कई लोग मानते हैं कि सप्ताह में एक बार शराब पीना पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, “कम” मात्रा का मतलब “बिना जोखिम” नहीं होता। असर व्यक्ति की उम्र, वजन, मेटाबॉलिज्म, मौजूदा बीमारियों और पीने की मात्रा पर निर्भर करता है।
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि यदि कोई स्वस्थ वयस्क सीमित मात्रा (उदाहरण: लगभग 60 ml हार्ड ड्रिंक या 1 ड्रिंक) तक ही रहे, तो जोखिम अपेक्षाकृत कम हो सकता है।
लेकिन:
- एक दिन में जरूरत से ज्यादा पीना (भले हफ्ते में एक बार हो) शरीर पर अचानक दबाव डाल सकता है।
- शराब से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी (जैसे 2 बीयर + स्नैक्स ≈ 1000-1200 कैलोरी) वजन नियंत्रण के प्रयासों को बिगाड़ सकती है।
बिंज ड्रिंकिंग सबसे ज्यादा खतरनाक
कम समय में ज्यादा मात्रा में पीना-यानी बिंज ड्रिंकिंग-सबसे नुकसानदेह माना जाता है। इससे:
- लिवर पर तीव्र दबाव
- हार्ट रिद्म में गड़बड़ी
- अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ना
- गंभीर मामलों में जान का खतरा
हो सकता है, भले यह आदत सिर्फ सप्ताह में एक दिन तक सीमित क्यों न हो।
शरीर पर संभावित असर
1. लिवर और किडनी
लिवर शराब को तोड़ने का काम करता है। नियमित- even सप्ताह में एक बार-पीना भी लंबे समय में फैटी लिवर जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है।
शराब डिहाइड्रेशन करती है, जिससे किडनी पर भी असर पड़ता है।
2. हार्ट और ब्लड प्रेशर
- ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है
- धड़कन अनियमित हो सकती है
- धूम्रपान के साथ जोखिम कई गुना बढ़ जाता है
3. नींद
शराब से नींद जल्दी आ सकती है, लेकिन गहरी नींद बाधित होती है। अगले दिन थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है।
4. पाचन तंत्र
- एसिडिटी
- सीने में जलन
- गैस्ट्रिक समस्याएं
- गंभीर मामलों में सूजन या ब्लीडिंग
किन लोगों को बिल्कुल नहीं पीनी चाहिए?
- गर्भवती महिलाएं
- लिवर या हार्ट रोगी
- मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोग
- कुछ दवाएं लेने वाले मरीज
- वाहन चलाने वाले
- एसिड रिफ्लक्स या गंभीर डाइजेशन समस्या वाले लोग
तो क्या निष्कर्ष है?
हफ्ते में एक बार शराब पीना “पूरी तरह सुरक्षित” कहना सही नहीं है।
कम मात्रा में जोखिम कम हो सकता है, लेकिन शून्य नहीं।
सबसे अहम है:
- मात्रा पर नियंत्रण
- बिंज ड्रिंकिंग से बचाव
- हेल्दी लाइफस्टाइल (डाइट, एक्सरसाइज, पर्याप्त पानी)
Disclaimer: यह जानकारी शोध अध्ययनों और विशेषज्ञों की सामान्य राय पर आधारित है। इसे व्यक्तिगत मेडिकल सलाह न मानें। अपनी सेहत के अनुसार निर्णय लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।


































