टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है, लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही पाकिस्तान को लेकर सस्पेंस और विवाद दोनों बने हुए हैं. एक तरफ पाकिस्तान का वर्ल्ड कप में खेलना अभी तक पूरी तरह कन्फर्म नहीं है, वहीं दूसरी तरफ बांग्लादेश के समर्थन में उसके संभावित कदमों ने आईसीसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अगर पाकिस्तान टूर्नामेंट में उतरता है तो वह बांग्लादेश के समर्थन में काली पट्टी बांधकर खेल सकता है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसा करना ICC के नियमों के खिलाफ होगा और अगर हां, तो पाकिस्तान पर क्या कार्रवाई हो सकती है.
ICC के नियम क्या कहते हैं?
आईसीसी के अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी या टीम बिना पूर्व अनुमति इंटरनेशनल मैच में काली पट्टी या किसी तरह का प्रतीक पहनती है, तो इसे नियमों के विरुद्ध माना जाएगा. इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं. 2023 में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उस्मान ख्वाजा को बिना अनुमति काली पट्टी पहनने पर आईसीसी की ओर से सख्त चेतावनी दी गई थी.
पाकिस्तान पर क्या हो सकता है एक्शन?
अगर पाकिस्तान की टीम बिना अनुमति काली पट्टी पहनती है, तो पहली बार में आईसीसी फटकार या चेतावनी दे सकती है. इसे ‘अन्य उल्लंघन’ की श्रेणी में रखा जाता है. वहीं, अगर नियमों का दोबारा उल्लंघन हुआ तो खिलाड़ियों पर मैच फीस का 25 प्रतिशत तक जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर स्थिति में टीम पर और भी सख्त कार्रवाई संभव है.
बांग्लादेश मुद्दे पर पाकिस्तान का खुला समर्थन
दरअसल, सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने से इनकार करने के बाद आईसीसी ने बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया. इस फैसले से पाकिस्तान नाखुश है और वह लगातार बांग्लादेश के पक्ष में खड़ा नजर आ रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भले ही अपनी टीम का ऐलान कर दिया हो, लेकिन यह साफ कर दिया गया है कि टूर्नामेंट में खेलने का अंतिम फैसला सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.
काली पट्टी पहनना क्यों बना चर्चा का विषय?
कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के समर्थन में वर्ल्ड कप के दौरान काली पट्टी पहनकर उतर सकता है. आमतौर पर काली पट्टी विरोध या शोक का प्रतीक मानी जाती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसे पहनना नियमों के खिलाफ माना जाता है. आईसीसी के क्लोथिंग और इक्विपमेंट नियम खिलाड़ियों को बिना अनुमति किसी भी तरह का राजनीतिक, धार्मिक या व्यक्तिगत संदेश प्रदर्शित करने की इजाजत नहीं देते.


































