अक्सर बच्चों के रिपोर्ट कार्ड को उनकी मेहनत, ध्यान और बुद्धिमत्ता से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन हाल की एक स्टडी बताती है कि शैक्षणिक प्रदर्शन सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि घर का वातावरण भी इसमें अहम भूमिका निभाता है। खराब आवासीय स्थितियां—जैसे भीड़भाड़, सीलन, पर्याप्त हीटिंग का अभाव या पढ़ाई के लिए अलग जगह न होना—बच्चों की सेहत और पढ़ाई दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।
क्या कहती है स्टडी?
Journal of Epidemiology and Community Health में प्रकाशित शोध के मुताबिक, खराब गुणवत्ता वाले घरों में रहने वाले बच्चे स्कूल से अधिक अनुपस्थित रहते हैं और अंग्रेजी व गणित जैसे विषयों में अपेक्षाकृत कम अंक प्राप्त करते हैं।
इंग्लैंड में किए गए इस विश्लेषण में पाया गया कि ऐसे बच्चे औसतन 15 दिन अधिक स्कूल मिस करते हैं। इसके साथ ही, उनके टेस्ट स्कोर बेहतर परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों की तुलना में कम रहे।
किन बच्चों पर हुआ अध्ययन?
शोध में 2000 से 2002 के बीच जन्मे 8,992 बच्चों के आंकड़ों का अध्ययन किया गया। सात वर्ष की आयु में उनके घरों को छह मानकों पर परखा गया:
- घर का प्रकार
- मंजिल
- बगीचे की उपलब्धता
- सीलन
- पर्याप्त हीटिंग
- भीड़भाड़
करीब 16 प्रतिशत बच्चे ऐसे घरों में पाए गए जो इन छह में से कम से कम दो मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। इन बच्चों ने कक्षा 1 से 11 के दौरान हर साल औसतन 1.5 दिन अधिक अनुपस्थिति दर्ज की।
सीलन, भीड़भाड़ और फ्लैट में रहने की स्थिति का संबंध अधिक अनुपस्थिति से सबसे ज्यादा जुड़ा पाया गया। वहीं, ग्रेड के स्तर पर देखा गया कि इन बच्चों के अंग्रेजी और गणित के अंक 2 से 5 प्रतिशत तक कम रहे।
विशेषज्ञों की राय
शोधकर्ताओं के अनुसार, भीड़भाड़ वाले घरों में शोर, पढ़ाई के लिए पर्याप्त स्थान की कमी, नींद में व्यवधान और छोटे भाई-बहनों की देखभाल जैसी जिम्मेदारियां बच्चों की एकाग्रता को प्रभावित करती हैं। दूसरी ओर, सीलन और ठंडे घर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ावा देते हैं, जिससे स्कूल से अनुपस्थिति बढ़ सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि आवास की गुणवत्ता सुधारी जाए—जैसे सीलन कम करना, भीड़भाड़ घटाना और हीटिंग व्यवस्था बेहतर बनाना—तो बच्चों की सेहत और शैक्षणिक प्रदर्शन दोनों में सुधार संभव है। बेहतर आवास से स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हो सकता है।
यह स्पष्ट है कि बच्चों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत क्षमता पर निर्भर नहीं करती, बल्कि घर का वातावरण भी उनकी पढ़ाई और भविष्य को प्रभावित करता है।
Disclaimer: यह जानकारी शोध अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे चिकित्सकीय सलाह का विकल्प न समझें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले योग्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


































