अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर तेहरान को अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप के अनुसार, अगर अगले 10 दिनों में सार्थक समझौता नहीं होता है, तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।
ट्रंप का बयान और अल्टीमेटम
- ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक रही है, लेकिन अगर सार्थक समझौता नहीं हुआ तो परिणाम गंभीर होंगे।
- उन्होंने बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में यह भी बताया कि 10 दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
- अमेरिकी शीर्ष सलाहकारों के साथ मीटिंग के बाद ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के करीब पहुंचने का संकेत दिया।
अमेरिकी सैन्य तैयारी
- अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में F-22 और F-35 फाइटर जेट्स तैनात किए हैं।
- दो एयरक्राफ्ट कैरियर बैटल ग्रुप – USS Abraham Lincoln और USS Gerald R – को तैनात किया गया।
- इस सप्ताह कम से कम 50 अतिरिक्त फाइटर जेट, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग टैंकर और अन्य विमान भी क्षेत्र में भेजे गए।
इजरायल और ब्रिटेन का रुख
- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी कि अगर ईरान हमला करता है तो उसका भारी जवाब मिलेगा।
- ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने से रोक लगा दी, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो सकता है।
अन्य देशों की प्रतिक्रिया
- पोलैंड के प्रधानमंत्री ने अपने नागरिकों से ईरान छोड़ने की अपील की।
- अमेरिका के संभावित हमले के मद्देनजर ईरान ने अलर्ट मोड और नो-फ्लाई जोन (NOTAM) लागू किया है।
- ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने कहा कि देश किसी पर पहले हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर हमला हुआ तो जवाब दिया जाएगा।


































