HomeHEALTHHealth Tips:रमजान में डायबिटीज के मरीज कैसे रखें रोज़ा? जानिए सुरक्षित फास्टिंग...

Health Tips:रमजान में डायबिटीज के मरीज कैसे रखें रोज़ा? जानिए सुरक्षित फास्टिंग का तरीका

रमजान का रोज़ा आस्था से जुड़ा अहम अभ्यास है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए इसे सोच-समझकर रखने की जरूरत होती है। सही तैयारी, संतुलित भोजन, पर्याप्त हाइड्रेशन और डॉक्टर की निगरानी में कई लोग सुरक्षित तरीके से रोज़ा रख सकते हैं। बिना योजना के लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से ब्लड शुगर अचानक गिर (हाइपोग्लाइसीमिया) या बढ़ (हाइपरग्लाइसीमिया) सकती है।


एक्सपर्ट क्या सलाह देते हैं?

  • डॉ. अंशुल सिंह के अनुसार, रोज़ा शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श ज़रूरी है। ब्लड शुगर की नियमित जांच करना भी उतना ही अहम है—इससे रोज़ा नहीं टूटता और शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव का समय रहते पता चल जाता है।
  • डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. राजीव कोविल “रिस्क स्ट्रैटिफिकेशन” पर जोर देते हैं। जिनकी टाइप 2 डायबिटीज कंट्रोल में है, वे मेडिकल सुपरविजन में रोज़ा रख सकते हैं। लेकिन किडनी रोग, हार्ट डिजीज/हार्ट फेल्योर, गर्भावस्था या हालिया इंफेक्शन वाले मरीजों को रोज़ा टालने की सलाह दी जाती है।
  • दवाओं में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है, खासकर यदि आप इंसुलिन या सल्फोनाइलयूरिया लेते हैं। कई बार सुबह की डोज कम करना या शाम में शिफ्ट करना सुरक्षित रहता है—यह फैसला केवल डॉक्टर करें।

सहरी में क्या खाएं?

सहरी का भोजन धीरे पचने वाले कार्बोहाइड्रेट + प्रोटीन + फाइबर पर आधारित रखें:

  • ओट्स उपमा + उबला अंडा
  • बेसन चीला + दही
  • ग्रिल्ड चिकन + मिलेट (ज्वार/बाजरा) रोटी
  • वेजिटेबल ऑमलेट + सलाद

बचें: बहुत ज्यादा नमकीन और मीठे खाद्य—ये प्यास बढ़ाते हैं और शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं।


इफ्तार कैसे खोलें?

  • 1 खजूर + पानी से शुरुआत करें (खजूर की कार्ब गिनती शामिल करें)
  • 10–15 मिनट बाद हल्का सूप
  • प्लेट मॉडल अपनाएं:
    • आधी प्लेट बिना स्टार्च वाली सब्जियां
    • चौथाई प्लेट प्रोटीन (चिकन/मछली/दाल)
    • चौथाई प्लेट साबुत अनाज

तले पकवान और भारी मिठाइयों से परहेज करें—रात में शुगर तेजी से बढ़ सकती है।


ब्लड ग्लूकोज मॉनिटरिंग कब करें?

  • सहरी से पहले
  • दोपहर में
  • शाम (इफ्तार से पहले)
  • इफ्तार के 2 घंटे बाद

तुरंत रोज़ा तोड़ें यदि:

  • शुगर 70 mg/dL से कम या 300 mg/dL से ज्यादा हो
  • चक्कर, पसीना, कमजोरी, धुंधला दिखना, तेज धड़कन
  • डिहाइड्रेशन के लक्षण

हाइड्रेशन क्यों जरूरी है?

इफ्तार से सहरी के बीच 8–10 गिलास तरल लें:

  • सादा पानी / नींबू पानी
  • इन्फ्यूज्ड वाटर
  • छाछ
  • साफ सूप
  • हर्बल चाय

कैफीन सीमित रखें, क्योंकि यह डिहाइड्रेशन बढ़ा सकता है।


निष्कर्ष

रमजान और डायबिटीज साथ-साथ चल सकते हैं—बशर्ते तैयारी, संतुलन और मेडिकल निगरानी सही हो। अपनी दवाओं, भोजन और मॉनिटरिंग की स्पष्ट योजना बनाएं और किसी भी असामान्य लक्षण पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी विशेषज्ञों की राय और उपलब्ध अध्ययनों पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। रोज़ा रखने से पहले अपने डॉक्टर से व्यक्तिगत परामर्श अवश्य लें।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments