मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ता जा रहा है। ईरान ने अपनी राजधानी तेहरान समेत कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिस्टम संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को इंटरसेप्ट करने के लिए लगातार काम कर रहा है, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं।
इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर टकराव और तेज हो गया है। नाकेबंदी के चलते वैश्विक तेल सप्लाई पर असर पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना को निर्देश दिया है कि माइन्स बिछाने वाली किसी भी संदिग्ध नाव को तुरंत नष्ट कर दिया जाए। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस समय होर्मुज क्षेत्र पर अमेरिका का नियंत्रण है।
इजरायल की सख्त चेतावनी
हालात को और गंभीर बनाते हुए इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा है कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार है और संभावित लक्ष्यों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए अमेरिका की ‘ग्रीन सिग्नल’ का इंतजार किया जा रहा है।
ईरान की शर्त
ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसकी कथित जब्त की गई लगभग 11 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति वापस नहीं की जाती, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला जाएगा।
भारत की एडवाइजरी और बढ़ती चिंता
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारत ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने या क्षेत्र छोड़ने की सलाह दी है। हाल ही में एक जहाज को ईरानी बलों द्वारा रोके जाने की घटना ने भी चिंता बढ़ा दी है, हालांकि भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए गए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया को एक बड़े संकट की ओर धकेल दिया है, जहां सैन्य तैयारियां, आर्थिक दबाव और कूटनीतिक गतिरोध एक साथ सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो इसका असर वैश्विक सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ सकता है।


































