अंडर-19 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। 311 रनों जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर टूर्नामेंट का फाइनल टिकट कटाया। यह जीत अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे बड़ी रन चेज़ के रूप में दर्ज हो गई। अब खिताबी मुकाबले में भारत का सामना इंग्लैंड से होगा।
वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को जबरदस्त शुरुआत मिली। ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर आते ही अफगान गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। उन्होंने महज 33 गेंदों में 68 रन ठोके और उनकी स्ट्राइक रेट रही 206 से ज्यादा। इस तूफानी पारी में वैभव ने 4 छक्के और 9 चौके लगाए।
वैभव ने दूसरे ओपनर आरोन जॉर्ज के साथ पहले विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी की, जिसमें अकेले वैभव के 68 रन शामिल थे। जब वह आउट हुए, तब सिर्फ 9.3 ओवर में भारत मजबूत स्थिति में पहुंच चुका था।
टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन
वैभव सूर्यवंशी इस प्रदर्शन के साथ अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन गए हैं। उन्होंने 6 पारियों में 264 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं।
आरोन जॉर्ज और आयुष म्हात्रे ने संभाला मोर्चा
वैभव के आउट होने के बाद आरोन जॉर्ज और कप्तान आयुष म्हात्रे ने पारी को मजबूती दी। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 114 रनों की अहम साझेदारी हुई।
आयुष म्हात्रे ने 59 गेंदों में 62 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 5 चौके शामिल थे।
इसके बाद आरोन जॉर्ज ने शानदार बल्लेबाजी जारी रखते हुए अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 104 गेंदों में 115 रन बनाए और भारत को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया।
अफगानिस्तान की शतकीय पारियां
इससे पहले अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए बड़ा स्कोर खड़ा किया। फैसल खान ने लगातार दूसरा शतक लगाते हुए 110 रन बनाए, जबकि उज़ैरउल्लाह नियाजई ने नाबाद 101 रन की पारी खेलकर टीम को 300 के पार पहुंचाया।
भारतीय गेंदबाजों की ओर से दीपेश देवेन्द्रन और कनिष्क चौहान ने दो-दो विकेट झटके।
फाइनल में भारत बनाम इंग्लैंड
इस ऐतिहासिक जीत के साथ भारत अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गया है, जहां अब उसका सामना इंग्लैंड से होगा। टीम की बल्लेबाजी फॉर्म को देखते हुए फाइनल से पहले भारतीय खेमे का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है।


































