क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि सिर में तेज धड़कता दर्द शुरू हुआ और आपने उसे सिर्फ तनाव समझकर नजरअंदाज कर दिया? भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित दिनचर्या और जल्दबाजी में खाया गया खाना सिरदर्द को आम बना देता है। लेकिन हर बार सिरदर्द की वजह सिर्फ टेंशन नहीं होती। कई बार इसकी जड़ पेट की गड़बड़ी में छिपी होती है। आम बोलचाल में इसे गैस से होने वाला सिरदर्द या गैस्ट्रिक हेडेक कहा जाता है। आइए समझते हैं कि आखिर गैस सिर तक कैसे असर डालती है।
गैस्ट्रिक सिरदर्द सामान्य तनाव या साइनस से होने वाले सिरदर्द से अलग होता है। जब पाचन तंत्र में समस्या जैसे अपच, एसिडिटी या ज्यादा गैस बनती है, तो उसका असर शरीर के अन्य हिस्सों पर भी पड़ सकता है। पेट और दिमाग के बीच गहरा संबंध होता है। पाचन बिगड़ने पर कुछ लोगों को सिरदर्द की शिकायत होने लगती है। मसालेदार भोजन, अनियमित खानपान, अत्यधिक चाय-कॉफी का सेवन और लगातार मानसिक तनाव इस परेशानी को बढ़ा सकते हैं।
कब बढ़ती है परेशानी?
साधारण गैस्ट्रिक सिरदर्द और गैस्ट्रिक माइग्रेन में फर्क समझना जरूरी है। गैस्ट्रिक सिरदर्द हल्का या लंबे समय तक बना रहने वाला दर्द हो सकता है, जबकि गैस्ट्रिक माइग्रेन में तेज, धड़कन जैसा दर्द महसूस होता है। इसके साथ रोशनी और शोर से चिड़चिड़ाहट, मतली या उल्टी जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। दोनों ही स्थितियों में मूल कारण पाचन तंत्र की गड़बड़ी होती है।
अगर यह समस्या कभी-कभार हो तो ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं होती। लेकिन यदि बार-बार सिरदर्द होने लगे तो इसे हल्के में न लें। लगातार गैस से जुड़ा सिरदर्द क्रॉनिक गैस्ट्राइटिस, पेप्टिक अल्सर, गॉलब्लैडर की समस्या, इर्रिटेबल बॉवेल सिंड्रोम या एसिड रिफ्लक्स जैसी गंभीर स्थितियों का संकेत हो सकता है।
डॉक्टर से कब लें सलाह?
यदि सिरदर्द हफ्ते में दो से अधिक बार हो रहा है, बिना कारण वजन कम हो रहा है, बार-बार उल्टी हो रही है, पेट में तेज दर्द बना रहता है या घरेलू उपायों से राहत नहीं मिल रही, तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर एंडोस्कोपी जैसी जांच के जरिए पाचन तंत्र की स्थिति का पता लगाया जा सकता है।
इस समस्या का समाधान केवल दर्द निवारक दवा लेना नहीं है, बल्कि पाचन तंत्र को बेहतर बनाना जरूरी है। समय पर भोजन करना, हल्का और संतुलित आहार लेना, पर्याप्त पानी पीना और तनाव को नियंत्रित रखना काफी मददगार साबित हो सकता है। बार-बार होने वाले सिरदर्द को सिर्फ “सिर में गैस चढ़ गई” कहकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। समय रहते ध्यान न देने पर यह आगे चलकर गंभीर परेशानी बन सकता है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी विभिन्न शोध और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।


































