आयुर्वेद में पैरों को शरीर का सबसे संवेदनशील और ऊर्जा से जुड़ा हिस्सा माना गया है। कहा जाता है कि पैरों में शरीर के कई महत्वपूर्ण बिंदु (एक्यूप्रेशर पॉइंट्स) होते हैं, जिनका सीधा संबंध आंतरिक अंगों से होता है। ऐसे में अगर पैरों को नमक मिले गुनगुने पानी में कुछ देर डुबोया जाए, तो इससे शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।
कैसे करता है नमक वाला पानी डिटॉक्स?
आयुर्वेद के अनुसार, नमक में शरीर से विषैले तत्वों (टॉक्सिन्स) को बाहर खींचने की प्राकृतिक क्षमता होती है। जब पैरों को नमक वाले गुनगुने पानी में डाला जाता है, तो त्वचा के रोमछिद्र खुलते हैं और शरीर में जमा अशुद्धियां बाहर निकलने लगती हैं। यही प्रक्रिया डिटॉक्स के रूप में काम करती है।
तनाव और थकान में मिलती है राहत
दिनभर की भागदौड़, मानसिक तनाव और शारीरिक थकान का असर सबसे पहले पैरों पर दिखता है। नमक वाले पानी में पैर डालने से नसें रिलैक्स होती हैं, जिससे दिमाग को भी शांति मिलती है। यह उपाय अनिद्रा और बेचैनी की समस्या में भी सहायक माना जाता है।
ब्लड सर्कुलेशन होता है बेहतर
गुनगुना पानी और नमक मिलकर पैरों में रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं। इससे पैरों में सूजन, भारीपन और अकड़न की समस्या कम हो सकती है। खासतौर पर जो लोग लंबे समय तक खड़े रहते हैं या बैठकर काम करते हैं, उनके लिए यह उपाय फायदेमंद है।
इम्युनिटी को भी मिल सकता है सपोर्ट
आयुर्वेद मानता है कि नियमित रूप से यह प्रक्रिया अपनाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिल सकती है। शरीर का संतुलन बेहतर होने से छोटी-मोटी बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है।
कैसे करें यह आयुर्वेदिक उपाय?
एक टब या बाल्टी में गुनगुना पानी लें।
इसमें 1–2 चम्मच सेंधा नमक या समुद्री नमक मिलाएं।
अब 10–15 मिनट तक पैरों को पानी में डुबोकर रखें।
इसके बाद पैरों को साफ पानी से धोकर सुखा लें।
ध्यान रखने वाली बातें
अगर पैरों में घाव, फंगल इंफेक्शन या किसी तरह की एलर्जी है, तो यह उपाय करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।


































