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डिजिटल इंडिया के संकल्प को सरोजनीनगर में नई ऊंचाइयों तक पहुँचा रहे हैं विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह : युवाओं को तकनीक, नागरिकों को सुविधा; ‘डिजिटल सरोजनीनगर’ अभियान लिख रहा विकास की नई इबारत

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी “डिजिटल इंडिया” अभियान तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के डिजिटल उत्तर प्रदेश और आत्मनिर्भर भारत के विजन को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में सरोजनीनगर विधानसभा एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रही है। सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा शुरू की गई “डिजिटल सरोजनीनगर” की अभिनव पहल आज क्षेत्र के हजारों युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

डॉ. राजेश्वर सिंह के नेतृत्व में संचालित रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्र केवल कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल साक्षरता, रोजगारपरक कौशल और सुगम ई-गवर्नेंस सेवाओं के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुके हैं। इन केन्द्रों का उद्देश्य डिजिटल तकनीक को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा नागरिकों को सरकारी सेवाएं उनके घर के निकट उपलब्ध कराना है।

17 केन्द्रों के माध्यम से मजबूत हो रहा ‘डिजिटल सरोजनीनगर’ का नेटवर्क

वर्तमान समय में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न भागों में 17 रण बहादुर सिंह डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केन्द्रों पर विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के बच्चों और युवाओं को पूर्णतः निःशुल्क डिजिटल एवं कंप्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभा की राह में बाधा न बन सके।

इन केन्द्रों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक पर आधारित रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें DCA, ADCA, CCC, O-Level, Graphic Designing, Video Editing तथा 3D Animation जैसे कोर्स शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से युवा न केवल डिजिटल तकनीकों में दक्ष हो रहे हैं, बल्कि रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त कर रहे हैं।

1001 से अधिक युवा हुए प्रशिक्षित, 480 से अधिक विद्यार्थी वर्तमान में कर रहे अध्ययन

“डिजिटल सरोजनीनगर” अभियान की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक 1,001 से अधिक छात्र-छात्राएं इन केन्द्रों से विभिन्न डिजिटल एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। वहीं वर्तमान में 480 से अधिक विद्यार्थी इन केन्द्रों में नियमित रूप से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

यह पहल केवल कंप्यूटर शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें प्रतिस्पर्धी युग के अनुरूप तैयार करने का कार्य कर रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके अनेक युवाओं ने निजी क्षेत्र, स्वरोजगार एवं फ्रीलांसिंग के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनानी शुरू कर दी है।

ई-गवर्नेंस सेवाओं से हजारों नागरिकों को मिल रही राहत

डिजिटल शिक्षा के साथ-साथ इन केन्द्रों को जनसेवा का माध्यम भी बनाया गया है। वर्तमान में 17 केन्द्रों में से 7 केन्द्रों पर ई-गवर्नेंस सेवाएं संचालित की जा रही हैं, जहाँ अब तक 7,000 से अधिक नागरिक विभिन्न ऑनलाइन सरकारी सेवाओं का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

इन केन्द्रों के माध्यम से आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र, पेंशन आवेदन, छात्रवृत्ति, आधार से संबंधित सेवाएं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन आवेदन जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिली है और समय तथा धन दोनों की बचत हो रही है। साथ ही शासन की योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी एवं त्वरित तरीके से लोगों तक पहुँच रहा है।

डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में मजबूत कदम

डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन की उस मूल भावना को साकार करती है, जिसमें तकनीक को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाकर विकास को समावेशी बनाया जाना है। सरोजनीनगर में डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और ई-गवर्नेंस सेवाओं का यह मॉडल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच डिजिटल अंतर को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी प्रकार डिजिटल कौशल विकास को बढ़ावा मिलता रहा तो आने वाले वर्षों में सरोजनीनगर सूचना प्रौद्योगिकी आधारित रोजगार एवं डिजिटल नवाचार का एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन सकता है।

“डिजिटल क्रांति तभी सफल होगी जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे” — डॉ. राजेश्वर सिंह

इस अवसर पर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा—

“डिजिटल क्रांति तभी सफल होगी, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। हमारा उद्देश्य केवल कंप्यूटर शिक्षा देना नहीं, बल्कि सरोजनीनगर के प्रत्येक युवा को तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और रोजगार योग्य बनाना है। साथ ही प्रत्येक नागरिक तक सरकारी डिजिटल सेवाओं की सरल, पारदर्शी एवं त्वरित पहुँच सुनिश्चित करना भी हमारी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘Digital India’ अभियान और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के डिजिटल उत्तर प्रदेश के विजन को ‘डिजिटल सरोजनीनगर’ के माध्यम से धरातल पर उतारना हमारा संकल्प है।”

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल शिक्षा एवं ई-गवर्नेंस सेवाओं का यह अभियान और अधिक व्यापक बनाया जाएगा। अधिक से अधिक युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाएगा तथा डिजिटल सेवाओं का विस्तार क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक तक किया जाएगा, ताकि सरोजनीनगर का हर युवा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदार बन सके और प्रत्येक नागरिक को सरकारी सेवाओं का लाभ अपने ही क्षेत्र में सहज, सरल एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सके।

डॉ. राजेश्वर सिंह की यह पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि यदि जनप्रतिनिधि दूरदृष्टि, आधुनिक सोच और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य करें तो डिजिटल तकनीक केवल सुविधाओं का माध्यम नहीं रहती, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक सशक्तिकरण और सुशासन की मजबूत नींव बन जाती है। “डिजिटल सरोजनीनगर” इसी परिवर्तनकारी सोच का सशक्त उदाहरण बनकर प्रदेश के अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।

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