अगर आप पानी पीते ही 10–15 मिनट में टॉयलेट भागते हैं और ऐसा बार-बार हो रहा है, तो चिंता होना स्वाभाविक है। अच्छी बात यह है कि कई मामलों में यह सामान्य भी हो सकता है — लेकिन कुछ स्थितियों में यह किसी समस्या का संकेत भी देता है।
देवघर स्थित मधुमेह क्लिनिक के यूरोलॉजिस्ट Dr. Prabhat Kumar के अनुसार इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।
क्यों होता है ऐसा?
ओवरएक्टिव ब्लैडर (Overactive Bladder)
इस स्थिति में ब्लैडर की मांसपेशियां जरूरत से ज्यादा सिकुड़ती हैं।
- ब्लैडर पूरा भरा न हो तब भी पेशाब की तेज इच्छा होती है।
बहुत तेजी से ज्यादा पानी पीना
अगर आप एक साथ ज्यादा पानी पी लेते हैं, तो किडनी अतिरिक्त पानी तेजी से फिल्टर करती है, जिससे बार-बार पेशाब आता है। समाधान: पानी को दिनभर थोड़ा-थोड़ा करके पिएं।
यूरिन इन्फेक्शन (UTI)
- जलन
- बार-बार पेशाब
- अधूरा खाली होने का एहसास
ब्लड शुगर बढ़ना
अनियंत्रित डायबिटीज में भी बार-बार पेशाब लग सकता है।
कैफीन और शराब
चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स और शराब ब्लैडर को उत्तेजित कर सकते हैं।
तनाव और चिंता
एंग्जायटी ब्लैडर को ज्यादा संवेदनशील बना देती है, जिससे कम पेशाब बनने पर भी बार-बार जाने की इच्छा होती है।
कब समझें कि डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?
अगर इन लक्षणों के साथ बार-बार पेशाब आ रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:
- पेशाब में जलन या दर्द
- खून आना
- निचले पेट में दर्द
- बुखार
- रात में बार-बार उठना
- अचानक बहुत तेज पेशाब लगना
ये लक्षण UTI, ब्लैडर सूजन, पुरुषों में प्रोस्टेट समस्या या मेटाबॉलिक बीमारियों की ओर इशारा कर सकते हैं।
क्या करें जिससे राहत मिले?
पानी धीरे-धीरे और अंतराल पर पिएं
कैफीन और सॉफ्ट ड्रिंक कम करें
“जस्ट इन केस” बार-बार टॉयलेट जाने से बचें
तय समय पर पेशाब करने की आदत डालें
पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज (Kegel) करें
कभी-कभी पानी पीने के बाद पेशाब आना सामान्य है। लेकिन अगर यह रोजमर्रा की परेशानी बन जाए या अन्य लक्षण भी दिखें, तो इसे नजरअंदाज न करें।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी समस्या की स्थिति में योग्य डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

































