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उत्तर प्रदेश बजट 2026–27: विकास, सुशासन और दूरदर्शी नेतृत्व का ऐतिहासिक दस्तावेज – डॉ. राजेश्वर सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के तृतीय दिवस पर वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹9,12,696.35 करोड़ का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया। सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने इस बजट को राज्य के समग्र, समावेशी और सतत विकास का व्यापक रोडमैप बताते हुए इसे निर्णायक शासन और दूरदर्शी नेतृत्व का सशक्त प्रमाण कहा।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह बजट केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर करने वाला विजन डॉक्यूमेंट है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दृढ़, पारदर्शी और परिणामोन्मुख नेतृत्व में प्रदेश ने विकास, निवेश और सुशासन का नया मानक स्थापित किया है।

₹9.13 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट: सर्वांगीण विकास की मजबूत आधारशिला

डॉ. सिंह ने कहा कि ₹9.12 लाख करोड़ से अधिक आकार वाला यह बजट प्रदेश के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत की वृद्धि यह दर्शाती है कि राज्य की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो रही है और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता निरंतर मजबूत हो रही है।

उन्होंने कहा कि एक ही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया यह 10वां बजट नीति-निरंतरता, प्रशासनिक स्थिरता और दीर्घकालिक योजना आधारित शासन का प्रतीक है। यह बजट अल्पकालिक राजनीति नहीं, बल्कि दीर्घकालिक विकास दृष्टि को सामने रखता है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक सुदृढ़ीकरण: रोजगार और निवेश का विस्तार

बजट में ₹2 लाख करोड़ से अधिक की धनराशि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास एवं आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए प्रस्तावित की गई है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सड़कों, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक गलियारों, लॉजिस्टिक्स पार्क, एयरपोर्ट और शहरी बुनियादी ढाँचे पर निवेश प्रदेश को निवेश का प्रमुख केंद्र बनाएगा।

उन्होंने कहा कि मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर न केवल निवेश आकर्षित करता है, बल्कि व्यापक स्तर पर रोजगार सृजन का माध्यम भी बनता है। यह बजट युवाओं को अवसर देने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाई तक ले जाने की दिशा में निर्णायक कदम है।

पूंजीगत व्यय में वृद्धि: दीर्घकालिक परिसंपत्तियों के निर्माण पर जोर

कुल बजट का लगभग 19.5 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किया गया है। डॉ. सिंह ने कहा कि यह निर्णय भविष्य उन्मुख सोच का परिचायक है। पूंजीगत व्यय से दीर्घकालिक परिसंपत्तियों का निर्माण होता है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को स्थायी लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि यह बजट केवल तात्कालिक आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं करता, बल्कि आने वाले दशकों के विकास की नींव भी तैयार करता है।

शिक्षा और स्वास्थ्य: मानव संसाधन विकास की प्राथमिकता

बजट में शिक्षा के लिए 12.4 प्रतिशत तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 6 प्रतिशत आवंटन किया गया है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने इसे मानव पूंजी निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ किसी भी राज्य के दीर्घकालिक विकास की आधारशिला होती हैं। प्रदेश सरकार का यह दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि विकास केवल भौतिक संरचनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि मानव संसाधन को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: किसान समृद्धि की दिशा में ठोस पहल

कृषि एवं सम्बद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत आवंटन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डॉ. सिंह ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी आय वृद्धि तथा उत्पादकता में सुधार सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि यह बजट सिंचाई, कृषि अवसंरचना, भंडारण और मूल्य संवर्धन पर बल देकर किसानों को सशक्त बनाने का कार्य करेगा।

नई योजनाओं के लिए विशेष प्रावधान: नवाचार और विस्तार का संकेत

₹43,565 करोड़ से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह सरकार की नवाचार और विस्तार की नीति को दर्शाता है। नई योजनाएँ प्रदेश के विकास को नई दिशा देंगी और विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं।

सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन: अनुशासन और पारदर्शिता का उदाहरण

डॉ. सिंह ने बताया कि 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग की संस्तुतियों के अनुरूप वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटे की सीमा 3 प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2030-31 तक लागू रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वित्तीय अनुशासन और ऋण नियंत्रण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2016-17 में 29.3 प्रतिशत ऋण-जीएसडीपी अनुपात की स्थिति से आगे बढ़ते हुए सरकार ने इसे वर्ष 2019-20 तक घटाकर 27.9 प्रतिशत किया। यह वित्तीय प्रबंधन की दक्षता और सुशासन का स्पष्ट प्रमाण है।

युवा, महिला और उद्यमियों के लिए अवसरों का विस्तार

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि यह बजट युवा ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और उद्यमिता को नई गति देगा। कौशल विकास, स्वरोज़गार और औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देकर सरकार आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और उद्यमी-सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो समावेशी विकास की भावना को दर्शाता है।

ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर आत्मविश्वासी उत्तर प्रदेश

डॉ. राजेश्वर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन और आर्थिक प्रगति की राह पर मजबूती से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

उन्होंने कहा कि जब सरकार दीर्घकालिक नीतियों, सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और जनकल्याणकारी दृष्टिकोण के साथ कार्य करती है, तो विकास स्वतः दिखाई देता है। यह बजट नवनिर्माण, आत्मनिर्भरता और समृद्धि का ऐतिहासिक दस्तावेज सिद्ध होगा।

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