
लखनऊ, 29 अप्रैल 2026। सरोजनीनगर के विधायक ने उत्तर प्रदेश को महिला-नेतृत्व आधारित औद्योगिक विकास मॉडल (Women-Led Industrial Growth Model) के रूप में स्थापित करने के लिए “मुख्यमंत्री नारी शक्ति औद्योगिक प्रोत्साहन नीति” लागू करने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि के नेतृत्व में प्रदेश में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार हुआ है, जिसे अब आर्थिक विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का समय आ गया है।
महिला सशक्तिकरण से आर्थिक क्रांति की ओर
डॉ. राजेश्वर सिंह ने स्पष्ट कहा कि अब महिला सशक्तिकरण को केवल सामाजिक दायरे तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे राज्य की आर्थिक वृद्धि का आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन मिले, जिनमें कम से कम 75% कार्यबल महिलाएँ हों या जो पूरी तरह women-led enterprises के रूप में संचालित हों।
केंद्र सरकार की योजनाओं का असर
डॉ. सिंह ने के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के लिए चल रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्ज्वला योजना, जन धन योजना, मुद्रा योजना, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” और स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि यदि इन पहलों का समन्वय प्रदेश स्तर की औद्योगिक नीति से किया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश में महिला-आधारित आर्थिक विकास का अग्रणी मॉडल बन सकता है।
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय उदाहरणों से मजबूत तर्क
अपने प्रस्ताव को मजबूत करने के लिए डॉ. सिंह ने वैश्विक उदाहरण दिए। उन्होंने बताया कि जापान और जर्मनी जैसे देशों में महिला श्रम भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
वहीं वियतनाम के टेक्सटाइल सेक्टर और Samsung Vietnam में महिलाओं की बड़ी भागीदारी ने निर्यात में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
भारत में बेंगलुरु की गारमेंट इंडस्ट्री और केरल के ‘कुडुम्बश्री’ मॉडल ने महिला रोजगार और उद्यमिता का सफल उदाहरण प्रस्तुत किया है।
यूपी में महिला-प्रधान उद्योगों की अपार संभावनाएं
डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश में कई ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित किया, जहाँ महिला-प्रधान उद्योग तेजी से विकसित हो सकते हैं, जैसे—
टेक्सटाइल, गारमेंट, फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, ODOP, चिकनकारी, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली, फार्मा पैकेजिंग, BPO, सैनिटरी प्रोडक्ट्स, एग्री-बेस्ड इंडस्ट्री और सोलर असेंबली।
उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन
उन्होंने प्रस्तावित नीति के तहत कई अहम प्रोत्साहनों की मांग की, जिनमें—
- SGST reimbursement
- स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट
- 50–75% तक बिजली दर में सब्सिडी
- सोलर सब्सिडी
- सस्ती औद्योगिक भूमि और महिला इंडस्ट्रियल पार्क
- प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स
- बिना गारंटी के लोन और ब्याज में छूट
- सरकारी खरीद में प्राथमिकता
- वर्किंग वुमेन हॉस्टल, ट्रांसपोर्ट और क्रेच सुविधाएं
सामाजिक और आर्थिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम
डॉ. सिंह का मानना है कि इस नीति से महिला रोजगार में भारी वृद्धि होगी, परिवारों की आय बढ़ेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य स्तर सुधरेगा, पलायन में कमी आएगी और सामाजिक स्थिरता को मजबूती मिलेगी।
ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी की ओर मजबूत पहल
उन्होंने इस प्रस्ताव को केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को Trillion Dollar Economy बनाने की दिशा में एक ठोस आर्थिक सुधार बताया।
डॉ. राजेश्वर सिंह का यह प्रस्ताव अगर लागू होता है, तो उत्तर प्रदेश न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर Women Manufacturing Hub के रूप में अपनी अलग पहचान बना सकता है।


































