
लखनऊ: सरोजनीनगर से भाजपा विधायक एवं पूर्व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय द्वारा की गई टिप्पणी के बाद प्रदेश की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अजय राय ने एक सार्वजनिक बयान में डॉ. राजेश्वर सिंह पर प्रदेश और देश को “लूटने” जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसे भाजपा नेताओं और समर्थकों ने पूरी तरह निराधार, आपत्तिजनक और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित करार दिया है।
अजय राय ने अपने बयान में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को लेकर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल डराने के लिए किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने डॉ. राजेश्वर सिंह की पूर्व सेवाओं से जुड़ी एजेंसी को लेकर भी बिना किसी ठोस प्रमाण के आरोप लगाए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान को भाजपा ने न सिर्फ एक जनप्रतिनिधि की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया है, बल्कि इसे संस्थाओं और प्रशासनिक सेवाओं का अपमान भी करार दिया है।
डॉ. राजेश्वर सिंह की साफ-सुथरी छवि और सेवा का हवाला
भाजपा नेताओं का कहना है कि डॉ. राजेश्वर सिंह देश के उन चुनिंदा अधिकारियों में रहे हैं, जिन्होंने अपने पूरे सेवाकाल में ईमानदारी, सख्ती और कानून के राज को प्राथमिकता दी। उनके कार्यकाल में कई बड़े आर्थिक अपराधों, माफिया नेटवर्क और भ्रष्टाचार के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई हुई, जिससे अपराधियों और उनके राजनीतिक संरक्षकों में असहजता स्वाभाविक है।
भाजपा का आरोप है कि इसी ईमानदार छवि और जनसमर्थन से घबराकर कांग्रेस नेतृत्व तथ्यहीन आरोपों का सहारा ले रहा है। पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि बिना किसी सबूत के इस तरह के बयान लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।
लखनऊ में समर्थकों का विरोध प्रदर्शन, माफी की मांग
अजय राय के बयान के विरोध में डॉ. राजेश्वर सिंह के समर्थकों ने लखनऊ में विरोध प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन शहीद पथ तिराहा, कानपुर रोड स्थित होटल हॉलिडे इन के सामने आयोजित किया गया, जहां सुबह 11 बजे से ही बड़ी संख्या में समर्थक जुटने लगे।
प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनकी टिप्पणी की कड़ी निंदा की और तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एक जिम्मेदार राजनीतिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा और आरोपों से बचना चाहिए।
प्रशासन सतर्क, हालात पर नजरप्रदर्शन
के दौरान स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी अप्रिय घटना की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन माहौल को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
जनता का स्पष्ट संदेश
सरोजनी नगर की janta ने साफ कहा है कि डॉ. राजेश्वर सिंह के सम्मान और छवि से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जनता ने प्रदर्शन के माध्यम से यह बता दिया है कि यदि इस तरह की बयानबाजी जारी रही और माफी नहीं मांगी गई, तो इसका अभी और bhi कड़ा विरोध किया जाएगा।


































