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Global Firepower रैंकिंग में भारत चौथे पायदान पर, पाकिस्तान 14वें स्थान पर

दुनिया की सैन्य शक्तियों से जुड़ी 2026 की ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में भारत ने एक बार फिर मजबूत स्थिति दर्ज की है। 145 देशों की सूची में भारत को चौथा स्थान मिला है। इस सूची में अमेरिका सबसे ऊपर है, जबकि रूस दूसरे और चीन तीसरे पायदान पर है। पाकिस्तान को 14वें स्थान पर रखा गया है।

रैंकिंग के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य शक्ति के आकलन में 10 स्थान का अंतर है। हालांकि यह रैंकिंग किसी युद्ध के संभावित नतीजे का सीधा अनुमान नहीं लगाती, बल्कि विभिन्न सैन्य और रणनीतिक संसाधनों के आधार पर देशों की क्षमता का आकलन करती है।

60 से ज्यादा मानकों पर तैयार होती है रैंकिंग

ग्लोबल फायरपावर की रैंकिंग तैयार करने में 60 से अधिक अलग-अलग कारकों को शामिल किया जाता है। इनमें सक्रिय सैन्यकर्मियों की संख्या, रिजर्व बल, टैंक, लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर, युद्धपोत, रक्षा बजट, लॉजिस्टिक्स क्षमता, प्राकृतिक संसाधन और भौगोलिक स्थिति जैसे पहलू शामिल हैं।

इस आकलन में पावर इंडेक्स स्कोर का इस्तेमाल किया जाता है। इस स्कोर का मूल्य जितना कम होता है, उस देश की सैन्य क्षमता उतनी ही मजबूत मानी जाती है।

अमेरिका सबसे ऊपर, रूस और चीन भी टॉप पर

2026 की सूची में अमेरिका 0.0741 के पावर इंडेक्स के साथ पहले स्थान पर है। अमेरिका की ताकत में उसकी बड़ी वायुसेना, आधुनिक नौसैनिक बेड़ा, उन्नत सैन्य तकनीक और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सैन्य मौजूदगी अहम भूमिका निभाती है।

रूस 0.0791 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर है। उसके पास बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी, टैंक, मिसाइल और अन्य सैन्य संसाधन हैं।

चीन 0.0919 के पावर इंडेक्स के साथ तीसरे स्थान पर है। चीन पिछले कुछ वर्षों में अपनी नौसेना, वायुसेना, मिसाइल क्षमता और आधुनिक सैन्य तकनीक को तेजी से विकसित कर रहा है।

भारत चौथे पायदान पर

भारत को 0.1346 के पावर इंडेक्स स्कोर के साथ दुनिया की चौथी सबसे मजबूत सैन्य शक्ति माना गया है। देश के पास बड़ी संख्या में सैन्यकर्मी होने के साथ-साथ मजबूत थलसेना, वायुसेना और नौसेना है।

रैंकिंग में भारत के पास करीब 49.58 लाख कुल सैन्यकर्मी बताए गए हैं। इस आंकड़े में सक्रिय सैनिकों के साथ रिजर्व और अन्य संबंधित बलों को भी शामिल किया गया है।

वायु शक्ति की बात करें तो भारत के पास कुल करीब 2,183 विमान बताए गए हैं। इनमें लगभग 476 लड़ाकू विमान और 594 हेलिकॉप्टर शामिल हैं। भारत के बख्तरबंद सैन्य संसाधनों में करीब 3,913 टैंक भी शामिल बताए गए हैं।

भारत की नौसैनिक क्षमता भी उसकी सैन्य ताकत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। देश के पास युद्धपोतों और अन्य नौसैनिक संसाधनों का बड़ा बेड़ा है, जो समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक अभियानों में अहम भूमिका निभाता है।

पाकिस्तान 14वें स्थान पर

पाकिस्तान को इस रैंकिंग में 14वां स्थान दिया गया है। उसका पावर इंडेक्स स्कोर 0.2626 बताया गया है। इस हिसाब से भारत उससे 10 पायदान आगे है।

सैन्य संसाधनों की तुलना करें तो पाकिस्तान के पास करीब 1,397 विमान बताए गए हैं, जबकि भारत के पास 2,183 विमान हैं। पाकिस्तान के पास लगभग 331 लड़ाकू विमान हैं और भारत के पास करीब 476 फाइटर विमान बताए गए हैं।

टैंकों के मामले में भी भारत आगे है। भारत के पास करीब 3,913 टैंक बताए गए हैं, जबकि पाकिस्तान के पास लगभग 2,677 टैंक हैं।

टॉप-10 में कौन से देश?

2026 की सैन्य रैंकिंग में शीर्ष 10 देशों में अमेरिका, रूस, चीन और भारत के बाद दक्षिण कोरिया, फ्रांस, जापान, ब्रिटेन, तुर्किये और इटली शामिल हैं।

इस सूची से साफ है कि एशिया की सैन्य ताकत भी वैश्विक स्तर पर तेजी से प्रभावशाली हो रही है। भारत और चीन पहले चार स्थानों में शामिल हैं, जबकि दक्षिण कोरिया और जापान भी शीर्ष 10 में जगह बनाए हुए हैं।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है चौथा स्थान?

भारत का चौथे स्थान पर रहना देश की सैन्य क्षमता और रणनीतिक संसाधनों की मजबूती को दर्शाता है। बड़ी सैन्य संख्या, लड़ाकू विमान, टैंक, नौसैनिक क्षमता, लॉजिस्टिक्स और रक्षा संसाधन भारत को दुनिया की प्रमुख सैन्य शक्तियों में शामिल करते हैं।

हालांकि, किसी देश की वास्तविक युद्ध क्षमता को केवल एक रैंकिंग से पूरी तरह तय नहीं किया जा सकता। युद्ध की स्थिति में सैन्य प्रशिक्षण, रणनीति, तकनीकी श्रेष्ठता, खुफिया जानकारी, हथियारों की गुणवत्ता, आर्थिक क्षमता, सहयोगी देश और युद्ध की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होती हैं।

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि ग्लोबल फायरपावर का पावर इंडेक्स परमाणु हथियारों की वास्तविक युद्ध क्षमता को सीधे तौर पर स्कोर में शामिल नहीं करता। इसलिए इस रैंकिंग को देशों की समग्र सैन्य क्षमता का एक आकलन माना जाना चाहिए, न कि संभावित युद्ध के परिणाम की निश्चित भविष्यवाणी।

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