें से 27 मेधावियों को स्वर्ण पदक दिया गया। स्नातक, परास्नातक, और पीएचडी स्तर पर छात्रों को सम्मानित किया गया, जिसमें 330 स्नातक, 238 परास्नातक और 27 पीएचडी छात्रों ने उपाधियाँ प्राप्त कीं।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने स्वर्ण पदक विजेताओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले 55.55% छात्राएँ थीं। उन्होंने कृषि और प्रौद्योगिकी में नवाचार और शोध के प्रति छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह न केवल उनके भविष्य के लिए, बल्कि राष्ट्र की प्रगति के लिए भी महत्वपूर्ण है।

किसानों के योगदान पर जोर

राज्यपाल ने अपने संबोधन में किसानों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में किसानों की अहम भूमिका है। उन्होंने किसानों को ‘अन्नदाता’ और ‘जीवनदाता’ कहते हुए, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कृषि विश्वविद्यालय को नए अनुसंधान और तकनीकों पर काम करने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने कृषि क्षेत्र में नवाचार और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा की जा रही योजनाओं का भी उल्लेख किया।

प्रगतिशील किसानों का सम्मान और आंगनबाड़ी किटों का वितरण

समारोह में पाँच प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया, जिनमें केले की खेती, मछली पालन, मधुमक्खी पालन, और प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले किसान शामिल थे। इसके अलावा, राज्यपाल ने 275 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए किट का वितरण भी किया। उन्होंने विश्वविद्यालय को आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ जुड़ने का आह्वान किया, जिससे बच्चों का समग्र विकास हो सके।

विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की ‘A++’ नैक ग्रेडिंग की सराहना करते हुए कहा कि यह न केवल विश्वविद्यालय के लिए बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि 2047 तक आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित होगा। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित 199 फसल प्रजातियों और अन्य प्रौद्योगिकियों ने खाद्य आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम योगदान दिया है।

छात्रों को आत्मनिर्भर बनने का संदेश

समारोह में राज्यपाल ने छात्रों को केवल नौकरी के पीछे न भागने का संदेश देते हुए, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खुद का व्यवसाय शुरू करने और रोजगार सृजन में भागीदारी निभाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने छह आकांक्षी जिलों को गोद लिया है और इन जिलों के विकास के लिए सरकार द्वारा योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कृषि वित्त निगम इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल के अध्यक्ष डॉ.सी.डी.माई और प्रदेश के कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने भी छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं। समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजेंद्र सिंह और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या का 26वां दीक्षांत समारोह छात्रों और किसानों दोनों के लिए प्रेरणादायक रहा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को नवाचार, शोध, और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया, जबकि किसानों के योगदान को मान्यता देकर उन्हें प्रोत्साहित किया।

लखनऊ: नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक करते उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक

  • डिप्टी सीएम ने बैठक में दिए नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश
  • कूड़े का करें उचित निस्तारण, सड़क निर्माण में गुणवत्ता का रखें ख्याल

लखनऊ: त्योहारी सीजन से पहले सड़कों को दुरुस्त कर लें। जोनल अधिकारी अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था एवं कूड़ा निस्तारण का ध्यान रखें, जल निकासी की उचित व्यवस्था हो, इसके साथ ही नालियों को सफाई के बाद सिल्ट सड़क पर न छोड़ी जाए और सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का ख्याल रखें। यह कहना है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। गुरुवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बारिश का सीजन जाने वाला है। अब पूरा ध्यान सड़क निर्माण एवं उसकी गुणवत्ता पर दें। नगर निगम के कर्मचारी समय से कूड़ा उठाएं और उनका उचित निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि सभी जोनल हैड अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करें। जहां गड़बड़ी मिले, तत्काल ही उसका निस्तारण कराएं। नालों के निर्माण में जो सड़कें खोदी गई थीं, उन्हें मजबूत बनाया जाए। यह कार्य समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए। बैठक में नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह सहित नगर निगम के अधिकारी मौजूद रहे।