HomeDaily NewsZakir Khan Health: जाकिर खान की बीमारी किन लोगों में होती है?...

Zakir Khan Health: जाकिर खान की बीमारी किन लोगों में होती है? जानें इसके लक्षण और संभावित खतरे

Zakir Khan Comedy Break: मशहूर कॉमेडियन जाकिर खान ने कॉमेडी से लंबा ब्रेक लेने का ऐलान किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक यह ब्रेक 2030 तक जा सकता है. यह बात उन्होंने हैदराबाद में अपने ‘पापा यार’ टूर के दौरान एक लाइव शो में कही. जाकिर ने बताया कि वह फिलहाल अपनी परफॉर्मेंस कम करेंगे और गिने-चुने शहरों में ही कुछ आखिरी शो करेंगे. इसके पीछे वजह सेहत और कुछ निजी जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें वह लंबे समय से टालते आ रहे थे.

लंबा जा सकता है ब्रेक

स्टेज पर खुलकर बात करते हुए जाकिर ने कहा कि यह ब्रेक तीन से पांच साल तक का हो सकता है. उन्होंने साफ किया कि यह फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया गया, बल्कि अपनी सेहत को प्राथमिकता देने के लिए लिया गया है. दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने कहा कि वह आगे भी लंबे समय तक परफॉर्म करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए अभी रुकना जरूरी है. Gulf News से बातचीत में जाकिर ने कहा कि “मैं कई सालों से लगातार टूर कर रहा हूं. काम और सेहत के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की, लेकिन अब थोड़ा ब्रेक लेना जरूरी हो गया है.”

उन्होंने यह भी माना कि रिश्तों को निभाने में समय और मेहनत लगती है, लेकिन यह समय अक्सर उनकी नींद से कटता रहा. जाकिर के शब्दों में, अगर कोई इंसान सालों तक बिना रुके चलता रहे, तो शरीर पर असर पड़ना तय है. इसी सिलसिले में उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बीमारियों की जेनेटिक प्रवृत्ति होती है, जो एक खास उम्र के बाद सामने आती है, खासकर तब जब लाइफस्टाइल लगातार तनावपूर्ण रही हो.

किन लोगों को होती है यह दिक्कत?

अब बात करते हैं कि आखिर जाकिर की तरह किन लोगों को ऐसी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. Mayo Clinic के मुताबिक, लंबे समय तक लगातार काम, अनियमित नींद, बार-बार ट्रैवल और शारीरिक थकान शरीर पर गहरा असर डालती है. इसका शिकार वे लोग ज्यादा होते हैं, जो लगातार अपने काम को प्राथमिकता देते हैं और बिना रुके काम करते रहते हैं. समय के साथ उनके शरीर पर इसके लक्षण दिखने लगते हैं. इसके अलावा, जिनके परिवार में पहले से मेटाबॉलिक, हार्मोनल या क्रॉनिक बीमारियों का इतिहास रहा हो, उन्हें भी यह दिक्कत समय के साथ झेलनी पड़ सकती है. जाकिर खान ने भी इशारों में इसी ओर ध्यान दिलाया है, जब उन्होंने जेनेटिक प्रीडिस्पोज़िशन और एपिजेनेटिक्स की बात की.

क्या दिखते हैं लक्षण?

डॉक्टर बताते हैं कि ऐसे मामलों में शरीर पहले छोटे-छोटे संकेत देता है, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. इसमें लगातार थकान महसूस होना, नींद पूरी होने के बाद भी शरीर का भारी रहना, इम्यूनिटी कमजोर पड़ना, फोकस और एनर्जी लेवल में कमी, और बार-बार बीमार पड़ना शामिल है.

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments