आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कोल्ड ड्रिंक और च्यूइंग गम आम आदत बन चुकी है। गर्मी हो या थकान, लोग तुरंत राहत के लिए कोल्ड ड्रिंक का सहारा लेते हैं, वहीं फ्रेशनेस के नाम पर च्यूइंग गम चबाना भी काफी प्रचलित है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये छोटी-सी लगने वाली आदतें आपकी सेहत के लिए बड़ी परेशानी बन सकती हैं?
माइग्रेन के मरीजों के लिए खतरा
कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कैफीन, आर्टिफिशियल स्वीटनर (जैसे एस्पार्टेम) और ठंडा तापमान माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। अचानक ठंडी चीज पीने से दिमाग की नसों पर असर पड़ता है, जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
वहीं, कई च्यूइंग गम में मौजूद आर्टिफिशियल फ्लेवर और स्वीटनर भी माइग्रेन अटैक को बढ़ाने का काम कर सकते हैं।
ब्लड शुगर पर असर
कोल्ड ड्रिंक में शुगर की मात्रा बेहद ज्यादा होती है। इसे पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए खासतौर पर खतरनाक है। लगातार सेवन करने से इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ सकता है।
शुगर-फ्री च्यूइंग गम को भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता, क्योंकि इनमें मौजूद आर्टिफिशियल स्वीटनर लंबे समय में मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकते हैं।
दांत और पेट की समस्याएं
कोल्ड ड्रिंक एसिडिक होती है, जो दांतों की एनामेल को कमजोर कर सकती है। इससे कैविटी और सेंसिटिविटी की समस्या बढ़ती है।
वहीं, च्यूइंग गम ज्यादा चबाने से पेट में गैस, एसिडिटी और जबड़े के दर्द की परेशानी हो सकती है।
कितनी मात्रा है सुरक्षित?
- कभी-कभार सीमित मात्रा में सेवन करें
- रोजाना कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें
- च्यूइंग गम चुनते समय सामग्री जरूर पढ़ें
- माइग्रेन या डायबिटीज की समस्या है तो डॉक्टर की सलाह लें
बेहतर विकल्प क्या हैं?
कोल्ड ड्रिंक की जगह नींबू पानी, नारियल पानी या सादा पानी बेहतर विकल्प हैं।
च्यूइंग गम की जगह सौंफ, इलायची या माउथ फ्रेशनर का सीमित इस्तेमाल किया जा सकता है।
निष्कर्ष:
कोल्ड ड्रिंक और च्यूइंग गम तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन लंबे समय में ये माइग्रेन, ब्लड शुगर और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसलिए बेहतर है कि इनका सेवन सोच-समझकर और सीमित मात्रा में ही किया जाए।


































