
प्रयागराज/लखनऊ, 14 नवंबर 2024: महाकुंभ 2025 के आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इन तैयारियों में विभिन्न परियोजनाओं का कार्य जोरों पर चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन सभी कार्यों की नियमित निगरानी करने का जिम्मा लिया है ताकि समय पर सभी परियोजनाएं पूरी हो सकें।
प्रमुख परियोजनाओं का कार्य
- सड़कों का चौड़ीकरण: मेला क्षेत्र में प्रमुख सड़कों को चौड़ा करने का कार्य जारी है। विशेष रूप से संगम तक जाने वाली सड़कों को 30 नवंबर तक चौड़ा किया जाएगा। इन सड़कों का नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण भी इस योजना का हिस्सा है।
- पार्किंग और अस्थाई सड़कें: 148 पार्किंग क्षेत्र और 488 किलोमीटर अस्थाई सड़कें बनाने का कार्य भी किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- मुख्य मंदिरों का जीर्णोद्धार: प्रयागराज के प्रमुख मंदिरों का पुनर्निर्माण भी दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। नागवासुकी और हनुमान मंदिर जैसे प्रमुख मंदिरों का पुनर्निर्माण कार्य नवंबर और दिसंबर तक पूरा किया जाएगा ।
- साइनेज और पाण्टून पुल: मेला क्षेत्र में 1500 साइनेज की स्थापना और 3308 पाण्टून पुलों का निर्माण भी चल रहा है। ये पुल मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए बनाए जा रहे हैं।
- सड़क पुनर्नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण: 92 सड़कों का पुनर्नवीनीकरण और 17 सड़कों का सौंदर्यीकरण 10 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा ।
30 नवंबर तक पूरा होगा कार्य
30 नवंबर तक सभी प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण और मेला क्षेत्र के विकास कार्य संपन्न हो जाएंगे। इसके बाद 10 दिसंबर तक सड़कों का पुनर्नवीनीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य भी पूरा हो जाएगा। इन परियोजनाओं की कुल लागत 1428.68 करोड़ रुपये है, और इन्हें तय समय सीमा में पूरा करने के लिए सभी विभाग सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
प्रमुख कार्यों की स्थिति
- कुल 83 परियोजनाओं में से 47 पूरी हो चुकी हैं।
- 15 नवंबर तक 10 और परियोजनाएं पूरी होने का लक्ष्य है।
- मेला क्षेत्र में 6 परियोजनाएं 30 नवंबर तक पूरी की जाएंगी।
- महत्वपूर्ण सड़क मार्गों पर कार्य जोरों पर हैं, जिनमें एयरपोर्ट रोड, रसूलाबाद घाट रोड और फाफामऊ-सहसो रोड शामिल हैं।
महाकुंभ 2025 के लिए प्रयागराज में विभिन्न परियोजनाओं का कार्य चल रहा है, जिनमें सड़कों का चौड़ीकरण, अस्थाई सड़कें, पार्किंग, मंदिरों का पुनर्निर्माण, और साइनेज की स्थापना शामिल है। इन कार्यों को 30 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में यह कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुल 89 परियोजनाओं में से 47 पूरी हो चुकी हैं, और शेष कार्यों को निर्धारित समय सीमा तक पूरा किया जाएगा।


































