टोक्यो: जापान में एक बार फिर तेज भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रविवार रात होक्काइडो क्षेत्र में 6.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इससे कुछ समय पहले जापान के पूर्वी हिस्से में भी 5.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके झटके राजधानी टोक्यो सहित कई इलाकों में महसूस किए गए।
लगातार आए भूकंपों के कारण लोगों में चिंता बढ़ गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दूसरे भूकंप के बाद तत्काल सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की गई।
होक्काइडो में 6.0 तीव्रता का भूकंप
जापान के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, रविवार रात स्थानीय समय करीब 10:45 बजे होक्काइडो में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया।
भूकंप का केंद्र उराकावा के तट से कुछ दूरी पर समुद्र के नीचे करीब 40 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। झटकों की तीव्रता को देखते हुए अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी।
फिलहाल इस भूकंप के बाद सुनामी का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
इससे पहले 5.9 तीव्रता से कांपा था जापान
होक्काइडो में आए भूकंप से कुछ घंटे पहले जापान के पूर्वी हिस्से में 5.9 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटके टोक्यो तक महसूस किए गए।
तेज कंपन के कारण राजधानी में अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस भूकंप में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए।
अधिकारियों के अनुसार, कई लोग अचानक आए झटकों से घबराकर बिस्तर से उठने की कोशिश करते समय गिर गए या आसपास की वस्तुओं से टकरा गए। इसी वजह से कई लोगों को चोटें आईं।
ट्रेन सेवाओं पर भी पड़ा असर
भूकंप के बाद टोक्यो समेत कई क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं प्रभावित हुईं। कई लोकल ट्रेनों के संचालन में देरी हुई।
टोक्यो और नरीता एयरपोर्ट के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेन सेवाओं के साथ-साथ उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों की कुछ रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। हालांकि, शिंकानसेन बुलेट ट्रेन का संचालन सामान्य रूप से जारी रहने की जानकारी सामने आई।
यात्रियों को कुछ मार्गों पर देरी का सामना करना पड़ा, जबकि रेलवे और प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर रखती रहीं।
सरकार ने बनाई निगरानी टीम
भूकंप के बाद जापान सरकार ने संभावित नुकसान का आकलन करने और स्थिति की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की है।
सरकारी एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी जुटा रही हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रही हैं।
लगातार दो शक्तिशाली झटकों के बाद जापान में लोगों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना, संभावित नुकसान का आकलन करना और लोगों को समय पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है।


































