HomeHEALTHHealth Tips:एसिडिटी में कोल्ड ड्रिंक पीनी चाहिए या नहीं? जानिए सच

Health Tips:एसिडिटी में कोल्ड ड्रिंक पीनी चाहिए या नहीं? जानिए सच

खाना खाने के बाद कई लोगों को एसिडिटी, जलन या गैस की समस्या हो जाती है। ऐसे में कुछ लोग तुरंत राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक या सोडा पी लेते हैं। ठंडी और गैस वाली ड्रिंक पीने के बाद डकार आने से कुछ मिनटों के लिए हल्का महसूस हो सकता है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सच में एसिडिटी का इलाज है?

क्या सच में राहत मिलती है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, कोल्ड ड्रिंक में अधिक मात्रा में शुगर, कार्बन डाइऑक्साइड और एसिड होते हैं। गैस के कारण डकार जरूर आ सकती है, जिससे अस्थायी राहत का एहसास होता है, लेकिन यह एसिडिटी का इलाज नहीं है।

दरअसल, इन पेयों में मौजूद अतिरिक्त चीनी और एसिड पेट की अंदरूनी परत को और ज्यादा उत्तेजित कर सकते हैं। इससे एसिड रिफ्लक्स बढ़ सकता है और जलन की समस्या दोबारा हो सकती है। लंबे समय तक नियमित रूप से कोल्ड ड्रिंक पीना पाचन तंत्र के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे मोटापा, फैटी लिवर और डायबिटीज जैसी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।

एक्सपर्ट की राय

गैस्ट्रो और लाइफस्टाइल हेल्थ से जुड़े विशेषज्ञ Dr. Jaison P Sharma के अनुसार, लोगों को यह भ्रम होता है कि कोल्ड ड्रिंक एसिडिटी को ठीक करती है, जबकि असल में यह समस्या की वजह भी बन सकती है। कार्बन डाइऑक्साइड के कारण डकार आने से थोड़ी देर राहत महसूस होती है, लेकिन पेट में एसिड का स्तर कम नहीं होता।


एसिडिटी से राहत पाने के बेहतर विकल्प

विशेषज्ञ प्राकृतिक और हल्के उपाय अपनाने की सलाह देते हैं:

  • नारियल पानी – पेट को ठंडक देता है और एसिडिटी कम करने में मदद कर सकता है।
  • छाछ – पाचन सुधारने में सहायक।
  • सौंफ या जीरे का पानी – पारंपरिक रूप से गैस और अपच में फायदेमंद माना जाता है।
  • पुदीना या तुलसी की चाय – पेट को आराम पहुंचा सकती है।
  • दूध – कुछ लोगों को राहत देता है, लेकिन सभी पर समान असर नहीं होता।

खानपान में बदलाव भी जरूरी

  • बहुत ज्यादा मसालेदार और तला-भुना भोजन कम करें।
  • जल्दी-जल्दी खाने के बजाय आराम से और अच्छी तरह चबाकर खाएं।
  • एक बार में भारी भोजन करने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में खाएं।
  • खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें।

निष्कर्ष

एसिडिटी होने पर कोल्ड ड्रिंक पीना स्थायी समाधान नहीं है। यह कुछ मिनटों के लिए राहत दे सकती है, लेकिन लंबे समय में समस्या बढ़ा भी सकती है। बेहतर है कि प्राकृतिक उपाय अपनाएं और यदि समस्या बार-बार हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लें।

Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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