हाई ब्लड प्रेशर अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा। 20–30 साल के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह अक्सर बिना स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है, इसलिए इसे “साइलेंट किलर” कहा जाता है।
युवाओं में बीपी बढ़ने के मुख्य कारण
Max Healthcare की रिपोर्ट के अनुसार, बदलती लाइफस्टाइल इसकी सबसे बड़ी वजह है:
अनियमित जीवनशैली
- लंबे वर्किंग ऑवर
- कम नींद
- जंक और प्रोसेस्ड फूड
- शारीरिक गतिविधि की कमी
लगातार तनाव
तनाव बढ़ने पर शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (जैसे कॉर्टिसोल) बढ़ते हैं, जिससे ब्लड वेसल्स संकरी हो जाती हैं और बीपी बढ़ जाता है।
मोटापा
अधिक वजन दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है।
धूम्रपान और शराब
कम उम्र में इनकी आदतें हृदय और रक्तचाप पर नकारात्मक असर डालती हैं।
पारिवारिक इतिहास
अगर परिवार में पहले से हाई बीपी रहा है, तो जोखिम अधिक होता है।
क्या होते हैं लक्षण?
हाई बीपी अक्सर बिना लक्षण के होता है, लेकिन कुछ लोगों में ये संकेत दिख सकते हैं:
- सुबह सिरदर्द
- धुंधला दिखाई देना
- थकान
- घबराहट
- कभी-कभी नाक से खून आना
अगर इसे नजरअंदाज किया जाए, तो आगे चलकर यह हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डैमेज, आंखों की रोशनी में कमी और ब्रेन फंक्शन पर असर डाल सकता है।
कैसे करें बचाव?
कम उम्र में ही सावधानी बरतकर हाई बीपी को काफी हद तक रोका जा सकता है:
संतुलित आहार (फल, सब्जियां, साबुत अनाज, फाइबर)
नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करें
हफ्ते में कम से कम 5 दिन, 30 मिनट एक्सरसाइज
तनाव कम करने के लिए योग/मेडिटेशन
रोज 7–9 घंटे की नींद
धूम्रपान और शराब से दूरी
18 साल के बाद साल में कम से कम एक बार बीपी जांच
समय रहते उठाया गया छोटा कदम भविष्य की बड़ी बीमारियों से बचा सकता है।
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


































