
लखनऊ: प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित श्रीराम औद्योगिक अनाथालय से 9 नाबालिग लड़कियों के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने की घटना ने सनसनी फैला दी है। ये सभी लड़कियां पास्को एक्ट (POCSO Act) की पीड़िता थीं, और उनके गायब होने से अनाथालय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो लड़कियों को बरामद कर लिया है, जबकि बाकी सात लड़कियों की तलाश जारी है।
घटना का विस्तृत विवरण

अनाथालय से ये 9 लड़कियां जाली और ग्रिल काटकर गायब हुई हैं। प्रशासन का दावा है कि लड़कियां भाग गईं, लेकिन घटनास्थल पर मिले सबूत और हालात कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। शुरुआती जांच में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि लड़कियों को भगाया गया या उनका अपहरण किया गया हो सकता है।
अनाथालय में उत्पीड़न के आरोप
सूत्रों के मुताबिक, इस अनाथालय में बच्चियों को लगातार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। कुछ बच्चियों ने अधिकारियों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे, और यह माना जा रहा है कि इन्हीं प्रताड़नाओं से तंग आकर लड़कियों ने भागने का प्रयास किया। इस अनाथालय से पहले भी कई बार बच्चियां गायब हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी।
एसीपी वृजनारायण सिंह का महत्वपूर्ण बयान
घटना के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) वृज नारायण सिंह ने बताया
- “थाना अलीगंज में सुबह 3:45 बजे 9 लड़कियों के भाग जाने की सूचना प्राप्त हुई। पुलिस ने तुरंत घटना का संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई शुरू की।”
- “दो लड़कियों को तुरंत बरामद कर लिया गया है और बाकी सात की तलाश के लिए पुलिस पूरी कोशिश कर रही है।”
- “लड़कियों की तलाश रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में की जा रही है। पीड़िताओं के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है और हर संभावित कदम उठाए जा रहे हैं।”
श्रीराम औद्योगिक अनाथालय अराजक गतिविधियों का केंद्र
श्रीराम औद्योगिक अनाथालय पहले से ही विवादों में घिरा रहा है। सूत्रों की मानें तो यह संस्थान लंबे समय से अराजक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। कई बार इस संबंध में शिकायतें और खबरें सामने आईं, लेकिन आज तक प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। बच्चियों के गायब होने की यह घटना अनाथालय की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने सक्रियता दिखाई और तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। अब तक दो लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी सात लड़कियों की तलाश के लिए पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है।
प्रशासन और कानून व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने लखनऊ के प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। डीएम और एडीएम जैसे उच्च अधिकारियों की निगरानी में चल रहे अनाथालय से लड़कियों का भागना एक गंभीर सुरक्षा चूक की ओर इशारा करता है। सवाल उठ रहे हैं कि इतने कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बावजूद लड़कियां कैसे भागने में सफल हुईं ? यह घटना न केवल लखनऊ बल्कि देशभर के अनाथालयों की सुरक्षा और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुलिस अपनी जांच कर रही है, लेकिन लड़कियों का इस तरह से गायब होना समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक चेतावनी है।


































