ईरान में स्थित Bushehr Nuclear Power Plant के पास हुए हमलों को लेकर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। Kremlin के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने इन हमलों को “बेहद खतरनाक” बताते हुए चिंता जताई है।
परमाणु ठिकानों पर हमले को बताया खतरनाक
रूस का कहना है कि परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
पेस्कोव ने कहा कि ऐसे हमलों के परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं और इनकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि रूस ने अपनी चिंताओं को सीधे United States तक पहुंचाया है।
कूटनीतिक समाधान पर जोर
Kremlin ने साफ किया कि मौजूदा संकट का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ता ही है।
रूस के अनुसार, यही “एकमात्र तरीका” है जिससे क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम किया जा सकता है।
पहले भी हो चुके हैं हमले
इससे पहले ईरान के Natanz Nuclear Facility पर भी हमला किया गया था, जिसकी रूस ने कड़ी निंदा की थी।
- यह ईरान का प्रमुख यूरेनियम संवर्धन (enrichment) केंद्र है
- यहां हाल ही में दो बार हमले हुए
- International Atomic Energy Agency (IAEA) ने बताया कि रेडियोएक्टिव लीक नहीं हुआ, लेकिन खतरे को लेकर सतर्कता जरूरी है
अंतरराष्ट्रीय कानून का मुद्दा
रूस ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा कि ऐसे कदम वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
निष्कर्ष
ईरान में परमाणु ठिकानों पर हमलों ने वैश्विक तनाव को और बढ़ा दिया है। रूस की सख्त प्रतिक्रिया से साफ है कि मामला सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि क्या इस संकट का समाधान बातचीत के जरिए निकलता है या हालात और बिगड़ते हैं।


































