भारत ने इतिहास रचते हुए रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 100 रन से हराकर खिताब जीता। आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी, जबकि फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की शानदार मैच-विनिंग पारी खेली।
हालांकि, इतनी बड़ी उपलब्धि के बावजूद भारतीय टीम को ICC की ओर से कोई प्राइज मनी नहीं मिलेगी। ऐसे में सवाल उठता है—आखिर क्यों?
ICC क्यों नहीं देती अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्राइज मनी?
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) अंडर-19 वर्ल्ड कप को एक डेवलपमेंट टूर्नामेंट के रूप में देखती है।
इस टूर्नामेंट का मकसद है:
- युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना
- नई प्रतिभाओं को निखारना
- भविष्य के सीनियर क्रिकेटरों को तैयार करना
इसी वजह से ICC इस टूर्नामेंट में किसी भी टीम को प्राइज मनी नहीं देती।
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले संस्करणों में भी विजेता टीमों को ICC की ओर से कोई नकद इनाम नहीं मिला था।
क्या टीम इंडिया खाली हाथ लौटेगी?
नहीं। भारतीय खिलाड़ियों को निराश होने की जरूरत नहीं है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) हमेशा अपने युवा खिलाड़ियों को उनकी मेहनत का इनाम देता आया है।
- 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप में यश ढुल की कप्तानी में भारत ने खिताब जीता था
- हर खिलाड़ी को ₹40 लाख
- सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य को ₹25 लाख इनाम मिला था
इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि BCCI खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और सपोर्ट टीम के लिए बड़ा बोनस घोषित करेगा।
महिला अंडर-19 टीम के लिए भी BCCI का बड़ा योगदान
महिला अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीमों के लिए भी BCCI लगातार समर्थन करता रहा है।
पिछले दो संस्करणों में:
- ₹5 करोड़ का प्राइज मनी पूल रखा गया था
यह दिखाता है कि भले ही ICC प्राइज मनी न दे, लेकिन BCCI अपने चैंपियंस की मेहनत को कभी अनदेखा नहीं करता।


































