अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया है कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को उन्होंने रोका था. व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि दोनों देश गंभीर सैन्य टकराव की स्थिति में थे और हालात परमाणु युद्ध तक जा सकते थे. यह बयान ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ के मौके पर दिया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बीते 10 महीनों में उन्होंने ऐसे 8 युद्ध खत्म कराए जो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे. उन्होंने भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस दौरान 8 विमान गिराए गए और उनके आकलन में दोनों देश परमाणु टकराव के करीब पहुंच चुके थे. ट्रंप ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनसे निजी तौर पर कहा था कि उनकी पहल से लाखों लोगों की जान बची.
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद को हर एक युद्ध रोकने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार का हकदार बताया. उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है, जब वे पहले भी सार्वजनिक मंचों से नोबेल पुरस्कार के लिए अपनी दावेदारी जताते रहे हैं. हालांकि अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला है.
भारत का स्पष्ट रुख
भारत सरकार ने ट्रंप के इन दावों को बार-बार खारिज किया है. भारत का कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम किसी भी बाहरी मध्यस्थता का नतीजा नहीं था. भारत के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी. इसके बाद 10 मई 2025 को पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क कर संघर्ष विराम का अनुरोध किया, जिसे दोनों देशों ने आपसी सहमति से लागू किया.
द्विपक्षीय मामलों में बाहरी हस्तक्षेप से इनकार
भारत ने दोहराया है कि उसके आंतरिक और द्विपक्षीय मामलों में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की कोई भूमिका नहीं रही है. सरकार का रुख साफ है कि भारत-पाकिस्तान के बीच बातचीत और फैसले केवल दोनों देशों के बीच ही होते हैं.


































