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स्वच्छता ही सेवा- 2024: अनुरागिनी संस्था ने कालपी में किया स्वच्छता अभियान का सफल आयोजन

कालपी, जालौन: अनुरागिनी संस्था द्वारा आयोजित “स्वच्छता ही सेवा 2024” अभियान के अंतर्गत कालपी के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर में एक सफल स्वच्छता अभियान संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में स्थानीय समुदाय, स्वयंसेवकों और संस्था के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की।

सूर्य मंदिर में हुआ स्वच्छता अभियान

सूर्य मंदिर, जो कालपी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर के रूप में प्रतिष्ठित है, स्वच्छता अभियान के लिए चयनित स्थल था। अनुरागिनी संस्था के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सिर्फ मंदिर की सफाई तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखने का भी प्रयास था।

डॉ. प्रवीण सिंह जादौन का संदेश

अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने इस मौके पर कहा, “स्वच्छता केवल हमारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। सूर्य मंदिर जैसे पवित्र और ऐतिहासिक स्थलों की स्वच्छता न केवल पर्यावरण की रक्षा करती है, बल्कि हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को भी संजोए रखने में मदद करती है।”

स्थानीय संगठनों का समर्थन

इस अभियान में क्रय विक्रय सहकारी समिति कालपी के उप सभापति उदय प्रताप सिंह ने संस्था की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के अभियान समाज में स्वच्छता और जागरूकता का संदेश फैलाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। वहीं, जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार जालौन के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने इस प्रकार के अभियानों को नियमित रूप से जारी रखने पर जोर दिया।

प्रतिभागियों की सक्रिय भूमिका

स्वच्छता अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों से कचरा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट सामग्री को हटाया। इसके साथ ही, स्वच्छता के महत्व पर चर्चा की गई और स्थानीय नागरिकों को अपने क्षेत्र को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित किया गया। प्रमुख रूप से सुबोध द्विवेदी, सौरभ शर्मा, जितेंद्र पांडेय, हर्षित खन्ना, संदीप पाल, रमाकांत तिवारी, सचित त्रिपाठी, नितिन सैनी, प्रद्युम्न सिंह, अभिषेक परिहार, और जाहर सिंह ने इस अभियान में भाग लिया।

जितेंद्र पांडेय का धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम के अंत में, अनुरागिनी संस्था की ओर से जितेंद्र पांडेय ने सभी स्वयंसेवकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से स्वच्छता और जागरूकता के संदेश को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है।

अनुरागिनी संस्था का यह स्वच्छता अभियान न केवल सूर्य मंदिर की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि इसने लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी काम किया। यह पहल समाज में स्वच्छता और स्वास्थ के प्रति एक मजबूत संदेश देती है।


लखनऊ: केजीएमयू में बी.ई.एस.टी.का शुभारंभ

लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने आज KGMU B.E.S.T (प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक कौशल का निर्माण) एक कौशल और कृत्रिम वास्तविक आधारित शिक्षा प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है। यह प्लेटफ़ॉर्म अत्याधुनिक सिमुलेशन (कृत्रिम वास्तविक) तकनीक को एकीकृत करके सीखने के अनुभव को बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य व्यावहारिक कौशल विकास, सैद्धांतिक ज्ञान और वास्तविक दुनिया के नैदानिक अभ्यास के बीच अंतर को कम करना है।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो०सोनिया नित्यानंद द्वारा KGMU B.E.S.T (कौशल-आधारित मूल्य-वर्धित पाठ्यक्रम) का उद्घाटन किया गया। उक्त कार्यक्रम 26-27 सितंबर 2024 को लेर्डल मेडिकल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। यह दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सिमुलेशन-आधारित शिक्षा का उपयोग करके कौशल प्रशिक्षण प्रदर्शित करने के लिए एक आदर्श आधार होगा। पहली कौशल कार्यशाला के लिए एमबीबीएस अंतिम वर्ष के 40 छात्रों को नामांकित किया गया था। आयोजन समिति के प्रयास की सराहना करते हुए, माननीय कुलपति महोदया ने एक सक्षम और आत्मविश्वासी मेडिकल स्नातक के विकास के लिए कौशल और सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण के महत्व पर जोर दिया।

कार्यक्रम की आयोजक डॉ.अंजू अग्रवाल ने कहा कि भविष्य में ऐसे और भी कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। डॉ.अमिता पांडे एचओडी मेडिकल एजुकेशन और कार्यक्रम की सम्मानित अतिथि ने कहा कि मॉडलों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण मेडिकल छात्रों के कौशल को बढ़ाने का एक अच्छा तरीका है। कार्यक्रम की आयोजन सचिव डॉ.रिदिम ने चिकित्सा शिक्षा के लिए अपना समर्थन देने के लिए लैडरल कंपनी की टीम को धन्यवाद दिया और कहा कि ऐसे कार्यक्रम से एमबीबीएस पाठ्यक्रम की मूल्यवृद्धि होती है। कार्यक्रम के आयोजन में प्रो अक्षय आनंद (सर्जरी विभाग) एवम प्रो शुचि त्रिपाठी (प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ. हिमांशु महाजन, श्री करमवीर और डॉ. अरुण ने लार्डल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का प्रतिनिधित्व किया और छात्रों को प्रशिक्षित किया। छात्रों को चार पाठ्यक्रमों (रूट्स ऑफ ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, IV थेरेपी, यूरिनरी कैथीटेराइजेशन और नासोगैस्ट्रिक ट्यूब) में नौ प्रमाणित कौशल पर प्रशिक्षित किया जाएगा। पाठ्यक्रम शिक्षण में सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी का उपयोग करके रिकॉर्ड किए गए वीडियो के माध्यम से कौशल प्रदर्शन, सहकर्मी अभ्यास और रचनात्मक मूल्यांकन को सम्मिलित किया गया।

LUCKNOW: मंडलायुक्त डॉ.रोशन जैकब की अध्यक्षता में IGRS और सीएम डैशबोर्ड से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक संपन्न

लखनऊ, 26 सितंबर 2024: लखनऊ मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब की अध्यक्षता में IGRS (इंटीग्रेटेड ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम) और सीएम डैशबोर्ड से संबंधित महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन आयुक्त सभागार कार्यालय में किया गया। बैठक में अपर आयुक्त प्रशासन राधेश्याम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

मंडलायुक्त ने बैठक के दौरान IGRS पोर्टल पर लंबित शिकायतों और मुख्यमंत्री संदर्भों के तहत ऑनलाइन प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और यदि कोई अनियमितता पाई जाती है, तो सख्त कार्यवाही की जाएगी।

IGRS पोर्टल पर शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

मंडलायुक्त ने कहा कि IGRS प्रकरणों में शिथिलता से जनपद की रैंकिंग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने विभागों की लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, निस्तारित शिकायतों के बाद शिकायतकर्ताओं से फोन पर फीडबैक लेने की प्रक्रिया को भी अनिवार्य बताया गया है।

राजस्व वसूली पर ध्यान प्रमुख योजनाओं की समीक्षा

मंडलायुक्त ने राजस्व वसूली के लक्ष्यों पर भी चर्चा की और अधिकारियों से कहा कि वे कार्ययोजना बनाकर लक्ष्यों को समय पर पूरा करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विभाग अपनी रैंकिंग में सुधार लाने पर ध्यान दें और जिन योजनाओं की प्रगति धीमी है, उन्हें तेजी से क्रियान्वित करें।

बैठक में मंडलायुक्त ने आवास विभाग, मुख्यमंत्री कृषक योजना, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, खाद्य एवं रसद विभाग, और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का निस्तारण शीघ्र और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि योजनाओं की प्रगति में सुधार हो सके।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सभी अधिकारियों को लंबित शिकायतों और प्रकरणों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि IGRS पोर्टल की कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

LUCKNOW: हुसैनाबाद स्थित बड़े इमामबाड़ा से अश्लील वीडियो पर शिया मुसलमानों की भावनाएं आहत, हुसैनाबाद ट्रस्ट के खिलाफ जांच की मांग

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हुसैनाबाद स्थित बड़े इमामबाड़ा (आसिफी इमामबाड़ा) से लगातार अश्लील डांस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे शिया मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है। इस मामले में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद हुसैनाबाद ट्रस्ट के जिम्मेदार अधिकारियों की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अली जैदी ने इस मुद्दे पर गंभीर नाराजगी जताते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। उन्होंने मांग की है कि यदि हुसैनाबाद ट्रस्ट इमामबाड़ा की पवित्रता और इज्जत की रक्षा नहीं कर सकता, तो उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रस्ट को अपनी जिम्मेदारी निभाने में असमर्थता के चलते मरहूम बादशाह अवध, मोहम्मद अली शाह की वसीयत के अनुसार इसके प्रबंधन को कानूनी रास्ते से हस्तांतरित किया जाना चाहिए।

शिया मुसलमानों की भावनाएं हो रहीं आहत

अली जैदी ने कहा कि इमामबाड़ा शिया मुसलमानों के लिए न केवल एक इबादतगाह है, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था और भावनाओं का प्रतीक है। सोशल मीडिया पर बड़े इमामबाड़ा के परिसर से लगातार आ रहे अश्लील वीडियो न केवल इस इबादतगाह की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचा रहे हैं, बल्कि इससे पूरी दुनिया में शिया समुदाय की भावनाएं भी आहत हो रही हैं।

हुसैनाबाद ट्रस्ट की नाकामी

शिकायतों के बावजूद हुसैनाबाद ट्रस्ट द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अली जैदी ने ट्रस्ट की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ट्रस्ट इमामबाड़ा की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करने में सक्षम नहीं है, तो इसे इस जिम्मेदारी से तुरंत मुक्त कर देना चाहिए। अली जैदी ने कहा, “हुसैनाबाद ट्रस्ट के जिम्मेदारों की नींद नहीं टूट रही है। अगर वे इस्मत की रखवाली नहीं कर सकते हैं, तो उन्हें इसका प्रबंधन सौंपने और तनख्वाह लेने का कोई हक नहीं है।”

साजिश की आशंका

अली जैदी ने इस घटना को महज अश्लील वीडियो के प्रसार से अधिक गंभीर मानते हुए इसे किसी बड़ी साजिश का हिस्सा होने की संभावना जताई है। उन्होंने कहा कि इमामबाड़ा परिसर में शाही मस्जिद आसिफी भी स्थित है, जो एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। उन्होंने गृह विभाग से इस मामले में गहराई से जांच करने की मांग की है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं यह असामाजिक तत्वों द्वारा कोई सुनियोजित साजिश तो नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उम्मीद

अली जैदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं एक धर्मगुरु हैं और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करेंगे।

अली जैदी ने योगी आदित्यनाथ की नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा, “आज उत्तर प्रदेश को दंगा मुक्त और न्याय की धरती बनाने का श्रेय केवल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है। हमें विश्वास है कि वे इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाएंगे और धार्मिक स्थलों की पवित्रता की रक्षा करेंगे।”

बड़े इमामबाड़ा से जुड़े इस विवाद ने लखनऊ के धार्मिक और सांस्कृतिक परिवेश में एक गंभीर मुद्दा खड़ा कर दिया है। शिया समुदाय की आस्था और पवित्रता से जुड़े इस स्थल को लेकर उठ रही चिंताओं को देखते हुए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हुसैनाबाद ट्रस्ट और उत्तर प्रदेश सरकार किस तरह से इस मामले को संभालते हैं।

पूर्व आईएएस अधिकारी अवनीश अवस्थी ने झूठे आरोपों पर लीगल एक्शन लेने का किया ऐलान, सोशल मीडिया पर पोस्ट की तीखी प्रतिक्रिया

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्व अपर मुख्य सचिव और सिविल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अवनीश अवस्थी ने हाल ही में उनके खिलाफ लगाए गए झूठे आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) और यूट्यूब पर वायरल हो रहे निराधार आरोपों पर नाराजगी जताते हुए कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है। अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी छवि को खराब करने के प्रयासों के खिलाफ वे कड़ा कदम उठाने जा रहे हैं।

अवनीश अवस्थी की सोशल मीडिया पोस्ट

अवनीश अवस्थी ने अपनी पोस्ट में लिखा, “मेरे संज्ञान में आया है कि मेरी छवि के खिलाफ कई झूठे आरोप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और ‘यूट्यूब’ पर फैलाए जा रहे हैं। मैं इन निराधार और दुर्भावनापूर्ण दावों की कड़ी निंदा करता हूं और स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस विशेष घटना में शामिल प्रत्येक इकाई के खिलाफ कड़ी और निर्णायक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

37 साल का बेदाग करियर

पूर्व आईएएस अधिकारी और वर्तमान में सीएम के मुख्य सलाहकार के तौर पर कार्यरत अवनीश अवस्थी ने अपने करियर के बारे में बताते हुए कहा, “मैंने अपने सिविल सेवा के 37 साल के बेदाग करियर में हमेशा कड़ी मेहनत और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। ऐसे में मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने का यह दुर्भावनापूर्ण प्रयास किसी भी तरह से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने आगे कहा कि वे पहले से ही कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया में हैं और इस प्रकार की अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी कि वे अपने झूठे दावों से बाज आएं।

कानूनी कार्रवाई का ऐलान

श्री अवस्थी ने अपनी पोस्ट में यह साफ किया है कि वे उन सभी व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे जो इन झूठे आरोपों के पीछे हैं। उन्होंने लिखा, “मैं पहले से ही अनुमेय कानूनी तरीकों के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की प्रक्रिया में हूं।” इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह के अफवाहों को फैलाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं आरोप

हाल ही में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ और ‘यूट्यूब’ पर अवनीश अवस्थी से जुड़े कुछ विवादित आरोप वायरल हो रहे थे, जिसमें उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया। इस तरह के निराधार और अप्रमाणित आरोपों ने अवनीश अवस्थी को कानूनी कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।

श्री अवस्थी ने सोशल मीडिया पर फैल रहे झूठे आरोपों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का ऐलान किया है। उनके 37 साल के लंबे और बेदाग करियर को देखते हुए, इस तरह के दुर्भावनापूर्ण प्रयासों की निंदा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन अफवाहों के पीछे के व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में ऐसे किसी भी प्रयास को सहन नहीं किया जाएगा।