नई दिल्ली। कई बार शरीर पर अचानक नीले या बैंगनी रंग के निशान दिखाई देने लगते हैं, जबकि व्यक्ति को याद भी नहीं होता कि उसे कहीं चोट लगी हो। अक्सर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर में किसी अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार अधिक शारीरिक मेहनत या भारी एक्सरसाइज के कारण त्वचा के नीचे मौजूद छोटी रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) प्रभावित हो जाती हैं। इससे ये नसें हल्के दबाव में भी फट सकती हैं और त्वचा के नीचे खून जमा होने से नीले निशान बन सकते हैं।
इसके अलावा कुछ दवाएं भी इस समस्या का कारण बन सकती हैं, खासकर ब्लड थिनर, एस्पिरिन और दर्द निवारक दवाएं। ये दवाएं खून के जमने की प्रक्रिया को धीमा कर देती हैं, जिससे त्वचा पर आसानी से ब्रूज़ (नीले निशान) बन जाते हैं।
शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी भी इसका बड़ा कारण हो सकती है। विटामिन C, विटामिन K और आयरन की कमी से रक्त वाहिकाएं कमजोर हो सकती हैं और खून के थक्के बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, जिससे बिना वजह निशान दिखाई देने लगते हैं।
कुछ मामलों में यह इम्यून सिस्टम से जुड़ी बीमारियों जैसे प्लेटलेट्स की कमी (इम्यून थ्रोम्बोसाइटोपेनिया) का भी संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में शरीर पर अचानक नीले या बैंगनी निशान उभर सकते हैं। हालांकि यह कम मामलों में होता है, लेकिन इसके साथ अगर थकान, वजन कम होना या बार-बार खून बहने जैसी समस्याएं भी हों तो यह गंभीर संकेत हो सकता है।
डॉक्टरों के अनुसार, अगर बिना किसी स्पष्ट कारण के बार-बार शरीर पर नीले निशान दिखाई दें, निशान बढ़ते जाएं या खून बहने में देर लगे, तो तुरंत मेडिकल जांच करानी चाहिए। समय पर जांच से किसी भी गंभीर समस्या का पता शुरुआती चरण में लगाया जा सकता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ऐसे लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।


































