प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कनाडा से क्रोएशिया पहुंचें. क्रोएशियाई प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के साथ बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष, इजराइल-ईरान स्थिति पर चर्चा हुई. पीएम मोदी ने कहा कि यूरोप हो या एशिया किसी भी समस्याओं का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकल सकता. उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी देश के लिए क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान आवश्यक है.
आतंकवाद मानवता का दुश्मन- पीएम मोदी
जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले पर संवेदना व्यक्त करने के लिए पीएम मोदी ने क्रोएशियाई प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया. पीएम मोदी ने कहा, “हम मानते हैं कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और लोकतंत्र के मूल्यों को बनाए रखने वाली सभी ताकतों के लिए खतरा है. ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में, हमारे मित्र देशों का समर्थन और एकजुटता हमारे लिए बहुत मूल्यवान रही है.”
डिजिटल टेक्नोलॉजी समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति
पीएम मोदी ने कहा, “हमने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और विश्वसनीय सप्लाई चेन तैयार करने के लिए कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है. हम फार्मा, कृषि, इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, क्लीन टेक्नोलॉजी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर में सहयोग को बढ़ावा देंगे.”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, “हम दोनों सहमत है कि आज के वैश्विक वातावरण में भारत और यूरोप की साझेदारी बहुत महत्व रखती है. यूरोपीय यूनियन के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में क्रोएशिया का समर्थन और सहयोग बहुत ही महत्वपूर्ण है”
दोनों देशों के बीच पर्यटन बढ़ाने पर हुआ विचार
प्रधानमंत्री ने कहा, ” आज हमने अपने सांस्कृतिक और पीपल टू पीपल संबंधों को और बल देने का निश्चय किया है. जाग्रेब विश्वविद्यालय में हिंदी चेयर के MoU के अवधि 2030 तक बढ़ा दी गई है. अगले 5 वर्षों के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम तैयार किया गया है. लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए गतिशीलता समझौते को जल्द ही पूरा किया जाएगा.”
पीएम मोदी ने कहा, “हमने दोनों देशों के बीच पर्यटन बढ़ाने पर विचार किया है. यहां पर योग की लोकप्रियता को मैंने स्पष्ट रूप से अनुभव किया है. 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है और मुझे विश्वास है कि हमेशा की तरह क्रोएशिया के लोग इसे धूम-धाम से मनाएंगे.”
‘वैश्विक स्थिरता के लिए आतंकवाद सबसे बड़ा खतरा’
क्रोएशियाई प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच ने कहा कि हमने भारत में हुए आतंकवादी हमले पर भी चर्चा की और दुख जताया. उन्होंने कहा, “सुरक्षा के मामले में दुनिया की स्थिति बहुत अस्थिर है इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि दुनियाभर के सबसे प्रभावशाली देश शांति के लिए अपना योगदान दें. हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर भारतीय प्रधानमंत्री के संदेश को अच्छी तरह से समझा है क्योंकि यह वैश्विक स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा है.”
उन्होंने आगे कहा, “हमने अर्थव्यवस्था से लेकर रक्षा तक सभी क्षेत्रों में भविष्य में सहयोग पर भी सहमति व्यक्त की है. चूंकि भारत आईटी क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी है तो हम रक्षा उद्योग, परमाणु ऊर्जा, जहाज निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी में सहयोग को मजबूत करना चाहते हैं.”


































