अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के उस दावे पर भारत की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जी-7 के दौरान हुई मुलाकात को लेकर एक खास बात कही थी। गोर के मुताबिक, भारतीय पक्ष ने बैठक के बाद मीडिया से सवाल न पूछे जाने की इच्छा जताई थी।
भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने इस मामले में कहा कि ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल उनके अप्रत्याशित व्यवहार को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतता है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रंप की दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ बातचीत के दौरान भी ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, इसलिए भारतीय पक्ष पहले से सतर्क रहता है।
सर्जियो गोर ने क्या दावा किया?
ET वर्ल्ड लीडर्स फोरम में बातचीत के दौरान सर्जियो गोर ने दावा किया कि मोदी और ट्रंप की मुलाकात के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से सवाल-जवाब नहीं कराने का अनुरोध किया गया था।
गोर के मुताबिक, बैठक से पहले पर्दे के पीछे उन्होंने ट्रंप से भारतीय पक्ष की संभावित प्राथमिकताओं को लेकर चर्चा की थी। ट्रंप ने उनसे पूछा था कि भारत किन मुद्दों को उठाना चाहता है और क्या उसकी कोई विशेष मांग है।
गोर ने दावा किया कि भारतीय पक्ष की ओर से मीडिया को बैठक के बाद मौजूद रखने पर सहमति थी, लेकिन सवाल न पूछे जाने की बात कही गई थी। उनके अनुसार, उन्होंने यह बात ट्रंप को बताई और अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस समय इस पर सहमति जताई थी।
गोर का कहना है कि मुलाकात खत्म होने के बाद ट्रंप ने कैमरों की तरफ देखकर पत्रकारों से सवाल लेने की इच्छा जताई और कथित तौर पर पहले हुई सहमति को याद नहीं रखा।
मोदी-ट्रंप मुलाकात में किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई थी। इनमें भारत-अमेरिका व्यापारिक संबंध, समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दे शामिल थे।
बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।
इस पर ट्रंप ने भारत के साथ खड़े रहने की बात कही। उन्होंने संकेत दिया कि यदि भारत पर हमला होता है तो अमेरिका उसका समर्थन करेगा। हालांकि, उन्होंने भविष्य में नेतृत्व बदलने की स्थिति को लेकर अलग टिप्पणी भी की।
भारत की ओर से क्यों बरती जाती है सावधानी?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल पहले से संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखता है। इसकी वजह ट्रंप का बातचीत के दौरान अचानक रुख बदलना या अप्रत्याशित टिप्पणी करना बताया गया है।
भारत का कहना है कि यह किसी एक बैठक तक सीमित विषय नहीं है। ट्रंप के दूसरे विदेशी नेताओं के साथ संवाद में भी इस तरह के व्यवहार के उदाहरण देखने को मिले हैं। इसलिए संवेदनशील बैठकों में भारतीय पक्ष पहले से रणनीति और बातचीत के संभावित परिणामों को ध्यान में रखता है।


































