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Health Tips:हाइड्रेशन के नाम पर कहीं कर तो नहीं रहे गलती? किडनी को हो सकता है नुकसान

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है, लेकिन अत्यधिक या गलत तरीके से हाइड्रेशन भी नुकसान पहुंचा सकता है—खासतौर पर किडनी (गुर्दों) को। कई लोग “जितना ज्यादा पानी, उतना अच्छा” मान लेते हैं, जबकि यह हमेशा सही नहीं होता।


🚨 ज्यादा पानी पीना भी क्यों खतरनाक?

1️⃣ ओवरहाइड्रेशन (Water Intoxication)
बहुत ज्यादा पानी कम समय में पीने से खून में सोडियम का स्तर कम हो सकता है (हाइपोनेट्रेमिया)।
लक्षण:

  • सिरदर्द
  • उल्टी
  • सूजन
  • भ्रम या चक्कर

गंभीर मामलों में यह खतरनाक हो सकता है।

2️⃣ किडनी पर अतिरिक्त दबाव
किडनी का काम शरीर से अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन निकालना है। जरूरत से ज्यादा पानी पीने से किडनी पर अनावश्यक लोड पड़ता है।


💧 कितना पानी सही है?

सामान्य तौर पर:

  • वयस्कों को लगभग 2–3 लीटर (8–10 गिलास) पानी रोज पर्याप्त होता है।
  • लेकिन यह मात्रा उम्र, मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है।
  • गर्मी, एक्सरसाइज या बुखार में जरूरत बढ़ सकती है।

👉 सबसे आसान संकेत:
आपके यूरिन (पेशाब) का रंग हल्का पीला होना चाहिए। बहुत ज्यादा पारदर्शी (बिल्कुल साफ) है तो संभव है कि आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हों।


❌ हाइड्रेशन से जुड़े आम मिथक

🔹 मिथक 1: रोज 8 गिलास पानी जरूरी है
हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है।

🔹 मिथक 2: प्यास लगना मतलब शरीर डिहाइड्रेटेड है
प्यास शरीर का सामान्य सिग्नल है—हर बार गंभीर डिहाइड्रेशन नहीं।

🔹 मिथक 3: ज्यादा पानी से शरीर “डिटॉक्स” होता है
शरीर का डिटॉक्स सिस्टम (लिवर और किडनी) खुद काम करता है। जरूरत से ज्यादा पानी पीना डिटॉक्स को तेज नहीं करता।

🔹 मिथक 4: बार-बार पेशाब आना मतलब शरीर साफ हो रहा है
यह ओवरहाइड्रेशन का संकेत भी हो सकता है।


🩺 कब सतर्क रहें?

  • अगर आपको किडनी की बीमारी है
  • हार्ट फेल्योर या लिवर की समस्या है
  • सूजन या बार-बार पेशाब की समस्या है
  • डॉक्टर ने फ्लूइड रेस्ट्रिक्शन बताया है

ऐसी स्थिति में पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह से ही तय करें।


✅ सही हाइड्रेशन का तरीका

  • प्यास लगने पर पानी पिएं
  • एक साथ बहुत ज्यादा पानी न पिएं
  • एक्सरसाइज के दौरान धीरे-धीरे घूंट लेकर पिएं
  • सिर्फ पानी ही नहीं, फल-सब्जियों से भी तरल मिलता है
  • कैफीन और अल्कोहल संतुलित मात्रा में लें

⚠️ निष्कर्ष:
हाइड्रेशन जरूरी है, लेकिन “ज्यादा ही बेहतर है” हमेशा सही नहीं। संतुलन ही असली कुंजी है। यदि किडनी या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो पानी की मात्रा तय करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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