
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को गति देने के लिए सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने, विशेष टास्क फोर्स गठित करने और अगले तीन माह तक सघन निगरानी अभियान चलाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े विकास कार्यों के साथ आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं का त्वरित समाधान भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। सड़कों की मरम्मत केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा हो और इसकी जवाबदेही भी तय की जाए।
विकास के साथ स्थानीय समस्याओं का समाधान भी जरूरी
डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, मेट्रो, एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं के विस्तार से प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार की संभावनाओं को नई दिशा मिली है।
उन्होंने प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और बजट के आकार में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। प्रदेश विकास, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। हालांकि, विकास का वास्तविक लाभ तभी व्यापक स्तर पर दिखाई देगा, जब आम नागरिकों को बेहतर सड़कें, सुगम आवागमन और स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
विधायक ने कहा कि भारी बारिश के कारण अनेक क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनकी मरम्मत में देरी से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सड़क मरम्मत के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करना और उनकी नियमित निगरानी करना आवश्यक है।
अतिरिक्त बजट और विशेष टास्क फोर्स का सुझाव
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में डॉ. राजेश्वर सिंह ने वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने और कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए।
उन्होंने अगले तीन माह तक विशेष निगरानी अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मरम्मत कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके और जहां काम में देरी हो रही हो, वहां समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
डॉ. सिंह के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान करना नहीं, बल्कि उनकी मरम्मत पूरी होने तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करना होना चाहिए। इससे सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग होगा और नागरिकों को समय पर राहत मिल सकेगी।
शहरों से गांवों तक तय हो अधिकारियों की जवाबदेही
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सड़क मरम्मत के कार्यों में स्पष्ट जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता भी उठाई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, नगर निगमों, नगर निकायों, जिला पंचायतों, विकास प्राधिकरणों और अन्य संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां निर्धारित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों की सूची तैयार की जाए। मरम्मत कार्यों के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने के साथ जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान भी सुनिश्चित होनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच तथा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था प्रभावी बनाई जाए।
विधायक ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क मरम्मत के कार्य केवल कागजों पर पूरे नहीं होने चाहिए। उनकी गुणवत्ता की जांच और जमीनी स्तर पर सत्यापन जरूरी है, ताकि कुछ समय बाद वही सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त होने की समस्या से बचा जा सके।
तीन महीने के निगरानी अभियान से मिलेगी जनता को राहत
डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि अतिरिक्त बजट, विशेष टास्क फोर्स और तीन माह के सघन निगरानी अभियान के माध्यम से सड़क मरम्मत के कार्यों में तेजी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि शहरों, कस्बों, वार्डों और गांवों में सड़कों की स्थिति में सुधार होने से आम नागरिकों, विद्यार्थियों, कामकाजी लोगों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सुगम आवागमन केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि जनसुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों से भी जुड़ा हुआ है। बेहतर सड़कें स्थानीय व्यापार, ग्रामीण संपर्क और क्षेत्रीय विकास को मजबूती प्रदान करती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार
डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने विकास, निवेश और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
उन्होंने कहा कि बड़े विकास लक्ष्यों को हासिल करने के साथ स्थानीय स्तर पर नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना भी सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से ही विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
डॉ. सिंह ने उम्मीद जताई कि सड़क मरम्मत के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था लागू करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, जिससे बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को राहत मिलेगी और प्रदेश की सड़क व्यवस्था अधिक सुरक्षित एवं सुगम बन सकेगी।


































