सुपर-8 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत 111 रन पर सिमट गया। अहमदाबाद के Narendra Modi Stadium में मिली इस हार के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर टीम की हार का सबसे बड़ा कारण कौन रहा?
क्या अभिषेक शर्मा बने टर्निंग पॉइंट?
नजरें खास तौर पर युवा सलामी बल्लेबाज Abhishek Sharma पर टिक गई हैं।
टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही।
- Ishan Kishan पारी की चौथी गेंद पर आउट हो गए।
- अगले ही ओवर में Tilak Varma भी पवेलियन लौट गए।
स्कोर 5/2 था और टीम दबाव में थी। ऐसे समय पर अभिषेक के पास मौका था कि वह पारी को संभालते, स्ट्राइक रोटेट करते और कप्तान Suryakumar Yadav के साथ साझेदारी बनाते। लेकिन उन्होंने आक्रामक शॉट खेलने की कोशिश में अपना विकेट गंवा दिया।
पिच और गेंदबाजी का असर
मैच के दौरान देखा गया कि पिच में असमान उछाल थी। भारतीय गेंदबाज Jasprit Bumrah ने इसी उछाल का फायदा उठाकर असरदार गेंदबाजी की थी।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से Marco Jansen ने परिस्थितियों का बेहतर उपयोग किया। उन्होंने स्लोवर गेंद फेंकी, जिस पर अभिषेक का शॉट समय से पहले खेला गया और कैच लपक लिया गया। यह विकेट भारत की वापसी की उम्मीदों पर बड़ा झटका साबित हुआ।
दबाव में जल्दबाजी
अभिषेक लगातार पिछले मैचों में शून्य पर आउट हुए थे, ऐसे में दबाव स्वाभाविक था। लेकिन बड़े मुकाबले में मैच की स्थिति को समझकर खेलने की जरूरत थी। 5/2 की स्थिति में टीम को स्थिरता चाहिए थी, न कि जोखिम भरा शॉट।
अगर उस समय 40–50 रन की साझेदारी हो जाती तो मुकाबले का रुख बदल सकता था। मगर शुरुआती झटकों के बाद भारत संभल नहीं सका।
निष्कर्ष
हालांकि हार के लिए सिर्फ एक खिलाड़ी को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं होता, लेकिन इस मैच में शुरुआती ओवरों में विकेटों का गिरना निर्णायक रहा। खासकर अभिषेक शर्मा का गैर-जिम्मेदाराना शॉट मैच का अहम मोड़ बन गया।
क्रिकेट टीम गेम है—टॉप ऑर्डर की नाकामी, मध्यक्रम का दबाव और लक्ष्य का आकार—इन सबने मिलकर भारत की हार की पटकथा लिखी।


































