बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के अध्यक्ष तारिक रहमान मंगलवार को देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं।
इस बार शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक स्थल बांगभवन (राजभवन) की बजाय जाटिया संसद परिसर के साउथ प्लाज़ा में आयोजित किया जा रहा है, जिसे परंपरा से अलग कदम माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण का पूरा कार्यक्रम
समाचार एजेंसी के मुताबिक, राष्ट्रपति मोहमम्मद शाहबुद्दीन दोपहर में जाटिया संसद (Jatiya Sangsad) परिसर के साउथ प्लाज़ा में नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे।
- सुबह 10 बजे संसद सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी।
- सुबह 11:30 बजे BNP संसदीय दल की बैठक होगी, जिसमें संसदीय नेता का औपचारिक चुनाव किया जाएगा।
BNP नेताओं ने स्पष्ट किया है कि बहुमत दल के नेता के रूप में तारिक रहमान ही प्रधानमंत्री पद संभालेंगे।
भारत से कौन होगा शामिल?
भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। उनके साथ भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह के भी शामिल होने की संभावना है।
इसके अलावा समारोह में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, तुर्की के वरिष्ठ प्रतिनिधि और श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री भी मौजूद रहेंगे।
चुनाव परिणाम और राजनीतिक पृष्ठभूमि
बांग्लादेश में 13वां आम चुनाव 12 फरवरी को राजनीतिक अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों के बीच संपन्न हुआ। इससे पहले छात्र आंदोलन के बाद अगस्त 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार गिर गई थी।
इस चुनाव में उनकी पार्टी अवामी लीग को भाग लेने की अनुमति नहीं दी गई। चुनाव आयोग के अनुसार:
- BNP ने 297 में से 209 सीटें जीतीं
- जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं
- मतदाता मतदान प्रतिशत 59.44% दर्ज हुआ
प्रतिद्वंद्वियों से भी की मुलाकात
जीत के बाद तारिक रहमान ने राजनीतिक सौहार्द का संदेश देते हुए जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख और अन्य दलों के नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने सभी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए शुभकामनाएं दीं।
पहली बार संभालेंगे प्रधानमंत्री पद
60 वर्षीय तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बन रहे हैं। वह अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस का स्थान लेंगे। उनके कार्यकाल के दौरान ढाका और नई दिल्ली के संबंधों में तनाव की स्थिति देखी गई थी।
तारिक रहमान के शपथ ग्रहण के साथ बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।


































