हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर ‘गोल्ड डिगर’ शब्द को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। एक्ट्रेस दिव्या अग्रवाल को लेकर हुए विवाद के बाद यह शब्द सुर्खियों में आया, जब उन्हें एक रियलिटी शो के दौरान ‘गोल्ड डिगर’ कहा गया। इससे पहले भी कई जानी-मानी एक्ट्रेसेस को इस तरह के आरोपों का सामना करना पड़ा है।
दिव्या अग्रवाल ने बिजनेसमैन अपूर्व पडगांवकर से शादी की है। उनकी सगाई के समय भी सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उन्हें ‘गोल्ड डिगर’ कहा था, जिसका दिव्या ने खुलकर जवाब दिया था। अब रियलिटी शो के दौरान हुए विवाद के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
‘गोल्ड डिगर’ क्या होता है?
‘गोल्ड डिगर’ एक नकारात्मक शब्द है, जिसका इस्तेमाल ऐसे व्यक्ति के लिए किया जाता है जो प्यार या भावनाओं की बजाय पैसे, संपत्ति, महंगे तोहफों या आर्थिक फायदे के लिए किसी अमीर व्यक्ति के साथ रिश्ता बनाता है या शादी करता है। यह शब्द अक्सर ट्रोलिंग या जजमेंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है, न कि किसी पुख्ता तथ्य के आधार पर।
एक्ट्रेसेस पर क्यों लगते हैं ऐसे आरोप?
बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री की कई एक्ट्रेसेस को निजी जिंदगी के फैसलों की वजह से इस तरह के तानों का सामना करना पड़ा है।
- सुष्मिता सेन को ललित मोदी के साथ रिलेशनशिप की खबरों के दौरान सोशल मीडिया ट्रोलिंग झेलनी पड़ी थी।
- समांथा रूथ प्रभु को तलाक के बाद एलीमनी से जुड़ी अफवाहों के कारण ‘गोल्ड डिगर’ कहा गया, जिसका उन्होंने खुद खंडन किया था।
- मलाइका अरोड़ा को भी अरबाज खान से तलाक के बाद इसी तरह की टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था।
इन मामलों में देखा गया है कि बिना पूरी जानकारी के ही महिलाओं को जज कर लिया जाता है, जबकि सच अक्सर अफवाहों से काफी अलग होता है।
सोशल मीडिया जजमेंट पर सवाल
सेलेब्रिटीज की पर्सनल लाइफ अक्सर लोगों के निशाने पर रहती है। किसी महिला का रिश्ता, शादी या तलाक होते ही उसके इरादों पर सवाल उठाना और उसे ‘गोल्ड डिगर’ जैसे टैग देना आज सोशल मीडिया की आम समस्या बन चुकी है।
कई एक्ट्रेसेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा है कि रिश्ते पैसे से नहीं, आपसी समझ और सम्मान से चलते हैं।


































