न्यूबॉर्न और छोटे बच्चों में कब्ज़ होना कई माता-पिता के लिए चिंता का कारण बन सकता है। अक्सर यह समझ पाना मुश्किल होता है कि बच्चा सच में कब्ज से परेशान है या यह उसकी उम्र के हिसाब से सामान्य है। शिशुओं में कब्ज का मतलब होता है कि उनका मल सख्त हो गया है या उन्हें मल त्यागने में परेशानी और दर्द हो रहा है।
कब्ज़ के संकेत:
- बच्चा बार-बार चिड़चिड़ा या बेचैन होना
- उल्टी या पेट फूलना
- मल सख्त, सूखा या दर्द के साथ निकलना
- बड़े बच्चों में हफ्ते में तीन बार से कम मल जाना
- अंडरवियर में मल के निशान या मल में खून आना
कब बनता है कब्ज:
कब्ज तब होती है जब मल लंबे समय तक आंतों में रहता है और वहां से अधिक पानी सोख लिया जाता है। शिशुओं में इसका कारण हो सकता है:
- ठोस आहार की शुरुआत
- ब्रेस्ट मिल्क से फॉर्मूला दूध पर शिफ्ट होना
- पर्याप्त पानी या तरल न मिलना
- माहौल में बदलाव
- टॉयलेट ट्रेनिंग का डर या पहले दर्दनाक अनुभव
- कुछ दवाइयां या आंतों की बीमारियां
घर पर क्या करें:
- दो महीने से बड़े शिशुओं को डॉक्टर की सलाह से थोड़ा पानी या फल का जूस दें
- चार महीने के बाद ठोस आहार में फाइबर शामिल करें
- बड़े बच्चों को पर्याप्त पानी, फल-सब्जी और साबुत अनाज दें
- टॉयलेट ट्रेनिंग के दौरान बच्चे को दबाव न डालें
कब डॉक्टर से मिलें:
- दो महीने से कम उम्र के शिशु में तीन दिन तक मल न आए
- उल्टी या लगातार चिड़चिड़ापन हो
- सही समय पर डॉक्टर की मदद से कब्ज को आसानी से संभाला जा सकता है
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। नई गतिविधि या आहार अपनाने से पहले विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।


































