भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी 3 मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार यानी 14 जनवरी, 2026 को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया को 7 विकेट से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी है. राजकोट वनडे में मिली हार के साथ ही अब सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है. मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल अपनी टीम के प्रदर्शन, खास तौर पर गेंदबाजी और फील्डिंग से काफी निराश नजर आए. कप्तान गिल ने हार की वजह बीच के ओवरों में विकेट न ले पाने और फील्डिंग में गलतियों को बताया.
शुभमन गिल ने बताई हार की वजह
न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए दूसरे मुकाबले के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में कप्तान शुभमन गिल ने साफ शब्दों में कहा कि बीच के ओवरों में विकेट न चटका पाना टीम इंडिया की हार का सबसे बड़ा कारण रहा. शुभमन ने कहा, ‘हम बीच के ओवरों में कोई भी विकेट नहीं निकाल सके. जब पांच फील्डर घेरे के अंदर हों और आप उस दौरान विकेट नहीं लेते, तो लक्ष्य का बचाव करना बहुत मुश्किल हो जाता है. भले ही हमने बोर्ड पर 15-20 रन और बना लिए होते, लेकिन बीच के ओवरों में विकेट के बिना जीतना नामुमकिन था.’
गेंदबाजों को होना चाहिए था थोड़ा और आक्रामक
न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने खासकर डेरेल मिचेल और विल यंग ने जिस तरह भारतीय स्पिनर्स को खेला, उस पर कप्तान गिल ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने माना कि शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन बाद में वे ढीले पड़ गए थे. गिल ने कहा, ‘शुरुआती 10-15 ओवरों में गेंद थोड़ी हरकत कर रही थी और हमने अच्छी गेंदबाजी की. लेकिन मुझे लगता है कि 20-25 ओवर के बाद पिच थोड़ी सपाट हो गई थी. उस वक्त हमें गेंदबाजी में थोड़ा और आक्रामक होने की जरूरत थी. हमें थोड़े और रिस्क लेने चाहिए थे, जो हम नहीं ले पाए.
गिल ने फील्डिंग की गलतियों पर जताई निराशा
भारतीय टीम की फील्डिंग पिछले कुछ मैचों में चिंता का विषय रही है और राजकोट में भी भारतीय फील्डर्स से कई कैच छूटे. इस पर कप्तान ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, ‘पिछले मैच में भी हमने कुछ मौके गंवाए थे और आज भी वही हुआ. ये एक ऐसा पहलू है जिसमें हम हमेशा सुधार करने की कोशिश करते हैं, खासकर इस टीम के साथ. लेकिन सच्चाई ये है कि इस फॉर्मेट में अगर आप अपने मौके (कैच) नहीं पकड़ेंगे, तो ये आपको हमेशा हार की ओर ले जाएगा.’ बल्लेबाजी के बारे में गिल ने कहा कि ऐसी पिचों पर सेट बल्लेबाज का अंत तक टिकना जरूरी होता है.


































