Donald Trump ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि शांति समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और अब केवल अंतिम औपचारिकताएं बाकी हैं। साथ ही ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Barack Obama के 2015 परमाणु समझौते पर तीखा हमला बोला।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि ओबामा काल का परमाणु समझौता अमेरिका के इतिहास के सबसे खराब समझौतों में से एक था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं करेगी और अमेरिकी प्रतिनिधियों को किसी तय समय सीमा के दबाव से पीछे हटने के निर्देश दिए गए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा बातचीत अब अधिक पेशेवर और गंभीर तरीके से आगे बढ़ रही है। उनके मुताबिक अमेरिका की रणनीति “ताकत के जरिए शांति” हासिल करने की है।
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक दबाव और घेराबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक कोई अंतिम समझौता पूरी तरह तय, सत्यापित और हस्ताक्षरित नहीं हो जाता।
इससे पहले भी ट्रंप दावा कर चुके हैं कि ईरान और कई सहयोगी देशों के साथ समझौते को लेकर व्यापक बातचीत हो चुकी है। उन्होंने बताया था कि Saudi Arabia, United Arab Emirates, Qatar, Pakistan, Turkey, Egypt, Jordan और Bahrain के नेताओं से इस मुद्दे पर चर्चा हुई है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से भी बातचीत हुई, जो काफी सकारात्मक रही।
माना जा रहा है कि अगर यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का रास्ता भी साफ हो सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ रहे असर में राहत मिलने की उम्मीद है।


































