मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान की नौसेना पर बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ईरान के 9 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर समुद्र में डुबो दिया है। उनके अनुसार, अभियान अभी जारी है और शेष जहाजों को भी निशाना बनाया जा रहा है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर बताया कि नष्ट किए गए जहाजों में कुछ बड़े और रणनीतिक रूप से अहम पोत भी शामिल थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक अलग हमले में ईरान के नौसेना मुख्यालय को गंभीर क्षति पहुंचाई गई है।
दूसरी ओर, ईरान की सरकारी एजेंसी Islamic Republic News Agency (IRNA) ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के हवाले से कहा कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य के करीब नहीं पहुंची।
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि अभियान के दौरान ईरान के 48 शीर्ष नेताओं और सैन्य अधिकारियों की मौत हुई है। उनका कहना है कि ईरान के नए नेतृत्व की ओर से बातचीत के संकेत मिले हैं और अमेरिका ने वार्ता के लिए सहमति दे दी है।
ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद देश में नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन Tom Cotton ने संकेत दिया है कि ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को निशाना बनाने की कार्रवाई आगे भी जारी रह सकती है।
जहां वॉशिंगटन सैन्य दबाव बनाए रखने की बात कर रहा है, वहीं तेहरान इन हमलों को अवैध करार दे रहा है। दोनों देशों के दावों और प्रतिदावों के बीच क्षेत्रीय स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर वैश्विक निगाहें टिकी हैं।


































