नई दिल्ली: दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से इलाज और बीमारी की पहचान की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। अब मरीज के डॉक्टर तक पहुंचने से पहले ही AI सिस्टम उसकी जांच रिपोर्ट का विश्लेषण कर संभावित संक्रमण, गांठ या अन्य असामान्यताओं की पहचान करता है।
एम्स में छाती का एक्स-रे होने के बाद AI सिस्टम तुरंत इमेज को स्कैन कर शुरुआती रिपोर्ट तैयार कर देता है। इससे न केवल मरीजों को रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ता, बल्कि डॉक्टर भी समय पर इलाज शुरू कर सकते हैं।
शुरुआती चरण में कैंसर और आंख की बीमारियों पर फोकस
एम्स की विशेषज्ञ टीम ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती संकेत पकड़ने के लिए AI आधारित तकनीक विकसित कर रही है। डॉक्टर कृतिका रंगराजन और उनकी टीम का कहना है कि शुरुआती पहचान होने पर इलाज अधिक प्रभावी और जीवन रक्षा की संभावना बढ़ जाती है।
साथ ही, ‘मधुनेत्र’ नामक पहल के जरिए AI सिस्टम आँख की तस्वीरों का विश्लेषण कर मधुमेह और रेटिना संबंधी समस्याओं का पता लगाता है। यह सुविधा ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में भी पहुँचाई जाएगी, ताकि बड़े शहरों जैसी उन्नत जांच उपलब्ध हो सके।
एम्स के विशेषज्ञों के मुताबिक, AI डॉक्टरों के लिए एक मजबूत सहायक साबित हो रहा है। अंतिम निर्णय डॉक्टर ही लेंगे, लेकिन AI मानवीय त्रुटियों को कम कर मरीजों को तेज़ और सुरक्षित इलाज की सुविधा देता है।


































