अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास द्वारा “द ह्यूमन कॉस्ट ऑफ टेररिज्म” नाम से एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई, जिसमें 19 अमेरिकी सांसद और करीब 60 संसदीय स्टाफ ने हिस्सा लिया। यह प्रदर्शनी पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी के अवसर पर लगाई गई थी।
इस आयोजन का उद्देश्य आतंकवाद के मानवीय प्रभाव को उजागर करना और खासतौर पर पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना था। प्रदर्शनी में 9/11 हमले से बचे एक व्यक्ति और पेंटागन से जुड़े एक रेस्पॉन्डर ने वर्चुअल रूप से अपने अनुभव साझा किए, जिससे कार्यक्रम का प्रभाव और गहरा हुआ।
कार्यक्रम में अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा मौजूद रहे। उनके साथ हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी की दक्षिण एवं मध्य एशिया उपसमिति के अध्यक्ष बिल हुइज़ेंगा भी शामिल हुए।
अपने संबोधन में क्वात्रा ने कहा कि भारत के लिए आतंकवाद कोई दूर की समस्या नहीं, बल्कि एक वास्तविक और दर्दनाक अनुभव है। उन्होंने पिछले बड़े आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए बताया कि 1993 मुंबई बम धमाके, भारतीय संसद हमला 2001 और 26/11 मुंबई आतंकी हमला जैसे हमलों ने देश को गहरा आघात पहुंचाया है।
कार्यक्रम में ब्रैड शेरमन, ब्रैड श्नाइडर, माइकल बॉमगार्टनर, रिच मैककॉर्मिक और क्रिस कून्स सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।
इस प्रदर्शनी के जरिए सभी प्रतिभागियों ने आतंकवाद से होने वाले नुकसान और उसके मानवीय पहलुओं को करीब से समझा। यह आयोजन भारत और अमेरिका के बीच आतंकवाद के खिलाफ साझा चिंता और सहयोग को भी मजबूती देने वाला माना जा रहा है।


































